बवाल पार्ट-2

बवाल  पार्ट-2



बवाल 

                               पार्ट-2 



मार के डर से जशवीरमीणा ने अपने फोन से कई फोन किये और बोला पता नहीं तभी इंस्पेक्टर सावन ने गुस्से में एक थप्पड़ जड़ दिया वो किर्सी से गिरा पूरी कुर्सी टूट गयी तब इंस्पेक्टर सावन ने कहा,"मैं बोला था कि मार सह नही पाओगे अब जल्दी दीमाग में हर्पिक घोल गंदगीं मिटा और जल्दी सोच |मार के डर से जशवीरमणि फिर से कॉल करने में जुट गया और कॉफी मशक्कत के बाद पता चला कि वो इस समय दिल्ली के पाँच सितारा होटल में किसीबड़े मॉडल के साथ डेट पर है फिर क्या था इंस्पेक्टर सावन अपने एक दोस्त को जो दिल्ली पुलिस में था उससे बात की तो पता चला अब वो कोकीन की रानी रेड वाइन के नाम से फेमस है फिर हम ने सावन के उस दोस्त की मदद से हम लोग उस होटल में पहुँचे और दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रेड वाइन को उसी होटल के रूम में धर दबोचा और फिर हमने रेडवाइन से पूछा कि डी.एम ईरा सिंघल को कहाँ रखा है तुमने? जो भी पता हो जल्दी बोलो? रेड वाइन ने कहा, "मैं कुछ नहीं जानती?"

तो दिल्ली पुलिस ने कहा, "इस चेहरे पर बहुत नाज है तुझे सोच अगर बिगड़ गया तो सोच ले फिर | वो बोली," मुझे कोकीन दो जल्दी वरना मैं बेहोश हो जाऊंगी वहाँ खड़े सभी हंस पड़े और रेड वाइन बिना कोकीन के सचमुच बेहोश हो गयी फिर हम लोग उसे तुरन्त अस्पताल ले गये डॉ बोले कि आप लोग जाओ इनको अब सुबह तक होश आयेगा | दिल्ली पुलिस के लोग वहाँ से जा चुके थे लेकिन डी.एम गौरी और सावन वहीं अस्पताल में बैठे थे पर तभी डॉक्टर ने कहा, "मरीज को होश आ गया है |" गौरी और सावन तुरन्त रूम में पहुँचे और बोले, "हम सब पता है कि उस मंच से ईरा मैड़म उतरीं और तब कुछ लडयकियों ने उन्हें गोद में उठा लिया उसमें एक तुम भी थीं फिर मैड़म कहाँ गयीं बोलो नहीं तो सोच लो तुमको कठोर सजा होगी | यह सुनकर वह बोली, "एक सांसद ने मुझे पैसे दिये थे उसका नाम है उदयवीर रस्तोगी | हम लोगों ने भीड़ का फायदा उठा मैड़म को असली कोकीन सुंघा कर बेहोश कर दिया और जमीन पर गिरा लिया और तुरन्त उनको नीचे घसीट के फिर एक गाड़ी में लिटा दिया ये सब काम बहुत फुर्ती और सफाई से किया गया | फिर गाड़ी में उनको कौन कहाँ ले गया पता नहीं |कोकीन की कसम |मैम आई वॉन्ट कोकीन प्लीज|तभी डॉक्टर ने कहा,"इसको देनी ही पड़ेगी वरना मर जायेगी लत है इसको |"गौरी ने कहा,"क्या तुम यही लाईफ जीना चाहती हो बोलो |"

वो बोली,"वो मेरी छोड़िये इस मंत्री रस्तोगी की एक ही कमजौरी है वो है खूबसूरत लड़की|गौरी ने कहा,"मैं तुमको अपने घर रखने को तैयार हूँ और तुम ये सब गलत काम छोड़ दो कहकर वो उसे गले से लगा लेतीं हैं तो वो कहती है इतना प्यार मुझे किसी ने नहीं दिया आज मुझे माँ की याद आ गयी और तभी वो गौरी को धक्का देती है और एक गोली रेड वाइन के माथे में लगती है और वो वहीं मर जाती है तभी दिल्ली पुलिस अस्पताल में रेड वाइन को पकड़ने के लिये आती है तो गोली की आवाज सुन वह उल्टे पैर दौड़ जाते हैं और सावन भी दौड़ते हैं पर गोली मारने वाले को पकड़ नही पाते |


इंस्पेक्टर सावन और डी.एम गौरी सिंघल दोनों जिला भिमारी लौट रहे होते हैं तभी गौरी के पास कॉल आती है पैसा भेज समझी वह फोन बन्द करके रख लेती है और कहती है कि दो लड़कों को छोड़ देना जो कोकीन नहीं सेल खड़ी पॉउडर के साथ पकड़े गये वो मेरे फेसबुक फ्रेंण्ड हैं यह सब एक गेम था|सावन कहते हैं मैम गैम गजब बनाया आपने छोड़ दूँगा उनको आप उसकी फिक्र न करें पर अब सांसद उदयवीर रस्तोगी को पकड़ना है उसकी कमजोरी है खूबसूरत लड़की |गौरी कहती है हम उसकी यही कमजोरी का फायदा उठायेंगें आप बस पता लगाइये कि वो मिलेगा कहाँ बस|

इंस्पेक्टर सावन ने कहा,"मैम,आपकी आँखे लाल हो रखीं है मुझे लगता आपको हल्का बुखार है|"

गौरी ने हाँ में सिर हिलाया तो सावन ने कहा,"जगत गाड़ी वो सामने दिख रहे मेडिकल स्टोर पर रोको मैड़म के लिये ऐनाफ्लेम या कॉम्बीफ्लेम लेनी है उनको हल्का बुखार है यह सुनकर जगत ने तुरन्त गाड़ी किनारे ली और तेजी से दौड़ कर मेडिकल वाले के पास जाकर बोला,"एक कॉम्बीफ्लेम दे दो हल्का बुखार है |"

