।।हर घर में  बेटी है और हर चौहराहे पर बहशी है ।।

आज जो माहोल हम देख रहें है वो शायद ही कभी हो होगा ।ये जो 

दरिंदगी दिखाई गई है इसकी सजा मौत से कहीं बढ़ कर मिलनी चाहिए ।

ये तभी रुकेगा जब तंत्र  हो सरकारी तंत्र  हो सुधरे ।

ये तभी रुकेगा जब पुलिस जनता की मित्र बने ।

ये तभी रुकेगा जब देश में हर मंडल में सर्वोच्च न्यायालय  हो ।

ये तभी रुकेगा जब हर जिले में उच्च न्यायालय हो ।

ये तभी रुकेगा जब हर जिले में दो फांसी घर हों ।

ये तभी रुकेगा जब देश में एक सशक्त लोकपाल हो और सजा सभी के 

लिए समान हो ।

ये तभी रुकेगा जब दागी मंत्री,दागी कर्मचारी तुरंत बर्खास्त हों और उनको 

सजा मिले|

ये तभी रुकेगा जब दागी लोगों को कोई सम्मान जनक उच्च पद के लिए 

टिकट न दिया जाये ।

ये तभी रुकेगा जब एक साफ़ सुथरी ईमानदार छवि का व्यक्ति ही नेता 

बने और देश की बाग़ डोर संभाले ।

ये तभी रुक सकता जब देश के सभी बेरोजगारों को रोजगार मिले क्यूंकि 

बेकारी के कारण,भूक के कारण मनुष्य पाप करने पर विवश है ।

ये तभी रुकेगा जब सरकारी स्कूल पर भी ध्यान दिया जाए ।वहां शिक्षा 

की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है । प्रश्न उठता है की आज 

कोई बड़ा अधिकारी -कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में क्यों 

नही पढने भेजता ? अगर सरकारी प्राथमिक,उच्च प्राथमिक स्कूल भी 

आधुनिक 

व्यवस्था से पूर्ण हों जिनमें सभी बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें ।

ये तभी रुकेगा जब महिलाओं का सम्मान सामाजिक,नैतिक और देश

 स्तर पर हो ।

ये तभी रुकेगा जब कानून में संसोधन हो कि समय सीमा निर्धारित की 

जाए कि ये अमुख मुकदमा एक महीने के अन्दर निपटना आवश्यक है ।

आप सभी ने देखा होगा कि दो पीड़ियाँ गुजर  जाती है और न्याय नही 

मिलता और जब मिलता भी है तो अमुक इंसान दुनिया से जा चुका होता है ।

और न्याय भी सस्ता मिले एक तो आदमी बर्बाद हो चुका है तभी वो 

न्यायालय की शरण मैं आया है अब वो झोला भर के नोट कहाँ से लाये ।

और रोज़ रोज़ कचहरी कैसे आये जाए ? इस ओर भी ध्यान दिया जाये ।

ये तभी रुकेगा जब सचमुच मानसिकता में परिवर्तन हो ।

ये तभी रुकेगा जब समाज में अश्लील फिल्में आना बंद हो,अश्लील टीवी 

विज्ञापन बंद हों । ये आधुनिक कारों गाड़ियों के प्रचार में अर्द्धनग्न 

लड़कियों को दिखाना बंद हो ।

ये तभी रुकेगा जब समाज में जगुरुकता आये ।

आदरणीय एक प्रश्न उठता है हमारे दिल में कि जो कुछ लोग इतनी 

कडाके के ठण्ड में सड़कों पर पड़े है भूके,अर्धनग्न अवस्था में,सरकारी 

योजनायें उन गरीबों तक क्यों नहीं पहुँचती ?
..................................................................

आकांक्षा सक्सेना 

जिला -औरैया 

उत्तर प्रदेश 

http://akaksha11.blogspot.com

Comments

  1. समाज को बदलने लिए हमें अपना दिल बदलना होगा.

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