बवाल पेज-2 - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Thursday, November 5, 2015

बवाल पेज-2


बवाल पेज-2

       

        बवाल

(एक झंझावत कथा)



मार के डर से जशवीरमीणा ने अपने फोन से कई कॉल किये। फिर पूछने के बाद बोला, '' मुझे कुछ भी पता नहीं है।'' यह सुनते ही इंस्पेक्टर सावन ने गुस्से में उसे एक जबरदस्त थप्पड़ जड़ दिया और थप्पड़ पड़ते ही विधायक कुर्सी से जमीन पर गिर पड़ा और उसका जबड़ा उसके हाथ में आ गया। यह देख! विधायक कुछ बोल पाता कि इंस्पेक्टर सावन ने कहा,"मैंने पहले ही बोला था कि मेरी मार सह नही पाओगे। चल अब जल्दी अपने दीमाग में हर्पिक घोल, गंदगीं मिटा और जल्दी सोच? इंस्पेक्टर सावन की आग उगलतीं आँखों को देखमार के डर से विधायक जशवीरमणि फिर से इधर-उधर कॉल करने में जुट गया। फिर, काफी मशक्कत के बाद पता चला कि वो लड़की इस समय दिल्ली के पाँच सितारा होटल में किसी बड़े मॉडल के साथ डेट पर है। बस फिर क्या था इंस्पेक्टर सावन अपने एक दोस्त को जो दिल्ली पुलिस में था।  उससे बात की तो पता चला कि अब वो लड़की कोकीन की रानी 'रेड वाइनके नाम से फेमस है फिर इंस्पेक्टर सावन के उस दोस्त की मदद से हम लोग उस होटल में पहुँचे। वहाँ दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रेड वाइन को उसी होटल के रूम न. 111 में धर दबोचा और फिर हमने रेडवाइन से पूछा कि तुमने डी.एम ईरा सिंघल को कहाँ रखा है? जो कुछ पता हो जल्दी बोलो? रेड वाइन ने कहा, "कसम कोकीन की, मैं कुछ नहीं जानती?"
मार के डर से जशवीरमीणा ने अपने फोन से कई कॉल किये। फिर पूछने के बाद बोला, '' मुझे कुछ भी पता नहीं है।'' यह सुनते ही इंस्पेक्टर सावन ने गुस्से में उसे एक जबरदस्त थप्पड़ जड़ दिया और थप्पड़ पड़ते ही विधायक कुर्सी से जमीन पर गिर पड़ा और उसका जबड़ा उसके हाथ में आ गया। यह देख! विधायक कुछ बोल पाता कि इंस्पेक्टर सावन ने कहा,"मैंने पहले ही बोला था कि मेरी मार सह नही पाओगे। चल अब जल्दी अपने दीमाग में हर्पिक घोल, गंदगीं मिटा और जल्दी सोच? इंस्पेक्टर सावन की आग उगलतीं आँखों को देखमार के डर से विधायक जशवीरमणि फिर से इधर-उधर कॉल करने में जुट गया। फिर, काफी मशक्कत के बाद पता चला कि वो लड़की इस समय दिल्ली के पाँच सितारा होटल में किसी बड़े मॉडल के साथ डेट पर है। बस फिर क्या था इंस्पेक्टर सावन अपने एक दोस्त को जो दिल्ली पुलिस में था।  उससे बात की तो पता चला कि अब वो लड़की कोकीन की रानी 'रेड वाइनके नाम से फेमस है फिर इंस्पेक्टर सावन के उस दोस्त की मदद से हम लोग उस होटल में पहुँचे। वहाँ दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रेड वाइन को उसी होटल के रूम न. 111 में धर दबोचा और फिर हमने रेडवाइन से पूछा कि तुमने डी.एम ईरा सिंघल को कहाँ रखा है? जो कुछ पता हो जल्दी बोलो? रेड वाइन ने कहा, "कसम कोकीन की, मैं कुछ नहीं जानती?"

तो दिल्ली पुलिस ने कहा, "तुझे अपने इस चेहरे पर बहुत नाज़ है ज़रा सोच! अगर बिगड़ गया तो सोच ले फिर | वो घबराते हुये  बोली," मुझे कोकीन दो जल्दी वरना मैं बेहोश हो जाऊंगी। यह सुनकर वहाँ खड़े सभी लोग हँस पड़े पर तभी वहां मौजूद सभी लोग यह देख हैरान रह गये कि रेड वाइन तो सचमुच बिना कोकीन के बेहोश हो गयी है। मैंने उसे हिला-डुला कर देखा! फिर हम लोग उसे तुरन्त अस्पताल ले गये। वहाँ रेड वाईन का चैकअप करने के बाद डॉ.आनंद बोले कि आप लोग जाओ। इनको अब सुबह तक ही होश आयेगा | दिल्ली पुलिस के लोग वहाँ से जा चुके थे लेकिन डी.एम गौरी और इंस्पेक्टर सावन उसी अस्पताल में बैठे रहे। कुछ देर बाद डॉक्टर ने आकर कहा, "मरीज को होश आ गया है |" यह बात सुनकर गौरी और सावन तुरन्त रूम में पहुँचे और बोले, " देख! लड़की एक बात का सच-सच जवाब दे? वह बोली, ''क्या?'' तो सावन ने कहा, ''देखो! हमको सब पता है कि पाँच साल पहले अपना भाषण खत्म करके मंच से जब  ईरा मैड़म उतरीं और तब कुछ लड़कियों ने उन्हें गोद में उठा लिया था। उसमें एक तुम भी थीं।हमारे पास तेरे खिलाफ पक्के सबूत है लड़की तू  सारी उम्र जेल काट जायेगी। इसलिए अब सच-सच बता दो कि ईरा मैड़म कहाँ गयीं? नहीं तो सोच लो!  