मेडिकल वाला बोला,"एक रूपये वाली कि दो रूपयेवाली की पाँच रूपये वाली यह सुनकर जगत बोला,"इस तरह बेचते हो दवा मुझे असली दो जो असर करे |"वह बोला,"रूको थोड़ी देर कम से कम दस मिनट इतना सुनकर जगत उसके कॉउण्टर पर खड़ा हो गया और उसका कॉलर पकड़ कर थप्पड़ों की बरसात कर दी और बोला मेरे पास दस सेकेण्ड नहीं है बात करता है तभी वहाँ बवाल मच जाता है यह देख गौरी कहती हैं सावन तुम गाड़ी देखो मैं वहाँ जाती हूँ जगत तुम्हारी सुनेगा नही|मैड़म गाड़ी से उतर कर मेडिकल की ओर जाती है तभी सावन अपना फोन उठाता कि चाईम कितना हुआ कि उसका फोन स्विच ऑफ बैटरी लो तबवो गौरी मैड़म का फोन उठाता और ऑम करता कभी तुरन्त कॉल आती दस हजार भेज जल्दी यह सुन इंस्पेक्टर सावन दंग रह जाता है वो जल्दी से सारे मैसैज सारी रिकॉडिंग चैक करता है तो वो हैरान रह जाता है और वो यह सब सुन गुस्से से उबल जाता है और कभी वो सारे नम्बर अपने दिमाग में सब याद कर लेता है फिर वो फोन में सेव सारी फोटो को एर नजर में अपने दिमाग में सेव कर लेता है और फोन बन्द करके वहीं रख देता है|इधर जगत कहता है वो देख उधर! अब जल्दी निकाल वो देख डी.एम की कार, दवा उनके लिये चाहिये सामने गाड़ी से डी.एम को उतर कर अपनी ओर आते देख दुकानदार दो पत्ते एनाफ्लेम दो पत्ते कॉम्बीफ्लेम के जगत की तरफ बढ़ा देता है जगत उसमें से दो दो टेबलेट काट लेता है और एक जोरदार थप्पड़ मार के बोलता है आज के बाद नकली दवा बेची तो जेल नहीं सीधा ऊपर ही जाओगे और इतना बोल कर बीस का नोट उसे पकड़ा कर गाड़ी की ओर बढ़ गया सामने गौरी मैड़म बोली वहाँ क्या बवाल किया तो जगत बोला,"आप चलो पहले दवा खा लो और मैड़म गाड़ी में आकर बैठ जाती है तो जगत उनको पानी की बोतल और दवा देकर कहता है मैम जल्दी से खा लो|गौरी की भरी आँखों से गवा खाकर आँख बन्द करके सीट से टिक जाती है और उनकी बन्द आँख से टपकते आँसू को देख सावन मन में कसम लेता हैं मैड़म इन आँसू देनेवालों को मैं छोड़ूगाँ नहीं फिर कहता है जगत गाड़ी स्टॉट करो हल्का बुखार है इसलिये आँसू आ रहे हैं |

सुबह वो जिला भिमारी पहुँचते हैं |गौरी अपने रूम में लेट जाती है जाकर सावन अपने घर और जगत अपने रूम में सभी कुछ सोचते हुऐ खामोश लेटे हुए हैं|

दिन निकला तो सभी अपने कामों में लग गये|इंस्पेक्टर सावन ने सभी नम्बर नयी सिम से मिलाकर चैक किये और बैठे बैठे वो सभी स्कैच बनाकर तैयार किये और बोला मैड़म इन रावण और कंसों को क्या हाल करता हूँ वो मैं भी नहीं जानता और सावन ने महिला पुलिस कृष्णा पिल्लई को फोन किया जो कॉफी खतरनाक इंस्पेक्टर के नाम से फेमस हैं और एक टीम बनाने को सोचते हैं|

इधर नेट से गौरी कॉफी जानकारी लेती है और अपनी एक फैण्ड जो बहुत बड़ी ब्यूटी ऐक्सपर्ट है से मिलकर कहती है मुझे इतना सुन्दर बना दो कि जो देखे वो देखता रह जाये तो वो दोस्त कहती है यार बात छुपाने की तेरी आदत गयी नही चल मत बता पर बता देगी तो मैं तेरा साथ दूँगी यार |गौरी कहती है साथ ही तो नहीं चाहिये मुझे तेरा क्या किसी भी लड़की का |वो गौरी को बेहद खूबसूरत बना देती है और कहती है यार तू तो वैसे भी खूबसूरत है गौरी कॉल गर्ल के वीडियो देखती है कॉफी देर तक |यह देख वो सहेली कहती है गौरी तू ये सब कब से देखने लगी क्या तू मेरा मतलब उसकी बात काटते हुऐ गौरी कहती है देख इस कॉल गर्ल की तरह मेक ओवर करो मैं एक हॉट कॉल गर्ल दिखना चाहती हूँ

