आज इंसानियत शर्मसार है


काम करने के लिए दिमाग का प्रयोग किया जाता है....
काम पूरा करने के लिए इंसान का प्रयोग किया जाता है....
और दोस्तों आज काम को काम में बदलने के लिए भी
इंसान का उपयोग किया जाता है .......

क्या खुद को इंसान
हने में लाज नहीं आती है.........
आज बेटियों को होटलों में किसी अच्छे सूप और
रोटी की तरह परोसा जा रहा है
फिर भी देखना बच जायेंगे
पैसे की दम पर
ये गुनाह करने वाले
सरकार क्या कर रही है कि
आज इंसानियत भी शर्मसार है ....)

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