तुमको कठोर से कठोर सजा तो बाद में होगी उससे पहले तो यहीं मैं तुझे महिला पुलिस से अच्छी तरह से तुड़वाऊंगा, साली! बोल? यह सुनकर वह कांपते हुये बोली, "एक सांसद ने मुझे पैसे दिये थे और उसका नाम है उदयवीर रस्तोगी |''  हम लोगों ने भीड़ का फायदा उठाते हुए  मैड़म को, मात्रा से अधिक कोकीन सुंघा कर बेहोश कर दिया था फिर जमीन पर गिरा लिया और तुरन्त उनको एक पुरानी साड़ी में लपेट कर भीड़ से होते हुये एक गाड़ी में लिटा दिया था। ये सब काम बहुत फुर्ती और सफाई से किया गया था | फिर, बाद में उस गाड़ी में उनको कौन कहाँ ले गया। इसका मुझे कुछ भी पता नहीं | तभी, सावन की लाल आँखें देखकर बोली, ''कोकीन की कसम |'' मैम आई वॉन्ट कोकीन प्लीज| वह चिल्ला ही रही थी कि रूम में आकर डॉक्टर ने कहा,"इसको कोकीन देनी ही पड़ेगी वरना यह मर जायेगी। यह बहुत बुरी लत है जिसे पूरी तरह मिटाना एक बहुत कठिन प्रक्रिया होगी |'' गौरी ने रेड वाईन से कहा,"क्या तुम यही लाईफ जीना चाहती हो बोलो?" यह सुनकर वह बोली, ''मेरी छोड़िये मैम ! एक खास बात है जो आपको बताना चाहती हूँ शायद आपके काम आ जाये कि इस मंत्री रस्तोगी की एक ही कमजोरी है वो है खूबसूरत लड़की |गौरी ने कहा,"मैं तुमको अपने घर रखने को तैयार हूँ पर तुम ये सब गलत काम छोड़ दो, कहते हुये उसे गले से लगा लेतीं हैं। यह देखकर वह भरी आँखों से कहती है, ''मैम इतना प्यार न दो, मुझे ऐसे वाले प्यार की ज़रा भी आदत नही है।" आजतक मुझे लूटा ही गया है पर पहली बार आपने मुझे बहुत कुछ दे दिया। जिंदगी रही तो इस कर्ज को भी चुका दूँगी। मैं  रेड वाइन खुद का भी कर्ज नही रखती। वह बाहर खिड़की की तरफ देखते हुये बातें कर ही रही थी कि तभी एकाएक उसने गौरी को जोरदार धक्का दिया, गौरी कुछ समझ पाती कि तभी एक गोली रेड वाइन के माथे में लगती है और वह तुरंत उसी बैड पर दम तोड़ देती है। यह देखकर गौरी रेड वाइन के सिर पर हाथ रखती है और रो पड़ती है। कुछ मिनट बाद दिल्ली पुलिस अस्पताल में रेड वाइन को पकड़ने के लिये जैसे ही रूम की तरफ आती है कि तभी पीछे से गोली की आवाज सुन वह उल्टे पैर दौड़ जाते हैं। सावन भी गोली मारने वाले के पीछे भागता है पर उसको पकड़ नही पाता इंस्पेक्टर सावन और डी.एम गौरी सिंघल दोनों जिला भिमारी लौट रहे होते हैं तभी गौरी के पास कॉल आती है, ''पैसा भेज समझी''  वह फोन बन्द करके रख लेती है और सावन से कहती है कि उन दो लड़कों को छोड़ देना जो कोकीन नहीं सेल खड़ी पॉउडर के साथ पकड़े गये थे। वो मेरे फेसबुक फ्रेंण्ड हैं। यह सब एक गेम था| यह सुन सावन हैरान निगाहों से देखता हुआ कहता है मैम! गेम? ओह! वाव, आपने क्या गजब गेम बनाया? ओके मैम, मैं उन्हें छोड़ दूँगा। आप उसकी फिक्र न करें। गौरी ने कहा, '' धन्यवाद सावन।'' यह सुनकर सावन ने कहा कि प्लीज आप धन्यवाद न बोलो प्लीज, सैल्यूट आपको जो देश में आप जैसी ईमानदारी डीएम है। गौरी बात काटते हुये बोली, '' अभी बहुत काम बाकी है सावन।'' तभी सावन तपाक से बोला,'' हाँ,मैम साले उस कमीने सांसद उदयवीर रस्तोगी को भी पकड़ना है और उसकी कमजोरी है खूबसूरत लड़की | गौरी कहती है, '' हम उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठायेंगें।'' आप बस पता लगाइये कि वो मिलेगा कहाँ बस|

इंस्पेक्टर सावन ने कहा,"मैम,आपकी आँखे लाल हो रखीं है मुझे लगता आपको हल्का बुखार है|"

गौरी ने हाँ में सिर हिलाया फिर कुछ बोलना चाहतीं थीं पर चुप रह गयीं। सावन ने गौरी की तरफ देखा और बोला,"सुनो, जगत गाड़ी किनारे लगाओ! वो सामने दिख रहे मेडिकल स्टोर से मैड़म के लिये ऐनाफ्लेम या कॉम्बीफ्लेम ले आओ जल्दी । यह सुन जगत कुछ बोल पाता कि सावन ने कहा, ''हाँ, मैम को हल्का बुखार है।''  यह बात सुनते ही जगत ने तुरन्त गाड़ी किनारे लगाई और तेजी से दौड़ता हुआ  मेडिकल वाले के पास जाकर बोला,"एक कॉम्बीफ्लेम दे दो हल्का बुखार है |" इधर सावन ने कहा, '' मैम आप कुछ कहना चाहती हो मुझसे, मुझे ऐसा लगा?'' गौरी ने कहा, ''सावन! मैं कब से नोटिस कर रही हूँ कि बिना गाली के तुम बात ही नही करते, आखिर! बोल-चाल में गालियाँ क्यों?'' सावन हँसते हुये बोला, '' मैम यह गाली भी किसी हथियार से कम नही, दिखती नही है पर असर कमाल करती है, एक घूँसे और दो गाली में साला मुजरिम सब बक देता है।'' गौरी ने कहा, ''अभी यहाँ कौन मुजरिम है जो साला शब्द बोला। देखो! यह बहुत बुरी बात है। कृपया मेरे सामने गाली का प्रयोग न करें। यह सुन सावन हँस पड़ता है ओके मैम। फिर, दोनों गाड़ी से देखते हैं कि यह जगत इतनी देर से मेडीकल पर खड़ा कर क्या रहा है?  