यह सुन गौरी की सहेली का मुँह खुला का खुला रह जाता है और वो कुछ मिनट तो मैकप करती है और फिर बेहोश हो जाती है |गौरी बुर्का पहन कर लोकल ऑटो में जैसे बैठती है कि ड्राईवर जगत उनका हाँथ पकड़ लेता है मैडम जैसे ही नकाब उठातीं है तो जगत के होश उड़ जाते हैं और वह हाँथ छोड़ देता है|मैड़म कहती हैं तुम भी चलो अब वो फिर उस सहेली के घर में पहुँच जाती है वो पानी पी रही होतीं है तो बुर्के में गौरी को देख उसके मुँह का पानी बाहर आ जाता है वो दोबारा पानी पीने के लिये गिलास उठाती है और कहती है कि ये कौन है गौरी? जगत कहता है मैं इनका ड्राईवर हूँ| यह सुनकर उसके हाँथ से गिलास छूट जाता है वो सोचती है ये डी. एम वो ड्राईवर इसे और कोई नहीं मिला|गौरी कहती है ये मेरा दलाल दिखे इसका ऐसा मेकप कर दो वो कहती तू कॉल गर्ल ये दलाल यार तू होश में तो है चल तुझे झाड़ी वाले बाबा से झड़वा दूँ तो गौरी कहती है मैं ठीक हूँ तू बस जल्दी कर दोस्त ये सब एक केश के सिलसिले में हैं वो जगत का मैकप करती है और सब मिलकर नेट वीडियो की मदद से ऐक्टिंग करने को बिलकुल तैयार हो वहाँ से दूर निकल जातें हैं |पूरा प्लान सुनने के बाद जगत कहता है अगर आपको कुछ हुआ तो नहीं कुछ और करो मैड़म |गौरी कहती है जिंदगी में रिस्क लेना ही पड़ता है मुझ पर भरोसा करो वो बोलता है मुझसे नहीं होगा बस |तो मैड़म तुरन्त उस पत्रकार को उस जगह बुलातीं हैं और वही मैकप में पत्रकार इकदम दलाल लगते हैं वो कहते हैं मेरा वादा है आपको कुछ होने नहीं दूँगा जगत तुम अपनी गाड़ी और मेरे कुछ लोगों के साथ साये की तरह मैड़म के पीछे रहना |जगत कहता है ठीक है|

फिर मैडम नेट से लिया गया एक बड़े दलाल का नम्बर पत्रकार को देती है पर वो नम्बर बन्द आता है तो गौरी सावन को कॉल करके कहती है कि रेड वाइन लड़की के फोन को तुमने देखा था क्या किसी दलाल का नम्बर था उसमें सावन कहता है सांसद रस्तोगी का नम्बर था मैं आपको व्हाट्स अप करता हूँ |मैड़म वो नम्बर पत्रकार को देती है और पत्रकार बात करता है हलो सर हॉट मॉल चाहिये हो तो मिलो फिर| और इतना कहकर फोन काट देता है|तभी तुरन्त बैक कॉल आती है तो गौरी कहती है सर बोलो कहाँ आऊँ आपकी खिदमत में वो सांसद एक पता मैसैज करता है तो पत्रकार कहता है सर रोकड़ा कितना होगा वो बोलता है पहले मॉल देखूँगा अब जल्दी से आ जा बस |मैड़म और पत्रकार दोनो एक पुरानी टूटी बिल्डिंग में पहुंचते हैं तो सांसद बोलता है ये हटा बुर्का जल्दी मैड़म जैसै ही चेहरे से नाकाब उठांती है उस सांसद का मुँह खुला का खुला रह जाता है और जब पूरा बुर्का उतार देतीं हैं तो बिल्कुल महीन साड़ी में उनके जिस्म की खूबसूरती देख वो तुरन्त पास में रखी अटैची का सारा पैसा पत्रकार को दे देता है और अपने गले की चैन भी उतार कर दे देता है फिर बोलता है जॉन भी हाजिर है कहो तो गौरी कहती जॉन नही कुछ और चाहिये यह सुनकर वो खुशी से गदगद हो उठता है और उस सांसद के दो तीन गुर्गे उस पत्रकार से कहते हैं तुम जाओ पत्रकार वहाँ से चला आता है और दूर खड़ी जगत की गाड़ी में आकर बैठ जाता हैं जिसमें कुछ विश्वासी लोगों की पूरी टीम मौजूद थी|

गौरी सांसद से कहतीं हैं कि ये जगह ठीक नही कोई अच्छी जगह चलो वो कहता है बिल्कुल बोलो मेरी जॉन कहाँ चलना है और तुरन्त गौरी का हाँथ चूम लिया यह देख गौरी का मन रो आया कि कभी कभी अच्छा काम करने के लिये कितना गलत काम करना पड़ता है|और पाने के लिये कभी कभी कितना कुछ खोना पड़ता है|

सांसद बोला मैं तुम्हें देखते ही लट्टू हो गया था मेरी जॉन तो गौरी बोली,"अच्छा चलो गाड़ी में केवल मैं और तुम नो ड्राईवर वो बोला हाँ मेरी जॉन मैं जानता हूँ चलो किसी मॉल में चलकर आईसक्रीम खाते हैं गौरी ने कहा,"चलो|"सांसद अपनी बड़ी और मंहगी गाड़ी में बिठा उनका हाथ अपने शीने पर लगाये हुए गाड़ी चला रहा था और बोला,"डार्लिंग आज जो मांग लो ये जॉन भी हाजिर है कसम से अब इंतजार नहीं हो रहा बोलो तो मॉल में ही अपन मीटिंग करें|"गौरी की हालत बहुत खराब थी की वो क्या है और कर क्या रही है गै़र मर्द उसे इस तरह छू रहा है पर मेरा ही प्लान का हिस्सा है मुझे अपना पार्ट निभाना है जो मैं ईमानदारी से निभाऊँगीं|

