रक्त प्रदाता : जीवन दाता




 .. प्रत्यक्ष अवतार श्री योगेश राज श्रीवास्तव जी...

















मिलिये भारतरत्न और पद्मविभूषण के लायक कलयुग के अवतार श्री योगेश राज श्रीवास्तव जी से :


             प्रत्यक्ष अवतार

      रक्त प्रदाता :  जीवन दाता

..............................................................
 
दोस्तों आपको तो पता ही होगा कि हमारी भारत भूमि पावन देवी - देवताओं की जननी मानी गयी है और हमारे देश में इतने महान समाज सुधारक हुऐ हैं जिन्होंने पूरे देश - दुनिया को उन्नत सोच के साथ - साथ उन्नत दिशा भी दी कि जिससे हमारा समाज एक उन्नत समाज बने और हमारे देश के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग बने | दोस्तों, हमारी पृथ्वी पर जो भी महान लोग अवतरित हुए उन्होंने श्रेष्ठ सामाजिक कल्याणकारी कर्म किये और लोगों का सही मार्गदर्शन किया जिससे वो जनप्रिय और लोकप्रिय बने और बाद में समाज ने उनको एक नाम दिया 'अवतार' | दोस्तों, अवतार के मायने हैं, समाज में उन्नत बदलाव के लिये भगवान के द्वारा भेजे गये दिव्य दूत जिनका मात्र एक ही उद्धेश्य होता है, इंसानियत की रक्षा करना | जिनका सम्पूर्ण जीवन समाज में कल्याणकारी कार्य करने में ही बीतता है | दोस्तों, ऐसा नहीं है कि आज हमारी धरती माँ अवतारों से रिक्त है | आज भी श्रीलंका में रामायण काल की शूपर्नखा कहीं जाने वाली शख्शियत मौजूद हैं | जिनका नाम गंगा सुदर्शनी उर्फ शूर्पनखा है | जिनके पास दिव्य शक्तियाँ हैं जो पल भर में तेज बारिस को अपने मंत्रों से रोकने की शक्ति रखती हैं | जिनको लंका सरकार की तरफ से वीवीआईपी सुरक्षा प्राप्त है  | दोस्तों, अवतार आज भी हैं जरूरत बस उस आंख की है जो उनको पहिचान सके | जिनमें से एक साक्षात, प्रत्यक्ष अवतार से हम आपको मिलवायेगें वो कोई चमत्कार नहीं दिखाते पर उनके सुकर्म से चमत्कार सिद्ध जरूर होते हैं | दोस्तों वह लोगों को जीवन बांट रहें हैं | हम आज आपको मिलवायेगें जोकि भारत के दिव्य रत्न कोहिनूर रूप और पारस स्वरूप, दिव्य अवतारी श्रेष्ठ व्यक्तित्व के धनी है | जिनका नाम बताते हुऐ हमें गर्व की अनुभूति हो रही है | दोस्तों, यह महान शख्शियत हैं, हैदराबाद के श्री योगेश राज श्रीवास्तव जी | जिनके कर्म ही उनकी पहिचान बन गये | जिनके नाम को एक दिन हमारे देश के गौरवशाली इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जायेगा | जिनको कलयुग का अवतार कहने में कोई अतिश्योक्ति ना होगी | तो, आइये मिलवाते हैं, माननीय श्री योगेश राज जी से |
      युगपुरूष योगेशराज श्रीवास्तव जी से बातचीत के कुछ अंश.......

आकांक्षा-   नमस्कार आदरणीय योगेश जी

योगेश जी -  नमस्कार आकांक्षा

आकांक्षा -  योगेश जी आपका जन्म कहाँ हुआ और आपके माता-पिता का क्या नाम है ?

योगेश जी-  मेरा जन्म हैदराबाद में हुआ और मेरी माता का नाम सविता देवी व पिता जी का नाम स्वर्गीय श्री श्याम सुन्दर लाल श्रीवास्तव है|

आकांक्षा-  योगेश जी आपको रक्त दान करने का ख्याल कब और कैसे आया ?