इधर मेडिकल वाला कुर्सी से उचक कर पान थूँकते हुये बोला,"एक रूपये वाली कॉम्बीफ्लेम टेबलेट दूँ या दो रूपये वाली या पाँच रूपये वाली। यह सुनकर जगत गुस्से से बोला,"इस तरह बेचते हो दवा?'' मुझे असली दो जो असर करे |" वह बोला," असली के लियेथोड़ी देर, कम से कम दस मिनट रूको। इतना सुनकर जगत उसके कॉउण्टर पर जा खड़ा हुआ और उसका कॉलर पकड़ कर बोला, '' देख! मेरे पास दस सेकेण्ड भी नहीं है, बात करता है। बस फिर क्या था, दोनों के बीच गालीगलौज और मारपीट शुरू हो गयी और वहाँ एक नया बवाल मच गया। यह सब देख गाड़ी में बैठी गौरी बोली, '' सावन तुम गाड़ी देखो!  मैं वहाँ जाती हूँ। आज जगत तुम्हारी नही सुनेगा| सावन ने कहा, '' आप बैठो मैम, मैं सालों को डोज देकर आता हूँ।'' गौरी कहती है, '' तुम पहले अपनी गाली पर कंट्रोल करो और यहीं बैठो।'' गौरी मन ही मन सोचती है यह सावन यही रहे तो ज्यादा अच्छा वरना कोई आज ज्यादा फिट जायेगा। फिर, गौरी गाड़ी से उतर कर मेडिकल की ओर जाती है। गाड़ी में बैठा सावन अपने मोबाइल से टाईम देखने की कोशिश करता कि उसका फोन स्विच ऑफ बैटरी लो दिखा रहा होता है। तब उसकी नज़र सामने रखे गौरी मैड़म के मोबाईल पर पडती है। वह जैसे ही उस फोन की तरफ हाथ बढ़ाता है कि तभी उसका हाथ रूक जाता है और वह सोचता हैै नही! मैम का फोन छूना गलत बात है। वह यह सोच ही रहा होता है कि तभी गौरी के

मोबाइल पर किसी की कॉल आती है और बार-बार आती कॉल को देख सावन सोचता है ऐसा तो नही कि कोई इस केस से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी  देना चाह रहा हो। अब जो होगा देखा जायेगा। मैं कॉल रिसीव कर ही लेता हूँ बाद में मैम को सॉरी बोल दूंगा पर यदि कोई जानकारी हाथ से निकल गयी तो मैम को क्या मुँह दिखाऊँगा?'' यह सब सोचते हुये वह कॉल रिसीव कर लेता, और मोबाइल को जैसे ही कान से लगाता है कि तभी ''सामने से कोई कहता है, दस हजार भेज जल्दी।'' समझी और बस कॉल डिस्कनेक्ट कर देता है। यह सुन इंस्पेक्टर सावन दंग रह जाता है। फिर वह तुरंत मैम के मोबाइल के जल्दी- जल्दी सभी मैसेज,सभी रिकॉडिंग चैक करता है तो सबकुछ सुन व देख वह हैरान रह जाता है और गुस्से से भर उठता है और तुरन्त वो सभी नम्बर और सभी फोटो दिमाग में सेव कर लेता है। फिर वह उस मोबाइल को यथास्थान रख देता है और कुछ सोचने लगता है।  इधर मेडीकल स्टोर पर खड़ा जगत दुकानदार से कह रहा होता है कि देख उधर! अब जल्दी टेबलेट दे दो। वो देखो!  डी.एम की कार। यह दवा उनके ही लिये चाहिये। तभी सामने डी.एम को अपनी ओर आते देख दुकानदार दो एनाफ्लेम टेबलेट और दो  कॉम्बीफ्लेम टेबलेट  जगत की तरफ बढ़ा देता है। जगत टेबलेट जेब में रख कर और पैसे काऊंटर पर रखकर  एक जोरदार थप्पड़ उस दुकानदार के गाल पर छापते हुये  बोलता है कि सुन! अगर आज केे बाद नकली दवा बेची तो जेल नहीं सीधा ऊपर ही जाओगे। तभी वह दुकानदार पीछे खड़ी गौरी मैडम के पैरों पर बैठ गया कि मैं मेरे खिलाफ कोई एक्शन न लेना। यह सुनकर गौरी ने पूछा, ''कब से बेच रहे हो यह नकली दवाएं?'' यह सुन वह डरते हुये बोला कि दस सालों से मैम पर पूरी गल्ती मेरी नही है।  कुछ कम्पनियों के  एमआर यह सब काम करते हैं। केवल मेरे मेडिकल स्टोर पर ही नही देश के हजारों मेडिकल स्टोर नकली दवाएं असली दवाओं के दामों पर धड़ल्ले से बेचीं जा रहीं हैं। गौरी ने कहा, '' क्या तुम बता सकते हो कि तुम्हारे लालच के कारण कितने ही बेगुनाह लोग मौत की नींद सो चुके हैं।'' वह कुछ बोल पाता कि पीछे खड़े इंस्पेक्टर सावन ने उसका एक हाथ से गला दबाते हुये और दूसरे हाथ से थप्पड़ों की जोरदार बरसात करते हुये कहा, ''बोल कैसा लगता रहा है तुझे ? फिर, मैम ने सावन से कहा कि मत मारो इसे, यह कानून का मुजरिम है और इसकी सही जगह जेल है।'' फिरजगत ने उसे पकड़े रखा और सावन ने, वहाँ के इंस्पेक्टर को कॉल किया और कुछ ही देर में वहाँ पुलिस आ गयी और उस हैवान को पकड़ कर ले गयी। यह सब देख रही वहाँ उपस्थित लोगों की भीड़ बोली, '' यह सचमुच बहुत अच्छा हुआ।'' गौरी ने उस भीड़ से कहा कि आप लोग भी सजग रहा करो और कभी भी कुछ भी संदिग्ध एक्टिविटी दिखे या कोई संदिग्ध  व्यक्ति दिखे तो तुरंत रिपोर्ट लिखवाओ पर चुप मत रहो। आपकी चुप्पी ही तो आपकी मूल परेशानी है। यह सब कहते हुये गौरी अपनी कार में जा बैठीं और भीड़ को फोटो और वीडियो बनातेे देख! जगत ने कार आगे जाकर रोक दी और पानी की बोतल गौरी की तरफ बढ़ाते हुये कहा, '' मैम प्लीज दवा खा लो तो सावन ने कहा, ''लीजिये मैम प्लीज।''  