वो गौरी के गले को चूँमता हुआ बोला,"बताओ कोई ख्वाहिश हो तो |गौरी कहती है,"मेरी एक जॉनी दुश्मन है डी.एम ईरा सिंघल जिससे पुराना हिसाब चुकाना है पर न जाने कहाँ छिप के बैठी है मेरी जिद्द है कि मैं उसे अपने हाँथों से मारूँ |वो सांसद जोर से हंसा बस इतनी सी बात पर तुम मुझे किस करो तो बताऊँ|गौरी उसके तरफ बढ़ी तो उसने गौरी को अपनी बाँहों में भर लिया तो गौरी ने कहा,"पहले बताओ मैं तो तुम्हारे साथ ही हूँ और रात अभी बाकी है कहते हैं इंतजार का फल बहुत मीठा होता है|"सांसद जॉन में नर हूँ मर्द हूँ मुझे समझो अब इंतजार नहीं हो रहा |गौरी ने उस सांसद के कान में कहा,"वो तो रात का बिस्तर बतायेगा कि तुम नर हो या नपुंसक |"यह सुनकर सांसद बोला,"बेफिक्र रहो तुम्हारी बोलती बन्द न कर दी तो में मर्द नही और फिर गौरी के हाँथ को चूँम के बोला,"चलो तुम भी क्या याग रखोगी लैडी फस्ट वो जो बवाली डी.एम है उसको शहर से बाहर एक खंडहर के गुप्त तलघर में रखा गया है|गौरी ने पूछा कि कितने लोग हैं उसकी रखवाली में?"वो जोर से हंसा कितने क्या बस एक है जेल से भागा हुआ कैदी जो जिंदा मौत है उसका एक हाँथ पड़ जाये बस आदमी खत्म वो इतने बड़े खंडहर में अकेले रहता है वो बहुत खतरनाक है |गौरी ने कह,"उसका नाम पायरिया धानी जिंदा मौत है |गौरी ने कहा,"तुम झूठ बोलते हो यार इतना भी मत फेंको यह सुनकर उसने गाड़ी दूसरी ओर मोड़ी और बोला,"पहले तुमको तुम्हारे दुश्मन से मिला दूँ फिर इन दुश्मन निगाहों से निपटेगें लव यू जॉन |गाड़ी तेजी से भाह रही थी पीछे जगत की गाड़ी थी गौरी ने कह,"कोई मस्त गाना सुनाओ |सांसद बोला,"तेरा नाम क्या है मेरी धड़कन |गौरी ने कहा,"तुमने तो बोल भी दिया धड़कन नाम है मेरा |सांसद गौरी को देखकर बोला बिल्कुल सही नाम रखा रखने वाले ने |गौरी बोली सामने देख के चलाओ यार वो बोला,"तुम बलाओं के नखरे कसम से मौत से ज्यादा खतरनाक होते है मैं तो कसम से मरा बैठा हूँ आज |गौरी गाड़ी में लगे शीशे में देखती है क्या में सचमुच सुन्दर लग रहीं हूँ और ये मेरी सुन्दरता में पागल हो रखा है पर...उनको कुछ क्यों नहीं होता|यह सोच ही रही थी कि इंस्पेक्टर सावन का मैसैज आया कि मैंने उन सबको गिरफ्तार कर लिया है जिसने आपकी जिंदगी नरक बना रखी है ये देखो फोटो वह फोटो देख चौंक गयी तभी सावन की कॉल आयी बोलों मैंने ठीक किया गौरी ने आसुँओं को गले में ही पीते हुए कह,"ठीक किया|"तभी सांसद ने कहा,"यार नो कॉल प्लीज|"

गौरी ने कहा,"और कितनी दूर है?"वो बोला बस आ ही गया मेरी धड़कन|फिर इकदम सूनसान जगह गाड़ी रूकी मरघट जैसा सन्नाटा जहाँ दूर तक कुछ नही था|

वो दोनों उस खंड्हर में अंदर पहुँचे तो ढ़ेरों चमगादड़ों को लटका देख वो अंदर तक काँप गयी तभी ढ़ेर सारे कबूतर उसके सिर से ऊपर को उड़ गये तो सांसद ने गौरी को कस के पकड़ लिया और बोला जॉन डरो नही चलो अंदर|वो दोनों अंदर पहुंचे तो एक बड़ा सा आदमी पेट के बल लेटा हुआ था वो भारी आवाज में बोला किसकी मौत लिखी है आज |सांसद ने कहा,"धानी बाबू देख तुझे कौन मिलने आया है|वह उट कर कुछ बोलता कि गौरी को देख दंग रह गया और बोला,"पूजा तुम?"

गौरी ने कहा,"गुड्डू तुम |

मैं जब गाँव शहबाजपुर जाती थी तब तुम पढ़ने में कितने होशियार थे| मेरी सभी सब्जेक्ट प्राब्लन सोल्व कर देते थे |तुमको याद है ना और बाग में बम तुमने खूब अमरूद तोड़े तुम्हारे दांत में पायरिया था तो तुमको सब पायरिया बोलने लगे थे हैं ना फिर पता चला तुम्हारी पकड़ हो गयी और फिर तुम्हारी बहन धानी भी गायब हो गयी फिर ना तुम मिले ना मौसी तो वो बोला,"माँ गुजर गयी पूजा और मैं उनको अंतिम बार भी न मिल सका क्योंकि ....अब क्या बताऊँ लम्बी कहानी है पर हाँ पढ़ाई-लिखाई तो बहुत पीछे छूट गयी पर हाँ एक बात आज भी याद हैं स्कूल मैड़म की बात कि दूरी सदैव धनात्मक होती है|वो बात का मतलब आज समझ आया कि वाकयी दूरी धनात्मक हुई देखो! गौरी इतनी दूरियों के तुम मुझे मिलने आ गयी |यह सुनकर गौरी ने कुछ सोचा और गुड्डू के पास जाकर बोली इस सांसद ने मुझे गलत तरीके से....वो बात पूरी भी न कह सकी कि गुड्डू ने

उस सांसद के गले में ऐसा मुक्का मारा कि वह वहीं खत्म हो गया और पायरिया ने उसकी लाश पीछे कुऐं में जाकर फेंर दी |वो बोला,"पूजा तुम यहाँ कैसे एक बात बोलूँ तुम बड़ी होकर बड़ी सुन्दर हो गयी हो सचमुच|

पर तुम इस सांसद के साथ मैं कुछ समझा नही..