योगेश जी-  यह बात मेरे कॉलेज के समय 2 अक्टूबर 1983 की है | जब हमारे कॉलेज में ब्लड डोनेट कैंप (रक्तदान सिविर) लगा था | मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त ने कहा," योगेश तुम भी ब्लड डोनेट कर दो |" हमने तुरन्त हाँ कर दी और फिर ब्लड डोनेट करने के बाद मैं खुद में बहुत ऐक्टिव फील फील कर रहा था | कि तभी डा. प्रभारक रेड्डी मेरे समीप आकर बोले," आज आपने ब्लड डोनेट करके दो लोगों की लाइफ सेफ की है | हमने उत्सुकतावश पूछा," कैसे डाक्टर ? वह बोले," हम इस ब्लड को सील पैक कर देगें जो कम से कम दो लोग के काम आयेगा | वो बहुत प्यारी द्रष्टि से मेरी ओर देखते हुऐ निकल गये | यह सुनकर मैं इतना खुश हुआ कि मैं तो बिल्कुल साधारण परिवार से हूँ | धन से नहीं तो रक्तदान करके ही मैं किसी के काम आ सकूँ तो मेरा जीवन सार्थक हो जाये |
बस उसी दिन से सोच लिया कि रक्तदान करके जरूरतमंद लोगों की हमेसा मदद करता रहूंगा|
बस फिर कभी न रूका कभी न थका |

आकांक्षा - योगेश जी दोस्त हों तो ऐसे अच्छे दोस्त हमारा जीवन लक्ष्य दे देते हैं और बुरे दोस्त जीवन लक्ष्य बिगाड़ देते हैं |

योगेशजी -  सही कहा आपने आकांक्षा

आकांक्षा - योगेश जी अब तक कितने बार रक्तदान कर चुके हैं आप ?

योगेश जी - मैं 75 ब्लड डोनेशन कैंप से जुड़ा और एक सौ ग्यारह बार ब्लड डोनेट कर चुका हूँ |

आकांक्षा -  योगेश जी आज भी हमारे देश में लोग रक्तदान करने से डरते हैं तो इस विषय पर क्या कुछ समझाना चाहेंगे समाज के लोगों को ?

योगेश जी - आकांक्षा मैं आपके माध्यम से सभी को स्पष्ट शब्दों में यह कहना चाहूंगा कि रक्तदान करने से किसी भी तरह की कमजोरी नहीं आती है | इस बात को विज्ञान की कसौटी पर बताता हूँ आपको कि हमारे शरीर में 6 से 7 लीटर तक रक्त मौजूद होता है और मित्रों हमारे शरीर को तो बस 5 लीटर रक्त की ही जरूरत होती है | बाकि का बचा 2 लीटर रक्त वह तो बस सरप्लस है | उसमें से हम आप मात्र 350 ml रक्त ही तो डोनेट करते हैं | तो बताओ हमको कहाँ से हानि हुई और एक जरूरी बात कि हम जैसे ही रक्तदान करते हैं, हमारे शरीर के तंत्रिकातंत्र में तुरन्त ताजा ब्लड बन जाता है|
इसलिये डर को त्यागो और पूरे मन से रक्तदान करो |

आकांक्षा - योगेश जी आपने बिल्कुल सही समझाया हम सभी को कि रक्तदान करने से कोई कमजोरी नही आती|
योगेश जी यह बताइये कि रक्तदान करने हमारे शरीर को क्या-क्या लाभ हो सकते हैं ?

योगेश जी - जो लोग रक्तदान करते हैं उनको मधुमेह ( डाईविटीज ) व हृदयरोग कभी नहीं होते और व्यक्ति लम्बी आयु के साथ स्वस्थ जीवन सकारात्म ऊर्जा के साथ व्यतीत करता है |

आकांक्षा - बिल्कुल सही कहा आपने योगेश जी | योगेश जी हमको पता चला है कि आप ब्लड डोनेट तो करते ही हैं पर आपने अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंग भी दान कर दिये हैं |
कृपया इस बारे में भी कुछ बतायें ?