फिर गौरी दवा खाकर आँख बन्द करके सीट से टिक गयी और उनकी बन्द आँखों से टपकते आँसू को देख! सावन मन ही मन कसम लेता हैं कि मैडम आपको आँसू देनेे वाले उन ज़हरीले नागों का मैंने 24घंटेे के अंदर फन न कुचल दिया तो इंंस्पेक्टर सावन सूर्यवंंशी मेरा नाम नही।  तभी वह देखता है कि जगत बार - बार मैम को देख रहा है तो सावन ने कहा, ''जगतगाड़ी बढ़ाओ। मैम को हल्का जुखाम-बुखार है बस इसलिये येे आँसू आ रहे हैं |तुम आराम से गाड़ी चलाओ। जगत का मन गाड़ी चलाने में ज़रा भी नहीं लग  रहा था पर उसे सभी को सुरक्षित पहुंचाना था । यह सोच वह पूूूरी सजगता से गाड़ी चलाने लगा। कुछ देर बाद सावन कहता है कि जगत गाड़ी रोको और तुम भी थोड़ा  सुस्ता लो। मैं सामने होटल से कुछ खाने को ले आता हूँ। जगत कहता है सर! मैं ले आता हूँ। तो, सावन कहता है, '' तुम कोई सर्वेन्ट हो क्या कि हर काम तुम्हीं से करवाऊँ? यह सुनकर गौरी ने कहा, '' जगत! सावन बिल्कुल ठीक कह रहेे हैं।'' तुम बहुत देर से ड्राइव रहे हो। , प्लीज थोड़ा आराम कर लो।''  जगत बोला, ''आप लोग बहुत अच्छे हो।'' यह सुन सावन हँसा अरे! कुछ कमियां मुझ में भी है यार।'' गौरी हँस पड़ी तो सावन बोला, '' सुधार करेगें मैम!  पक्का और वह हँसता हुआ होटल की तरफ चला गया। तभी, जगत और गौरी दोनों गाड़ी से उतर कर टहलने लगे। वह टहल ही रहे थे कि सामने कुछ भीड़ दिखी। जगत और गौरी ने पास जाकर देखा! तो वहाँ एक नेता पाँच गरीबों को एक पतला सा कम्बल देते हुये अपने गुर्गों से फोटो खिंचवा रहा था। फिर, फोटो खिंचवाने  के बाद बोला, ''सालों! कल के पेपर में मेरी बड़ी सी फोटो आनी चाहिये कि पार्टी केे प्रदेश अध्यक्ष नेे सौ कम्बल गरीबों में बांटे। यह सुन उसके गुर्गे मुँह ताकते हुये बोले, '' सौ कम्बल! सौ गरीब?'' वह नेता मूछों पर ताव देता हुआ बोला, '' अरे! ससुुरों, पीछे मलिन बस्ती में दो - चार ठो पेटी देशी ठर्रा पहुंचा दे जाकर फिर तो ससुरे बोलेगें कि साहब! सौ नही पाँच सौ कम्बल मिलेे। यह सुन गुर्गे बोले, '' माा गये आपको।'' नेता ने कहा, ''ये सब छोड़ और चल यहाँँ से साला! आज ठंडी बहुत है। वैसे तुम ससुुुुरों ने मेरा ठंड का इंतजाम तो कर दिया हैैै न ?'' यह सुन सब हँसते हुये बोले, ''बखूबी किया है मालिक।'' यह भी कोई पूछने की बात है। फिर वह सब गाड़ी में बैठ गये और हवा हो गये। यह सब देख जगत बोला, '' मैम आपने मुझे बोलने क्यों नही दिया ?''  मैं यहीं पटक-पटक के इस नेता की जान ले लेता। यह सुन लौटते हुये गौरी बोली कि जगत! मैं बवाल नही शांति चाहती हूँ। यह सब एक दिन में नही सुधरने वाला। जगत बोला, '' इस नेेता के ऊपर कम से कम सौ मुुकदमे दर्ज होगें। ताज्जुब है यह दागी लोग नेता बन जाते हैं और वो भी हम ही लोगों की वजह से। मैैैम एक बात समझ नही आती कि ग़र गरीब का छज्जा भी बड़ा हो गया तो कानून उस गरीब को तब तक जीने नही देता जब तक वह अपना छज्जा गिरा न दे। पर इनका भ्रष्ट नेताओं की दिन दूनी रात चौगनी बढ़तीं प्रोपर्टी पर किसी का भी ध्यान नहीं जाताक्या देश में अमीरों के लिये अलग कानून है, समझ नही आता। मान लो यह नेता जेल भी जाता है तब भी इसे स्पेशल जेल में रखा जायेगा जहां उसे हर सुख उपलब्ध होगा। सरकार इन नेताओं से उनके पाँच साल का वीडियो सबूत क्यों नही लेती। मैं तो कहता हूँ कि जनता को वोट के बदले इन नेताओं से स्टाम्प पर लिखित लेना चाहिए कि वह बिजली, पानी,तालाबसड़के, सुरक्षा और रोजगार देगें वरना पद छोड़ देगें और जेल जायेगें।  गौरी ने कहा, '' जगत तुम्हारी बात काफी हद तक जायज़ है पर कुछ नेता ईमानदार भी हैं जिनकी देखादेखी यह भी नेता कम्बल बांट रहा था। तभी गाड़ी के पास पहुंचते ही सावन बोला, ''सब खाना ठंडा हो गया,देख रहा हूँ टेबलेट का असर काफी अच्छा हुआ है? मेरा मतलब यह असली वाली दवा थी। यह सुन सब हँस पड़े और अंदर बैठ सब खाना खाने लगे और खाने के साथ-साथ जगत ने पूरा माजरा सुनाया तो सावन हँस पड़ा कि यह नेता लोग की काली खोपड़ी ने हम सब की खोपड़ी खाली करने रखी है भाई गॉड। देखो! मैम सर से सारे बाल उड़ चुके हैं। यह सुन जगत बोला, '' फिर भी आप बहुत स्मार्ट लगते हैं अब अगर बाल भी होते तो जमाने को आग न लग जाती?'' बस फिर क्या था यह बात सुनते ही सब ठहाका मार कर हँस पड़े और फिर