गौरी कहती है कि मैं इसका सहारा लेकर यहाँ तक पहुँची हूँ क्योंकि जिसको तुमने कैद कर रखा है मुझे उनसे मिलना है प्लीज मुझे दिखाओ वो कहाँ हैं |

पायरिया कहता है ये जो कालीन बिछा है इसके नीचे वो कैद हैं इस जॉल में एक कोड है उसको डालो तब यह जाॉल खुले तब ही अंदर जा सकती हो|

गौरी कहती है,"कोड दो गुड्डू|"

पायरिया कहता है,"मैं अगर जिंदा हूँ तो मंत्री जी के कारण मैंने उनका नमक खाया है में उनसे गद्दारी नहीं करूगां अब चाहें वो गलत हो या सहीं वही मेरे भगवान है|गौरी ने कहा,"देशद्रोही भगवान कैसे हो सकता है गुड्डू|गुड्डू ने कहा,"पूजा छोड़ न ये सब बता कैसी है तू चलो बचपन की यादें ताजा करते हैं |गौरी धीरे से सावन और पत्रकार जी को मैसैज करती है कि वो खंड्हर के अंदर है ईरा जी मिल गयीं जल्दी आओ|

गौरी सोचतीं हैं और कहती है वाव ये पिस्टन चलो मुझे भी चलाना सिखाओ |वो हंसता है यहाँ कोई आम अमरूद नही मेरा सिर है दोस्त वह भी हंस पड़ती है उसे हंसता देख पायरिया उसे देखता ही रह जाता है और गौरी इधर उधर गोली चलाकर केवल एक गोली छोडती है और तुरन्त बिना एक मिनट गँवायें वो गोली पायरिया को मार देती है गोली सीने के आर-पार हो जाती है तो वह कहता है कि अच्छा किया जो साला दिल में गोली मारा साला बस तेरा ही नाम लेता था पर पूजा तू प्यार से कहकर तो देखती में कोड बता देता प्यार से ....

पूजा ये सुनकर रो पड़ती है तो वह कहता है कोड है 'पूजा'|पर देख पूजा मैं एक बात बोलूँ मैं तुझे भूल नहीं पाऊँगा तू देखना में ऊपर कहीं नहीं जाऊँगा मैं भूत बना तो भी तेरे पीछे आऊँगा पूजा उसके सीने पर सिर रख कर फूट -फूट कर रो पड़ती है और उसका हाँथ पकड़ कर कहती है तो इतने दिन कहाँ थे वो मुस्कुराया और दुनिया से चला गया गौरी चिल्लाई ये मैंने क्या किया अपने प्यार को अपने हाँथों मार दिया |तभी नीचे से कुछ टूटने की आवाज आयी गौरी ने फौरन अपना बचपन का नाम पूजा कोड डाला और जाल का दरबाजा खोल वो नीचे उतर गयी और सामने बेहद कमजोर ईरा मैड़म को ब्रैंच पर लेटा देख उनके पास गयी और पीछे से जगत पत्रकार पुलिस की पूरी टीम खूफिया कैमरे लगाने लगते हैं और सभी वहाँ छिप जाते हैं केवल पत्रकार नीचे पहुँचता है और सामने ईरा मैड़म को बुरी हालत में लेटा देख वो रो पड़ता है और ईरा भी सामने पत्रकार को देखकर रो पड़ती है दोनों कुछ बोलते की अचानक जॉल ऊपर से बन्द हो जाता है|और किसी के भारी कदमों की आवाज सुनाई देती है धम्म धम्म वह बोलता है महाकाल महाकाल जय हो महाकाल|सामने एक अघोरी भेषधारी पूरे शरीर पर भस्म मले बड़ी बड़ी जटाओं को हिलाता हुआ एक बाबा सामने आ खड़ा हुआ और बोला अब आयेगा असली मजा जय महाकाल|

गौरी ने कहा,"कौन हो तुम?"

वह बोला,"तुम जैसी भटकी अात्माओं के लिये में एक अघोरी हूँ |"यह सुन पत्रकार और गौरी को सब याद आ गया कि फोन पर ये था सब इसने किया|

वह बोला,"इस बवाली डी.एम ने मेरे भाई को को जेल भिजवा दिया अरे अपनी बहू के साथ ही तो सोया कोई वेश्या के नही साली ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया और मैंने इसका कर दिया हा हा हा..

गौरी ने कहा,"तू मंत्री है ना जिसने पायरिया को गुलाम की जिंदगी दी तुझ जैसे नेता और मंत्री के किसी आतंकी से कम नहीं ...अपने को अघोरी कहता है अघोरी तुझ जैसे पापी नही होते और इतना कहकर गौरी ने दूर रखी पिस्तौल उठाने को जैसे ही आगें बढ़ी...

तो वह अघौरी वेशधारी जटाओं को झटक कर बोला," ओ री लौड़ियां चूहे मार दवा से शेर नहीं मरा करते और इतना कहकर तुरन्त मैड़म के हाँथ से पिस्तौल छीन ली और तभी गौरी बोली,"तूने ठीक कहा शेर नहीं मरा करते पर तू तो गीदड़ है|यह सुनकर वह जोर से चिल्लाया देख खामोश हो जा वरना..

गौरी वरना क्या ?"

वह पूरी ताकत से चिल्लाकर बोला,"मुझे गुस्सा नही सनक आती है समझी और मैं कुछ समझ पाती की पास की दीवाल से लटकती रस्सी को खींचा और एक बहुत बड़ा और पैना ब्लैड बहुत तेजी से आकर ईरा जी के घुटनों पर गिरा और शरीर दो भांगों में बट गया ईरा जी महादर्द से चीख उठीं |और पूरा खंडहर थरथरा गया|

यह देख पत्रकार चिल्लाया ईरा मैड़म |

तभी उसने तिरंगा निकाला और बोला,"इसकी मैं लगोंट लगाऊँगा तेरे सामने बवाली डी एम अगर देश की शान प्यारी है तो अपनी बचीं हुई जाघों पर खड़ी हो जल्दी|गौरी और पत्रकार को उस ढ़ोंगी अघोरी के गुर्गों ने पकड़ रखा था|वो बस रो और चिल्ला रहे थे|ऊपर जॉल के ऊपर पुलिस मुठभेड़ चल रही थी दनादन गोलियों की चलने की आवाजें आ रहीं थीं और वह अघोरी उस तिरंगे को मोड़ने लगा तभी गौरी को कुछ सूझा वह बुलंद आवाज में राष्ट्रगान गाने लगी जन गण मन अधिनायक जय हो भारत भाग्य विधाता...

