श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष :






क्यों लिया भगवान श्री कृष्ण ने 

             जन्म ?

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इस देश में दूसरों के तन- मन व धन के लालची चुगलखोर गद्दारों की, देश के दुश्मनों की व इस देश को अपने व विदेशियों का गुलाम बनाये जाने वालों की कमी कभी नहीं रही है | ये वे लोग हैं जो स्वंय में कानूनविद् , पूंजीपति एंव सत्तासीन है जिन्होंने  अपनी विभाजन एंव विनाश की बदनियति एंव बदनीति के तहत इस देश को हजारों वर्षों तक अपना एंव विदेशियों का गुलाम बनाकर रखा है अन्यथा यह देश डचों, पुर्तगालियों , यूनानियों , मुगलों एंव ब्रिटिश के अंग्रेजों का एंव इनका गुलाम न होता | ऐसे ही स्वदेशी गद्दारों से इस देश की आंतरिक एंव बाहरी शांति, सुरक्षा व संरक्षा को हमेसा ही खतरा रहा है और वर्तमान में भी है | ये वे आस्तीन के सांप स्वदेशी गद्दार है जिन्होंने इस देश को अपराधयुक्त एंव रोजगारमुक्त बनाया है | ऐसे ही गद्दारों का विभाजन ( वध ) एंव विनाश करने के लिये भगवान श्री कृष्ण चन्द्र बासुदेव जी ने इस धरती पर जन्म लिया और ऐसे ही आस्तीन के सापों गद्दार लोगों का महाभारत के युद्ध में इनका वध एंव विनाश किया | देश को ऐसे ही भारतीय सर्वोच्च मुख्य न्यायाधीश की जरूरत है जो देश के प्रत्येक विवाहित जन्में , मृतक नागरिक से उनके पहिचान के सभी प्रकार के दस्तावेजों में इन दाखिल खारिज नागरिकों से भारतीय नागरिकों के विवाह जन्म व मृत्यु के पंजीकरण , बीमाकरण व लाईसैंसीकरण के अधिनियमों का अनुपालन अनिवार्य एंव परमावश्यक रूप से करवायें तथा इन दस्तावेजों में अनिवार्य रूप से इनका डी .एन .ए टेस्ट भी दर्ज करवायें तथा इस देश के प्रत्येक वफादार नागरिक को अपने जीवन का श्रजनशील उद्देश्य पूरा करने के लिये उन्हें उनकी इच्छा व योग्यतानुसार बिना किसी बाधा के सरकारी व मतकारी , अद्धसरकारी व कर्मचारी एंव निजीकारी व श्रमकारी आजीविका व पैंसन तथा समान बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एंव परमावश्यक रूप से प्राप्त करवायें तथा इन नागरिकों को अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त बनायें |
        इस देश को नहीं चाहिये ऐसे लोग जो बंदरो के समान स्वभाव से स्वच्छंद एंव उदण्ड व गुंड , अशांति , असुरक्षा व असंरक्षा फैलाने वाले , आतंक भ्रष्टाचार व दुराचार फैलाने वाले व व्यभिचार , बलात्कार व जनसंख्या वृद्धि कर दूसरों का माल अपनी बंदर घुड़की के तहत छीन कर खाने वाले , दूसरों को नोंच कर काट कर खा जाने वाले, अपने ही मरे  को नोंच -काट के खा जाने वाले , बृक्षों का विनाश एंव पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले, वातावरण में संक्रामक रोग फैलाने वाले  किसी भी काम न आने वाले तथा विभाजन एंव विनाश करने , कराने व करवाने वाले ऐसे गद्दार लोगों की देश को कतई जरूरत नही है | इस देश को ऐसे सभ्य लोगों की जरूरत है जो देश को संगठित एंव विकासशील तथा अपराधमुक्त एंव रोजगारयुक्त बनायें |
      ऐसे ही देशद्रोहियों एंव अन्यायियों का वध एंव विनाश करने के लिये ही भगवान श्री कृष्ण चन्द्र बासुदेव जी ने इस धरती पर जन्म लिया है और उन्होंने कहा है कि जब - जब इस धरती पर अन्याय होगा तब - तब मुझे किसी न किसी रूप में आना ही है |


आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम
सह संपादक 'सच की दस्तक' मैग्जीन
विशेष संवादाता आमजा न्यूज पोर्टल


आप सभी मित्रों का श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई |


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