योगेश जी - मैं तो बस यही कहूंगा कि यह योगेश जब पृथ्वी छोड़कर जाये यानि मेरे मृत्यु के बाद भी कम से कम 9 लोग जीवन का आनंद लें | हमने अपनी आँखे, फैफड़े, जिगर, यकृत, हृदय, गुर्दे दान कर दिये हैं | मैं तो यही सोचता हूँ कि जीते जी रक्तदान और मरणोपरान्त देहदान |

आकांक्षा - योगेश सर आपको तो भारतरत्न मिलना चाहिये, सचमुच |

योगेश जी -  नहीं आकांक्षा आप सभी लोगों का स्नेहरत्न ही मेरे लिये काफी है |

आकांक्षा - योगेश जी हमको हैदराबाद तैलांगाना के लोगों ने बताया कि आपने समाजहित में ढ़ेरों काम किये हैं चाहे वो गुजरात में आये भूकम्पपीड़ितों को दवा पहुंचाना हो या फिर 12,950 गरीब लोगों को मुफ्त में नजर के चश्में देना , या फिर कड़ाके की शर्दी में 762 जरूरतमंद लोग को कंबल बांटना हो, या फिर 157 मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध करा देना हो और या फिर 242 मधुमेह रोगियों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराना हो या फिर अनेक गरीब बच्चियों की अपनी जिम्मेदारी पर बिना दहेज़ शादी सम्पन करवा कर और या फिर सरकारी महिला प्रसूती अस्पताल में आपके द्वारा बनवाये गये दो वॉशरूम 350 महिलाओं को बैठने की स्थायी, उचित और अच्छी व्यवस्था और रोगियों के लिये ठण्ड़े स्वच्छ पानी की मशीनें और ना जाने कितने नेक कार्य किये आपने |तो इस बात पर क्या कुछ कहना चाहेंगे आप ?

योगेश - क्या बोलूं सभी लोग का प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद है | यह योगेश तो माटी का पुतलाभर है |


आकांक्षा - योगेश जी आपकी कोई वेवसाईट भी है क्या कृपया हमारे दोस्तों को बतायें ?

योगेश जी - हाँ आकांक्षा
www.yogeshrajsrivastava.in
इसमें मेरे बारे में सब जानकारी उपलब्ध है |

आकांक्षा - योगेश जी अब तक आपको जो भी अवार्ड व सम्मान से नवाजा गया कृपया करके हमें और हमारे सभी दोस्तों को बतायें ?

योगेश जी - आकांक्षा मैं अवार्ड के लिये नहीं जिया पर कुछ लोग नहीं माने तो क्या करूँ |
मैं समाज और हम ब्लॉग के माध्यम से उन सभी का दिल की प्रत्येक धड़कन से आभार व्यक्त  करना चाहूंगा जिन्होंने मुझे इन आवार्ड के लायक समझा | आप पूछ रहीं हैं तो जरूर बताऊंगा मुझे ...

1 - रक्तदान में अभिलेखों के आश्चर्य किताब अवार्ड |

2 - 16 वीं फिलिप्स गुडफ्री बहादुरी पुरस्कार |

3 - 17 स्वर्ण, 4 सिल्वर पदक और
14 योग्यता प्रमाण पत्र |

4 - सर्वश्रेष्ठ सचिव पुरस्कार |
शेर एकीकरण 1994-1995

5 - राजीव गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार |
20-08-1996

6 - वर्ष 1998-99 में लाइन अंतरराष्ट्रीय     पुरस्कार |

7 - समाज रतन पुरस्कार  |
(सहारा स्वैच्छिक संगठन) पर 2012/02/06

8 - प्रतिबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता
पुरस्कार |

9 - 17-08-2003 के स्वेक्षा भारती पुरस्कार |

10 - अखिल भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी से सराहनीय सेवा पुरस्कार 27-09-2011 को नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री माननीय श्री गुलाम नबी आजाद द्वारा सम्मानित किया गया |