जैसे ही डी.एम ईरा जी के कानों में राष्ट्रगान की आवाज पहुँची तो उसे याद आया कि स्कूल में टीचर कहते थे जब राष्ट्रगान हो रहा हो तो खड़ा हो जाना चाहिये अगर लेटे या बैठे होगे देश का अपमान होता है देश का अपमान देश का अपमान ....इधर पत्रकार और गौरी राष्ट्रगान गाने में लगे थे तभी डी.एम ईरा उठने लगींऔर गिर पड़ी अघोरी हँस पड़ा कि तभी पत्रकार बोले,"ईरा मैड़म आई ल व यू आई लव यू यह सुनकर वो अंदर तक मानों तृप्त हो उठीं मानो प्यासी रेत पर जोर की बरसात हो गयी थी उनके अंदर की चेतना जाग उठी और वो हिम्मत करके अपनी दोनों जाँघों पर खड़ी हो गयी और सैल्यूट किया और पूरी हिम्मत बटोर के बोलीं,"भारत माता की जय जय हिन्द इतना कहकर वो गिर पड़ी ..तो पत्रकार चिल्लाया नहीं मैड़म....तभी अघोरी ने पत्रकार को तुरन्त गोली मार दी |जमीन पर पड़ी डी.एम ईरा और पत्रकार दोनों खिसक कर एक दूसरे के पास आने लगे तो अघोरी बोला,"मरने तो दूँगा तुम्हें पर प्यार में नहीं...तो सुन बवाली डी.एम मैंने तेरी इस तहखाने में कैदवाली सी.डी बनाकर इस पत्रकार को इसके फ्लैट पर भिजवायी पर देखो ये तुम्हें छुड़ाने नहीं आया और बोलता है आई लव यू धोकेबाज है धोकेबाज ये तो इस लड़की के साथ मदे उड़ा रहा होगा देखो तो इसे पूछो क्यों नहीं आया..

पत्रकार ये सुनकर रो पड़ा कि मैंने फ्लैट छोड़ शमशान रहना शुरू कर दिया मुझे किसी सीडी की जानकारी नही...वो यह सोच रह कि ईरा पत्रकार की तरफ भरी और सवालिया आँखों से देखतीं हुई धोके के दर्द की नींद सो गयीं और पत्रकार तड़प तड़प के सोचता हुआ मर गया कि दो घडी की जिंदगी और मिल जाये तो मैं ईरा जी को सब बता सकता ये सोचते वो भी ग्लानि के दर्द की आखरी नींद सो गया दोनों के मन की मन में रह गयी|

तभी अचानक गौरी को याद आया ओह!सब मेरी गल्ती है वो दूसरी सी डी भी मैं देख लेती वो वही सी डी थीं जो मुझे पत्रकार जी के फ्लैट से मिलीं थी काश!मैं हीदेख पाती|और तभी ऊपर जॉल से ढे़रों पुलिस जवान नीचे कूदतें हैं और तभी गौरी उस भगदड़ में उस अघोरी के गुर्गे की जमीन पर गिरा देशी कट्टा उठाती है और भाह रहे अघोरी की दोनों टांगों में गोली मार देती है और उसे घसीटते हुऐ उसे वहीं पड़ी ब्रेंच पर लिटा देती है और तुरन्त पास की दीवाल की रस्सी खींच देती है और वह पैना बड़ा ब्लैड उस अघोरी की गर्दन पर गिरता है और गर्दन धड़ से अलग हो जाती है तो गौरी उस मुड़े तिरगें को खोलती है और सीने से लगाकर फिर पत्रकार और डीएम ईरा सिंघल को उढ़ा देती है और उनको सैल्यूट करतीं हैं और वहाँ खड़े सभी पुलिसकर्मी डी.एम ईरा जी को सैल्यूट करते हैं और फिर सभी फूट-फूट के रो पड़ते हैं कॉफी देर गौरी वहीं बैठी रहतीं है तो इंस्पेक्टर सावन कहता है प्लीज यहाँ से चलिये मैडम वहाँ खड़े सभी पुलिसकर्मी कहतें है हमने कुछ नहीं देखा प्लीज आप जाइये हम सब संभाल लेगें|गौरी कहती है,"सत्यमेव जयते|अब गौरी गाड़ी में बैठ जाती है तभी कॉल आती है बहू प्लीज मुझे बचा लो अब मैं तुझे कभी परेशान नहीं करूगीं कोई पैसा नहीं मागूँगी तभी गौरी का पति फोन लेकर कहता है," डी.एम होगी अपने लिये मेरी माँ को जेल पहुँचाया मैं तुझे डिवोर्स दे दूंगा|गौरी कहती है,"आप कस्ट न करें यह भी काम में खुद कर लूँगीं वेट करना मैं खुद तुम्हें डिवोर्स दूंगी गुड बॉय|

यह सुन इंस्पेक्टर सावन कहता है वो मैंने आपका मोबाईल देख लिया था सो मैंने.....पर मैंने ठीक किया ना......गौरी ने कहा,"हाँ|

सावन ने कहा," उन दोनों माँ बेटे ने मार पीट शोषण सब कबूल कर लिया है और पता किया मैंने की आपने पूरी पढ़ाई मायके में रह कर की बड़ी मुसीबत से आप इस जगह हैं आज और आप तो दुनिया की नजर में चढ़ गयीं पता है कितना महान कार्य किया है आपने|गौरी ने कहा,"सावन तुम्हें पता है वो श्याम भाई का क्या हुआ जिसकी बहन के पेट में लोहे के बेलचे पार किये गये और उसने उन्हीं बेलचों से दोषियों को मार दिया|सावन ने कहा,"वो लड़का उस समय मात्र तेरह वर्ष का था पता नहीं कहाँ गया कोई नहीं जानता|

गौरी ने कहा,"एक और गुड्डू बना देंगें उसे ले जाने वाले.....सावन ने कहा,"कौन गुड्डू मतलब...गौरी ने कहा,"वादा करो उस श्याम को ढ़ूढ़ेगें.....सावन,"बिल्कुल मैम|"