जगत ने गाड़ी स्टार्ट कर दी।
कुछ देर बाद सावन बोला, '' मैम! इतनी ठंडी में उस होटल पर छोटे-छोटे बच्चे बर्तन धो रहे थे। मैंने सख्ती से पूछताछ कि तो उसने उन बच्चों के फोटो पहिचान पत्र दिखा दिये कि वह सब बच्चे उसके हैं पर क्या कोई अपने बच्चों से इस तरह काम करवा सकता है। यह सब सुन गौरी बोली कि देश के हर महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते यह सब बहुत आसानी से बन जाते हैं। सब कुछ ठीक करने में बहुत समय लगेगा सावन। फिर बातें करते-करते सुबह तीन बजे सब जिला भिमारी में दाखिल होते हैं इधर, गौरी अपने रूम में जाकर लेट जाती है और सावन अपने घर चला जाता है और जगत अपने रूम में। सब के सब अपने -अपने रूम में लेटे हुये खामोशी से कुछ सोच रहे हैं| फिर, दिन निकला तो सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त हो गये | इंस्पेक्टर सावन ने सभी नम्बर नयी सिम से मिलाकर चैक किये और बैठे - बैठे, कुछ स्कैच बनाकर तैयार किये और उन स्कैच को देखते हुआ बोला मैडम  इन रावण और कंसों का मैं क्या हाल करूंगा वो तो मैं भी नहीं जानता पर इतना तय है कि उन्हें तैंतीस करोड़ देवी-देवता एक साथ याद आयेगें। सावन ने महिला पुलिस कृष्णा पिल्लई को फोन किया जो कॉफ़ी खतरनाक महिला  इंस्पेक्टर के नाम से फेमस हैं फिर पूरी बात उनको समझा दी गयी। इधर नेट से गौरी ज्यादा से ज्यादा  जानकारियां जुटाने में कामयाब हो जाती हैं और अपनी एक महिला दोस्त जो बहुत फेमस मेकअप ऐक्सपर्ट है, से जाकर मिलती है तो वह कहती है, '' तू  बोल गौरी तेरे लिए जान भी हाजिर और मैं भी। '' यह सुन गौरी कहती है तू नही सुधरेगी? देख!शैलीन तुम मुझे इतना सुन्दर बना दो कि जो भी मुझे देखे बस देखता ही रह जाये। यह सुनकर शैलीन कहती है यार बातें छुपाने की तेरी भी आदत गयी नही। चल मत बता पर बता देगी तो मैं तेरा साथ दूँगी यार |गौरी कहती है साथ ही तो नहीं चाहिये तेरा और न ही तेरी जैसी किसी और लड़की का |शैलीन कहती है, '' यार! तू भी न।  फिर वह गौरी का मेकअप करना शुरू करती है और कुछ ही देर में गौरी को बेहद खूबसूरत बना देती है और कहती है यार तू तो वैसे भी खूबसूरत है।  गौरी कॉल गर्ल के वीडियो देखने लगती है | यह देख चौंकते हुये शैलीन कहती है, '' ओ! गौरी किताबी कीड़े, तू ये सब कब से देखने लगी?'' गौरी हँसते हुये कहती है ज्यादा न सोच शैलीन। बस अब मेरा कॉल गर्ल की तरह मेक ओवर कर दो। मैं एक हॉट कॉल गर्ल दिखना चाहती हूँ। यह सुन शैलीन का मुँह खुला का खुला रह जाता है और वह  मैकअप कम्प्लीट करने के बाद कहती है यार! तू यह सब करेगी ये तो मैने लाईफ में न सोचा था। गौरी उसे कुछ समझाती कि शैलीन उसका चेहरा देख वहीं बेहोश हो गयी। गौरी ने उसे हिलाया पर वह टस से मसले हुई फिर गौरी की नज़र सामने दीवार पर टगें शैलीन के बुर्के पर गयी। बस फिर क्या था गौरी ने जल्दी से बुर्का पहना और बाहर निकलीं। फिर, लोकल ऑटो में जैसे ही बैठतीं है कि सामने से ड्राईवर जगत ने मैडम की चप्पल पहचान उन्हें रोक लिया। मैडम जैसे ही नकाब उठातीं है तो जगत के होश उड़ जाते हैं और वह उन्हें देखता ही रह जाता है| कुछ सोचकर मैड़म कहती हैं तुम अभी मेरे साथ चलो। गौरी फिर से शैलीन के पास पहुंचती है।  