- समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Saturday, December 22, 2012









गुरु अनंत गुरु कृपा अनंत 
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यह शब्द हम सभी धर्मों मैं अवतार लेने वाले महान 

आत्माओं एवं संत-महात्मा,ऋषि-मुनियों को समर्पित 

करते है जिन्होंने अपना जीवन 

समाज को देश को सम्पूर्ण मानवता को समर्पित कर 

दिया। उन सभी महान आत्माओं को हम सादर प्रणाम 

करते हैं ।

।।सत्य परेशान हो सकता है पर हार नही सकता ।।

गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
बिन बादलों के गुरुवर 
बारिश सी हो रही है 
हृदय मैं अनंत दीपों की 
जगमग सी हो रही है 
अब और क्या बताऊँ 
ये दुआ तेरी फल रही है 
जो सोचती हूँ भगवन 
हो जाता है वही सब 
मेरी ख़ुशी का ना ठिकाना 
तू खुशियों का है खजाना 
गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
सपनों की कलियाँ खिलीं 
फूल खिल गये हजारों 
अब और क्या बताऊँ 
आपसे क्या छिपा है 
सब कुछ ही जान जाते 
आँखों से राज़ सारे 
गुरुवर तेरी कृपा से 
काम बन रहे हमारे 
क्या आपका आशीर्वाद 
दर्शन सहित मिलेगा 
क्या मुझ दीन को 
आपका स्नेह मिलेगा 
आकांक्षा है यह हमारी 
मर्ज़ी है बस तुम्हारी 

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आकांक्षा सक्सेना 
जिला - औरैया 
उत्तर प्रदेश 
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