गौरी मन ही मन कहती है खुद की नजरों में गिर गयीं हूँ वास्तव में बहुत महान कार्य किया है ..और वो उस सांसद का छूना गुड्डू का मरना सीडी का ना देखना यह सोचकर मन ही मन आँसुओं को पीने लगती है और ग्लानि और पश्चाताप में वह पल पल मर रही होती है|

सावन और गौरी जैसे ही भिमारी में प्रवेश करतें हैं कि चौंक जाते हैं कि चारों तरफ ट्रक जल रहे ऐसा बवाल मचा कि पूछो मत गौरी अपनी गाड़ी के बोनट पर चढ़कर कहती है कोई एक बोलो क्या हुआ|

तो कुछ शान्ती होती है और कुछ लोग कहतें हैं कि पाँच ट्रक भर के गौ माँस पकड़ा हम जनता ने और इन नेताओं के कारण दो ट्रक गायों से भरे ट्रक आगे निकाल दिये अब वो कटेंगीं जाकर साले जिसका दूध पीते उसी का माँस खातें वो ट्रक इतनी जल्दी में निकले की एक छोटी बच्ची को लील गये|

कुछ लोग आपस में लड़ गये हिन्दू बैंचें नहीं तो मुसलमान कांटे नहीं और देखते ही देखते फिर मार-पीट शुरू हो गयी तब सावन ने कहा,"रूको भाई यह बताओ दोषी कौन है?

तो भीड़ बोली दागी नेता कारण हैं हर समस्या का हम लोग बिना टीईटी के टीचर नही बिना आईआईटी के इंजीनियर नहीं बिना आईएएस पीसीएस के आप डीएम नही और नेता के लिये बस वो दागी हो माना हुआ परम हो बस |गौरी ने कहा,"वो दूर उधर लोग किसे पीट रहें हैं?"तो वहाँ खड़ी जनता बोली,"चोट्टा विभाग वाले गौरी बोली,"मतलब|"तो वो लोग बोले कि बिजली विभाग के लोग पिट रहे हैं क्योंकि हमारे बिजली मीटर का एक महीने का बिल दो हजार पाँच हजार और इन बिजली विभाग के लोगों के सालभर का बिल दो हजार तीन हजार बस जुगाड़ से बिजली चोरी और ब्ल तक नही देते ये भी ऐश और इनके रिश्तेदारों की भी कोई बिल नहीं देते ये लोग |हमारा तो बन्द पड़ा रहा दो महीने और बिल आया बीस बजार रूपये बताओ गुस्से में जनता कैसे चुप रहे मैड़म हम जनता बस वोट गेने की मशीन है बस और कुछ नही...

गौरी ने कहा,"कल चुनाव है आप लोग कावे रंग का बटन दबाओ 27%वोट निगेटिव मतलब किसी को भी वोट नही ये है काली बटन का मतलब |आप लोग अपने अधिकार का सही प्रयोग करो बस अगर सत्ताईस परसेन्ट वोट निगेटिव पड़ जायें तो सब चुनाव में खड़े नेता जेल में और राष्ट्रपति शासन और फिर कहना कि नेता भी पढ़ा लिखा बिना दागी चाहिये और कोर्ट आपको न्याय जरूर देगी|

दूसरे दिन तो गजब हो गया पूरे देश में काला बटन दबा निगेटिव वोटिंग हुई और देशभर में हर तरफ बवाल मच गया पर ये बवाल सही बात के लिये था|

दूसरे दिन गौरी को लोगों ने कहा,"लालबाग स्टेडियम में एक सभा को सम्बोधित करो ये बच्चों की सभा है|"

गौरी तैयार होकर जैसे ही बाहर निकलती है तो उसकी अस्पतालवाली गोद ली गयी बेटी उसका दुपट्टा पकड़ कर कहती है,"माँ,मत जाओ|"गौरी उसे गले लगा कर कहती हैं माँ जल्दी वापस आयेगी तब तक इन आंटी के साथ खेलो और आया उसे गोद में लेकर अंदर चली जाती है|

गौरी मंच पर पहुँचती है तो उसे सामने उसी सांसद का चेहरा दिखता है और उन्हें खुद से घिन आने लगती है वह मंच पर खड़ी है और तभी उसे गुड्डू दिखता है और कहता है चलो मैं तुम्हें लेने आया हूँ  तभी पति दिखता है जो हमेशा उसे जलील करता रहा मेरी माँ पहले तू बाद में माँ जो कहे मानो |अब डिवोर्स ही होगा फिर बेटी दिखती है माँ मत जाओ|यह सोचकर गौरी के दिमाग में बवाल मच जाता है और तभी गौरी अपना मानसिक संतुलन खोने लगती हैं| इधर भीड़ में कोई गौरी की तरफ बंदूक से निशाना लगा देता है और तभी उस बंदूक वाले को देखकर जगत दौड़कर मंच पर चढ़कर गौरी को खींच लेता है पर फिर भी गौरी के गोली लग जाती है और वह वही मंच पर गिर जाती है बच्चों की भीड़में बवाल मच जाता है और गोली मारने वाला पकड़ा जाता है तो सावन कहता है अरे! तू गौरी मैड़म का पति |मंच पर बैठा जगत कहता है मैम आपको बहुत समस्यायें हल करनी है आप मत जाओ ऐम्बूलेन्स मंगाओ कोई |तभी मंच पर ढ़ेर सारे बच्चे गौरी को चारों ओर से घेर लेते हैं|वह आँख खोलती है तभी कोई कहता है कि गोली चलानेवाला मैड़म का पति था वो पकड़ा गया|" यह सुन गौरी कहती है,"जगत तुम एक काम करना दहेज से खुद को और परिवार को दूर ऱखना|मैम,"आप ठीक हो जायेगीं |गौरी कहती है," मेरी बेटी फिर से अनाथ हो गयी|"जगत कहता है,"मैं पालूंगा मैड़म आपकी प्यारी गुड़िया रानी को पर आपकी तरह उसे डीएम नही बनाऊंगा और यह कर वो रो पड़ा तभी डी.एम गौरी संघाल बोली,"जगत तुम मेरी बेटी से अग्नि कहो या बिजली पर गुड़िया मत बोलो बेटी बेटी होती है कोई गुड़िया नही|और इतना कहकर गौरी की आँखबन्द होने लगी तो ड्राईवर जगत रो पड़ा और बोला,"मैड़म अभी आपको समाज की बहुत समस्याओं पर काम करना है|गौरी मुस्कुरायी और बोली," हिन्दुस्तान में हर समस्या का हल है शर्त एक है कि वो समस्या अपनी न हो |" और इतना कहकर वह सदा के लिये दुनिया के बवाल से बहुत दूर चलीं गयीं| जगत कहता है,"भगवान तू ऐसा क्यूँ है ?"यह कहकर वहाँ खड़े सभी लोग बच्चों की तरह रो पड़तें हैं|