शैलीन सामने खड़ी पानी पी रही होती है तभी सामने अपने बुर्के में गौरी को देख! उसके मुँह का पानी बाहर आ जाता है फिर वह रूमाल से मुँह पोछते हुये कहती है कि यह तुम्हारे साथ कौन है गौरी? जगत कहता है मैं इनका ड्राईवर हूँ| यह सुनकर उसके हाँथ से गिलास छूट जाता है। वह सोचती है अरे! यह डी. एम वो ड्राईवर इसे और कोई नहीं मिला| गौरी कहती है शैलीन मेरी बात ध्यान से सुनो! ये मेरा दलाल दिखे इसका ऐसा मेकओवर कर दो। वो कहती तू कॉल गर्ल और ये तेरा दलाल! यार तू होश में तो है? चल तुझे पास के झाड़ी वाले बाबा से झड़वा दूँ। तोगौरी कहती है मैं ठीक हूँ। तू बस जल्दी कर दोस्त। ये सब एक केस के सिलसिले में करना पड़ रहा हैं। फिरशैलीन जगत का भी मैकप कर देती है और सब मिलकर नेट वीडियो की मदद से ऐक्टिंग करने को बिल्कुल तैयार हो जाते हैं। फिर कुछ ही देर में वह दोनों वहाँ से दूर निकल जातें हैं | पूरा प्लान सुनने के बाद जगत कहता है कि मैम यह बहुत खतरनाक है अगर आपको कुछ हो गया तो? नही मैम, कुछ और सोचो न प्लीज। जगत को परेशान देख गौरी उसे समझाती है कि जिंदगी में किसी न किसी मोड़ पर रिस्क लेना ही पड़ता है और याद रखो वही मोड़ ही हमारी जिंदगी को बदल के रख देता है बस हिम्मत जुटाने भर की देर है। जगत तुम मुझ पर भरोसा रखो। यह प्लान एक रामवाण है। यह सुन जगत  बोलता है कि मैम मुझसे नहीं होगा बस |तो, मैडम  तुरन्त उस पत्रकार को कॉल कर उन्हें भी उसी जगह बुला लेती हैं और जगत के दलाल टाईप कपड़े और बाल सैंटिग और बगल में एक बैग दबाये और मुँह में पान भरे गेटअप में पत्रकार जी इकदम दलाल दिखने लगते हैं। पत्रकार कहता हैं कि मेरा वादा है गौरी जी मैं आपको कुछ होने नहीं दूँगा और जगत तुम अपनी गाड़ी और मेरे कुछ लोगों के साथ साये की तरह मैड़म के पीछे रहना |जगत कहता है ठीक हैफिर मैडम नेट से लिया गया एक बड़े दलाल का नम्बर पत्रकार को देती हैं पर वो नम्बर बन्द आता है तो गौरी सावन को कॉल करके कहती हैं कि रेड वाइन लड़की के फोन को तुमने ध्यान से देखा था? क्या किसी दलाल का नम्बर था उसमें? सावन कहता है सांसद रस्तोगी का नम्बर था जो मैं अभी आपको व्हाट्स अप करता हूँ |मैड़म वो नम्बर पत्रकार को दे देती हैं। अब पत्रकार जी दलाल अंदाज में बात करते हैं हलो! सर हॉट मॉल चाहिये हो तो मिलो फिर| इतना कहकर तुरंत  फोन काट देते हैं | तभी तुरन्त उधर से कॉल बैक आती है तो गौरी कहती है सर पूछिये कि कहाँ आऊँ? पत्रकार जी पूछते हैं साहब आपकी खिदमत में माल कहाँ लाऊँ।  वो सांसद एक पता मैसैज करता है तो पत्रकार कहता है। सर रोकड़ा कितना होगा? वो बोलता है पहले मॉल देखूँगा। अब जल्दी से आ जा बस |मैड़म और पत्रकार दोनों एक पुरानी टूटी बिल्डिंग में पहुंचते हैं तो सांसद की तेज गंदी नजरें मानो बुर्के में पार हो रहीं थीं मानो। वह चिड़चिड़ा कर बोलता है अरे! पहले इसका बुर्का हटा जल्दी? मैड़म जैसै ही चेहरे से अपने नाकाब उठांती है तो उस सांसद रस्तोगी का मुँह खुला का खुला रह जाता है और फिर जब पूरा बुर्का उतार देतीं हैं तो रस्तोगी ऊपर से नीचे तक उनको महीन ब्लू साड़ी में उनके जिस्म की खूबसूरती देख वह पागल हो जाता है और तुरन्त पास में रखी अटैची का सारा पैसा और अपने गले की चैन भी उतार कर पत्रकार को दे देता है। फिर बोलता है कि माँ कसम आज तो ईमान भी हाजिर है। गौरी होठों को दबाकर तिरछी नजरों से कहती है कि ईमान नही कुछ और चाहिये जी। यह सुनकर वो खुशी से गदगद हो उठता है और उस सांसद के दो - तीन गुर्गे उस रस्तोगी का इशारा पाकर पत्रकार से कहते हैं अब तुम जाओ, तुम्हारा काम खत्म हुआ ? यह सुन पत्रकार वहाँ से चला आता है और दूर खड़ी जगत की गाड़ी में आकर बैठ जाता हैं जिसमें कुछ विश्वासी लोगों की पूरी टीम मौजूद होती हैगौरी सांसद से कहतीं हैं कि ये जगह ठीक नही कोई अच्छी जगह चलो। वह तुरन्त गौरी का हाथ चूँ थे हुये कहता है बोलो जानेमन कहाँ चलना है? यह देख गौरी का मन रो आया कि कभी- कभी इंसान को अच्छा काम करने के लिये कितना गलत काम करना पड़ जाता है और सच की खोज में कभी - कभी कितना कुछ खोना पड़ जाता है| तभी वह सांसद गौरी की कमर पर हाथ रखते हुये बोला, '' मेरी जान मैं तो तुम्हें देखते ही लट्टू हो गया था। यह सुन गौरी बोली,"अच्छा।'' तो चलो गाड़ी में केवल मैं और तुम नो ड्राईवर। वो बोला हाँ मेरी जान। मैं समझ गया पर चलो पहले किसी मॉल में चलकर तुम्हें आईस्क्रीम खिला दूँ।  