ये सभी अवार्ड प्राप्त हुए पर सच पूछों तो मैं खुद को अवार्ड के लायक नही समझता क्योंकि मैं तो सिर्फ इंसान होने का कर्तव्य निभा रहा हूँ बस |

आकांक्षा - सर ये तो आपका बडप्पन है | तो, योगेश जी अब हम ये जानना चाहेंगें कि आपके आदर्श कौन हैं|

योगेश - मेरे आदर्श मेरे माता-पिता, गुरू, श्री लालालाजपत राय,श्री सुभाषचन्द्र बोष, स्वामी विवेकानन्द, लालबहादुर शास्त्री, और हाँ एक नाम और लेना चाहूंगा हमारे भारत के विश्वप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी|

आकांक्षा - योगेश जी हम भी इन सभी के फैन है | कृपया ये बतायें कि वर्तमान में आप किस पद पर आसीन हैं ?

योगेश जी - चेयरमैन ऑफ हैदराबाद मेडिकल सॉप ऐसोसियेसन |

आकांक्षा - योगेश जी आप समाज और युवाओं क्या कहना चाहेगें ?

योगेश - क्या बोलूं सभी लोग का प्रेम, सहयोग
और आशीर्वाद है | यह योगेश तो माटी का                 पुतलाभर है |

आकांक्षा - योगेश जी अब तक आपको जो भी
अवार्ड व सम्मान से नवाजा गया कृपया करके
हमें और हमारे सभी दोस्तों को बतायें ?

योगेश जी - आकांक्षा मैं अवार्ड के लिये नहीं जिया
पर कुछ लोग नहीं माने तो क्या करूँ |मैं समाज और हम ब्लॉग के माध्यम से उन सभी का दिल की प्रत्येक धड़कन से आभार व्यक्त करना चाहूंगा जिन्होंने मुझे इन आवार्ड के लायक समझा |
आप पूछ रहीं हैं तो जरूर बताऊंगा मुझे ...

1 - रक्तदान में अभिलेखों के आश्चर्य किताब अवार्ड |

2 - 16 वीं फिलिप्स गुडफ्री बहादुरी पुरस्कार |

3 - 17 स्वर्ण, 4 सिल्वर पदक और
14 योग्यता प्रमाण पत्र |

4 - सर्वश्रेष्ठ सचिव पुरस्कार |
शेर एकीकरण 1994-1995

5 - राजीव गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार |
20-08-1996

6 - वर्ष 1998-99 में लाइन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार |

7 - समाज रतन पुरस्कार  |
(सहारा स्वैच्छिक संगठन) पर 2012/02/06

8 - प्रतिबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता
पुरस्कार |

9 - 17-08-2003 के स्वेक्षा भारती पुरस्कार |

10 - अखिल भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी से सराहनीय सेवा पुरस्कार 27-09-2011 को नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री माननीय श्री गुलाम नबी आजाद द्वारा सम्मानित किया गया |

ये सभी अवार्ड प्राप्त हुए पर सच पूछों तो मैं खुद को अवार्ड के लायक नही समझता क्योंकि मैं तो सिर्फ इंसान होने का कर्तव्य निभा रहा हूँ बस |

आकांक्षा - सर ये तो आपका बडप्पन है | तो, योगेश जी अब हम ये जानना चाहेंगें कि आपके आदर्श कौन हैं|

योगेश - मेरे आदर्श मेरे माता-पिता, गुरू, श्री लालालाजपत राय,श्री सुभाषचन्द्र बोष, स्वामी विवेकानन्द, लालबहादुर शास्त्री, और हाँ एक नाम और लेना चाहूंगा हमारे भारत के विश्वप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी|

आकांक्षा - योगेश जी हम भी इन सभी के फैन है | कृपया ये बतायें कि वर्तमान में आप किस पद पर आसीन हैं ?