जब ये कहानी मीडियी में दिखाई गयी तो पूरा देश रो पड़ा मुम्बई में बैठे दिग्गज फिल्म ड्राईरेक्टर राजेश पाण्डेय नशीम खान सभी बोले हम इस स्टोरी पर एक फिल्म बनायेगें जिसका नाम होगा ,"बवाल"|



स्वहस्तरचित कहानी
              


लेखिका
आकांक्षा सक्सेना
जिला औरैया
उत्तर प्रदेश
पूरी हुई कहानी समय शाम 4:59 पर
दिन शुक्रवार
दिनांक 6अक्टूबर 2015
.... इस कहानी ने मुझे सोने नहीं दिया हमने ये कहानी सपने में पूरी चार पार्ट में देखी और फिर दो पार्ट में लिख डाली ये मेरे जीवन की एक अजीब घटना है जो हम लिखकर भी समझ न पाये.......!!!!

















Comments

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    1. Thank you very much..
      Director love lohiwall ji.

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    2. Thank you very much Actor/Director Love Lohiwall ji..

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  2. Replies
    1. Thank you very much writer/poet parvesh kumar ji

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  3. Replies
    1. Thank you very much Actor Anurag lavania

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  4. Replies
    1. Thank you very much writer/Bloggist Dhirendra Bisht ji

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  5. https://selfthoughtforus.wordpress.com

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  6. Replies
    1. Thank you very much writer, poet,bloggist Parvesh kumar ji

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  7. Replies
    1. Thank you very much famous TV serial Actor/director
      Debasish Naha ji

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  8. A very beautiful story with a very gd msg

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    1. Thank you so much famous web designers The Media Mosaic ji

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  9. A very beautiful story with a very gd msg

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  10. Replies
    1. Thank U very much Famous TV serial Actor Sagar saini ji

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  11. कहानी अच्छी है आपको बधाई आकांक्षा जी, किन्तु एक कहानीकार होने के नाते आपको बताना चाहता हूँ कि वाक्य विन्यास और वर्तनी का भी ध्यान रखें। अच्छा लिखना और उसे प्रस्तुतिकरण के योग्य बनाना अलग अलग बातें हैं लेकिन महत्त्वपूर्ण हैं। कृपया अन्यथा मत लीजिएगा। अच्छा लिखती हैं इसलिए कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ।
    आपका अपना
    डॉ. लवलेश दत्त (संपादक अनुगुंजन त्रैमासिक पत्रिका)
    शिवछाँह, 165-ब, बुखारपुरा, पुरानाशहर, बरेली-243005 (उ0प्र0)
    फोन - 9412345679, ई मेल - lovelesh.dutt@gmail.com

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    1. Thank you very much writer/poet dr Lovelesh dutt ji

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  12. कहानी दिल को छूती है अभिव्यक्ति भी संवेदनात्मक है
    हाँ त्रुटि स्वीकार्य होनी चाहिए पर बहुत अच्छी संवेदना है आप और आगे बढ़ें और बुलंदियों को छुएँ
    संगम वर्मा
    प्रवक्ता
    सतीश चन्द्र धवन राजकीय महाविद्यालय
    लुधियाना, पंजाब
    एवं
    सहसंपादक - "राष्ट्रभाषा हिन्दी स्मारिका" , पंजाब
    चलभाष 9463603737
    sangamve@gmail.com

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  13. Kahani jo kehti jeevan ke sang behti
    Hey akhanchaon ki udan

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    1. Thank you very much famous film Maker/Actor ground zero

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  15. My heartiest congratulations to da author. Vry grate. Lagta hai dil se nilli hai. Keep going grate.

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  16. My heartiest congratulations to da author. Vry grate. Lagta hai dil se nilli hai. Keep going grate.

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  17. कहानी की पटकथा आपने कैसे लिखी यह आपके सपने पर आधारित है
    बहुत सुन्दर शब्दो की कारीगरी ...
    लगी रहो....

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  18. कहानी की पटकथा आपने कैसे लिखी यह आपके सपने पर आधारित है
    बहुत सुन्दर शब्दो की कारीगरी ...
    लगी रहो....

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  19. Really a very nice story....now not need to watch the upcoming movie on this story.....keep going on mam👌👍 ,..no words to say about it

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  20. Bahut hi bhavnatmak. ...sachchai ke kareeb likhi kahani padhne ka awasar hame mila.
    Keep it up.

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  21. Very nice story.
    Aap bahut acha likhti ho aapki har rachana DIL ko chhu jati h god bles you

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  22. Really mam story sach me dil ko chu gyi is story pe sach me film bnni chahiye me iske liye pura oura support krnga ...
    So gud Story iski film bnne se phle hi ye superhit h awsm mam.,,,

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  23. समाज में व्याप्त कुरूतियों को कहानी के माध्यम से सरल एवं स्पस्ट रूप से उजागर किया है ।

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  24. समाज में व्याप्त कुरूतियों को कहानी के माध्यम से सरल एवं स्पस्ट रूप से उजागर किया है ।

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