गौरी ने कहा,"पहले ड्राइवर को हटाओ? " सांसद ने तुरन्त ड्राइवर को गाड़ी से उतरने को कहा और ड्राइवर गाड़ी से उतर गया। ड्राइवर के उतरते ही रस्तोगी ने गौरी का हाथ अपने शीने पर लगाकर  गाड़ी ड्राइव करने लगा और बोला,"डार्लिंग आज जो चाहे  मांग लो ये जान भी हाजिर है पर माँ कसम अब इंतजार नहीं हो रहा।  बोलो तो मॉल में ही अपन मीटिंग करें|" गौरी की हालत अंदर ही अंदर बहुत खराब हो रही थी की वो क्या है? और कर क्या रही है? गै़र मर्द उसे इस तरह छू रहा है पर यह सब मेरे ही प्लान का हिस्सा है और मुझे अपना पार्ट निभाना है जोकि मैं पूरी ईमानदारी से निभाऊँगीं|तभी वह गाड़ी रोक कर गौरी के गले को चूँमता हुआ उसे अपनी बाहों मेंं कस लेता है और कहता है सब तुम्हारे इस सुन्दर चेहरे और कोमल वदन का दोष है, कंट्रोल ही नही होता यार!  गौरी कहती है रूको! पहले मुझे तुमसे कुछ मांगना है।" यह सुन रस्तोगी कहता है जो चाहे मांगो डियर। गौरी कहती है,"मेरी एक जॉनी दुश्मन है जिसका नाम है डी.एम ईरा सिंघल जिससे मुझे अपना पुराना हिसाब चुकाना है पर न जाने कहाँ छिप के बैठी है। मेरी जिद्द है कि मैं उसे अपने हाँथों से मारूँ |वो सांसद जोर से हँसा और बोलाा, '' बस इतनी सी बात पर तुम मुझे किस करो तो बताऊँ| गौरी उसके तरफ बढ़ी तो उसने गौरी को अपनी बाँहों में भर लिया। यह देख गौरी ने कहा,"पहले उसके बारे में बताओ।''  मैं तो तुम्हारे साथ ही हूँ और रात अभी बाकी है।'' कहतें हैं इंतजार का फल बहुत मीठा होता है|" सांसद ने कहा, '' जॉन में नर हूँ, मर्द हूँ मेरी बैचेनी समझो।'' अब एक पल का भी इंतजार नहीं हो रहा मानो चार दिन से भूखे जानवर के सामने करारा भुना माँ पड़ा है । यह सुन, गौरी ने उस सांसद के कान में वीडियो से सुना हुआ डॉयलॉग मार दिया कि हाँ, "वो तो रात का बिस्तर ही बतायेगा कि तुम नर हो या नपुंसक |" यह सुनकर सांसद बोला,"बेफिक्र रहो।  तुम्हारी बोलती बन्द न कर दी तो में मर्द नही और फिर गौरी के हाँथ को चूमते हुये बोला,"चलो तुम भी क्या याद रखोगी लैडीज फर्स्ट। अब सुनो! वह जो बवाली डी.एम हैै। उसको शहर से बाहर एक खंडहर के गुप्त तलघर में रखा गया है| गौरी ने पूछा कि उसकी रखवाली में वहां कितने लोग हैं ?" यह सुन वह जोर से हँसा कितने क्या बस एक ही है। जेल से भागा हुआ कैदी जो जिंदा मौत है।  उसका एक हाँथ पड़ जाये बस आदमी खत्म। वो इतने बड़े खंडहर में अकेले ही रहता है। वो बहुत खूँखार है | उसका नाम पायरिया धानी यानि जिंदा मौत है |गौरी ने कहा,"तुम झूठ बोलते हो यार इतना भी मत फेंको। यह सुनकर उसने गाड़ी को दूसरी ओर मोड़त हुये कहा, "पहले तुमको तुम्हारे दुश्मन से मिला दूँ फिर तुम्हारी इन दुश्मन निगाहों से निपटेगें लव यू जानेमन | इधर रस्तोगी की गाड़ी तेजी से भाग रही थी और पीछे जगत की गाड़ी उनका पीछा कर रही थी । गौरी ने कहा,"कोई मस्त गाना सुनाओ |सांसद बोला,"तेरा नाम क्या है मेरी धड़कन? गौरी ने कहा,"तुमने तो बोल भी दिया 'धड़कन' नाम है मेरा |सांसद गौरी को देखकर बोला बिल्कुल सही नाम रखा रखने वाले ने |गौरी बोली सामने देख के चलाओ यार।  वो बोला,"तुम बालाओं के नखरे कसम से मौत से ज्यादा खतरनाक होते हैं। मैं तो कसम से मरा बैठा हूँ आज |गौरी गाड़ी में लगे शीशे में देखती हुई सोच रही है कि क्या में सचमुच सुन्दर लग रहीं हूँ और ये मेरी सुन्दरता में पागल हो रखा है पर...'उनकोकुछ क्यों नहीं होता, जिसे कभी  मैने इतना चाहा था | यह सोच ही रही थी कि इंस्पेक्टर सावन का मैसैज आया कि मैंने उन सबको गिरफ्तार कर लिया है जिसने आपकी जिंदगी नरक बना रखी थी।  ये देखो! स्कैच? गौरी,उन सब स्कैच को देख चौंक गयी। तभी सावन की कॉल आयी कि बोलो मैम! मैंने ठीक किया नगौरी ने आसुँओं को गले में ही पीते हुए कहा," हाँँ, ठीक किया|" तभी सांसद ने कहा,"यार नो कॉल प्लीज|" गौरी ने कहा, ''ओके।'' गौरी ने कहा,"और कितनी दूर है?"वो बोला बस आ ही गया मेरी धड़कन|फिर इकदम सूनसान जगह गाड़ी रूकी जहां मरघट जैसा सन्नाटा छाया था और जहाँ दूर - दूर तक कुछ नही था| वो दोनों उस खंड्हर में अंदर पहुँचे तो ढ़ेरों चमगादड़ों को लटका देख!  