योगेश जी - चेयरमैन ऑफ हैदराबाद मेडिकल सॉप ऐसोसियेसन  |

अाकांक्षा - योगेश जी आपको इतने अच्छे कार्यों की शक्ति कहाँ से मिलती हैं ?

योगेश जी - आकांक्षा मेरा आदिशक्ति माँ अम्बें में बहुत विश्वास है और मैं मेरे पूरे परिवार को बहुत प्यार और सम्मान करता हूँ और सभी सहयोगियों इष्ट मित्रों की मेरे प्रति जो स्नेह भावना है | यही मेरी शक्ति और मेरी ऊर्जा है |

आकांक्षा - योगेश जी हमें पता चला है कुछ कुशल फिल्म निर्माता आप पर आपके कार्यों से प्रभावित होकर फिल्म और डाक्यूमेंट्री बनाना चाह रहे हैं | आप इस विषय पर क्या कुछ कहना चाहेगें ?

योगेश जी - आकांक्षा मुझे बहुत दुख होता है जब फेसबुक, ट्यूटर, तमाम सोसल साइट्स पर पोस्ट देखता हूँ कि मेरे परिवारी की हालत बहुत सीरियस है प्लीज इस ब्लड ग्रुप की जरूरत है प्लीज | पर ब्लड ना मिलने वह अपने को खो चुका होता है | समाज की जो ये चुप्पी है| यह मुझे रात-दिन चुभती है अगर फिल्म के माध्यम से समाज की चुप्पी टूटती है तो सचमुच मुझे बहुत खुशी होगी |

आकांक्षा - योगेश जी आप देश के युवाओं को क्या                      संदेश देना चाहगें?

योगेश जी- मैं सभी से कहना चाहूँगा कि ब्लड किसी फैक्टरी में नही बनता | यह क्षमता केवल आपके शरीर में है जिससे आप प्रेगनेन्ट महिला, बीमार बच्चों, ऐक्सीडेण्टल मरीजो, ऑपन हार्ट सर्जरी के मरीजो की मदद क्या जीवन दान दे सकते हो |आओ संकल्प ले आज कि हमारे होते हुऐ कोई भी मरीज ब्लड की कमी से दुनिया और हमारा साथ ना छोड़ पाये |
प्लीज रक्तदान कर जीवन को बचायें |

आकांक्षा - योगेश जी आपने अपना कीमती वक्त हमारे ब्लॉग को दिया | इसके लिये आपका बहुत - बहुत धन्यवाद |

योगेश जी - नहीं ऐसी कोई बात नहीं| मैं आकांक्षा का   आभार व्यक्त करता हूँ कि हमको सभी लोगों से मिलने का मौका मिला |
धन्यवाद मित्रों |



ब्लॉगर
आकांक्षा सक्सेना
जिला औरैया
उत्तर प्रदेश











Comments

  1. And once again our beloved Kayasth brother has achieved to highest record in Guuness World by donating blood 108 times and proved himself as the human donor, hats off to his rendering services and hope God should give him more energy and life. I salute for your bravery work.

    ReplyDelete
  2. And once again our beloved Kayasth brother has achieved to highest record in Guuness World by donating blood 108 times and proved himself as the human donor, hats off to his rendering services and hope God should give him more energy and life. I salute for your bravery work.

    ReplyDelete
  3. We appreciate the great task, which is being done by Yogesh bhaiya. Such type of people are gift to the mankind, moreover one cannot describe this valuable and worthy act in word.God bless you.

    ReplyDelete
  4. We appreciate the great task, which is being done by Yogesh bhaiya. Such type of people are gift to the mankind, moreover one cannot describe this valuable and worthy act in word.God bless you.

    ReplyDelete
  5. अति सुंदर आकांक्षा जी।

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

एक अश्रुकथा / कथा किन्नर सम्मान की...

रोमांटिक प्रेम गीत.......