वो अंदर तक काँप गयी तभी ढ़ेर सारे कबूतर उसके सिर के ऊपर से उड़ गये तो सांसद ने गौरी को कस के पकड़ लिया और बोला जॉन डरो नही चलो अंदर| वो दोनों अंदर पहुंचे तो एक बड़ा सा आदमी पेट के बल लेटा हुआ था। कदमों की आहट सुन! वो भारी आवाज में बोला कि किसकी मौत लिखी है आज |सांसद ने कहा,"धानी बाबू देख! तुझे कौन मिलने आया है? वह उठ  कर कुछ बोलता कि गौरी को देख दंग रह गया और बोला,"पूजा तुम?" गौरी ने चौंक कर कहा,"गुड्डू तुम | यह देख सांसद बोला यह अच्छा हुआ सब एक दूसरे को जानते हैं। इसी बात पर मैं गाड़ी से दारू उठाकर लाता हूँ। तुम दोनों बेठो। सांसद के जाने के बाद गौरी ने कहा, '' मैं जब गाँव शहबाजपुर जाती थी तब तुम पढ़ने में कितने होशियार थे| मेरी सभी सब्जेक्ट प्राब्लन मिनटों में सोल्व कर दिया करते थे |तुमको याद है ना। वो चंदेल चाचा के बाग में हम तुमने खूब अमरूद तोड़े हैं।  तुम्हारे दांत में पायरिया था तो तुमको सब पायरिया बोलने लगे थे हैं ना।  फिर पता चला कि तुम्हारी पकड़ हो गयी और अचानक तुम्हारी बहन धानी भी कहीं गायब हो गयी। फिर ना तुम मिले ना मौसी। यह सब सुन वह बोला,"माँ तो सालों  पहले ही गुजर गयी पूजा।  रही बात मेरी तो मैं बदनशीब उनको अंतिम बार भी न मिल सका। गौरी की सवालिया निगााहों को देख! वह बोला कि अब क्या बताऊँ। बहुत लम्बी कहानी है। सारी पढ़ाई-लिखाई तो बहुत पीछे छूट गयी पर हाँ स्कूल मैड़म की एक बात आज भी याद हैं कि दूरी सदैव धनात्मक होती है| उस बात का मतलब आज समझ आया कि वाकयी दूरी धनात्मक हुई देखो! गौरी इतनी दूरियों के तुम मुझे मिलने आ गयी |यह सुनकर गौरी ने कुछ सोचा और गुड्डू के पास जाकर बोली, ''  यह सांसद बहुत गलत इंसान है आज इसने मुझे गलत तरीके से कई बार छुआ ...वो अपनी बात पूरी भी न कह सकी कि गुड्डू ने सामने से आते हुये उस सांसद के गले में ऐसा मुक्का मारा कि वह वहीं खत्म हो गया और पायरिया ने बिना देर लगाए उसकी लाश पीछे कुऐं में जाकर फेंक दी |वो बोला,"पूजा तुम यहाँ कैसे? एक बात बोलूँ? तुम बड़ी होकर बड़ी सुन्दर हो गयी हो सचमुच। गौरी गुड्डू का यह भयावह रूप देख सहम गयी। तब, गुड्डू ने कहा, '' पूजा तुमने इतना मेकअप क्यों कर रखा है? गौरी हँस पड़ी। देख! गुड्डू तेरे सच बोलने की आदत गयी नही। वैसे तूने इतनी गज़ब की बॉडी क्यों बना रखी है? यह सुन वह भी हँस पड़ा और बोला पर तुम इस सांसद के साथ मैं कुछ समझा नही..। गौरी कहती है कि मैं इसी का सहारा लेकर यहाँ तक पहुँची हूँ क्योंकि जिसको तुमने कैद कर रखा है मुझे उनसे मिलना है प्लीज मुझे दिखाओ वो कहाँ हैं? पायरिया कहता है ये जो कालीन बिछा है इसके नीचे वो कैद हैं और नीचे जाने के लिए एक कोड है उसको डालो तब यह जाल खुलेगा और तब ही तुम अंदर जा सकोगी| गौरी कहती है,"कोड दो गुड्डू ? "पायरिया कहता है,"मैं अगर जिंदा हूँ तो मंत्री जी के कारण मैंने उनका नमक खाया है और मैं उनसे गद्दारी नहीं करूगां। अब चाहें वो गलत हो या सहीं वही मेरे भगवान है| गौरी ने कहा,"देशद्रोही भगवान कैसे हो सकता है गुड्डू? गुड्डू ने कहा,"पूजा छोड़ न ये सब बता कैसी है तू? चलो बचपन की यादें ताजा करते हैं |गौरी धीरे से सावन और पत्रकार जी को मैसैज करती है कि ईरा जी मिल गयीं जल्दी आओ और वह शहर के तीसरे बड़े भूतिया खंड्हर के अंदर कैद हैं, जल्दी पहुंचों।गौरी कुछ सोचतीं हैं और फिर गुड्डू से कहती है कि वॉव! ये पिस्टन। चलो मुझे भी चलाना सिखाओ? वो हंसता है यहाँ कोई आम और अमरूद नही बल्कि  मेरा सिर है दोस्त। वह भी हंस पड़ती है उसे हंसता देख पायरिया उसे देखता ही रह जाता है। फिर गौरी पिस्टल उठाकर इधर - उधर गोली चलाने लगती है और बाद में जब उस पिस्टल में केवल एक गोली ही बचती है तो  तुरन्त एक मिनट गँवायें वो लास्ट गोली पायरिया को मार देती है। वह गोली पायरिया के सीने के आर-पार हो जाती है तो वह जमीन पर गिर पड़ता है और कहता कि भगवान ने बड़ी ही खूबसूरत मौत चुनी थी थैंक्यू गॉड। फिर गौरी की तरफ देख के बोला कि अच्छा किया जो साला दिल में गोली मारा। ये दिल साला हर वक्त बस तेरा ही नाम जपता था। पर पूजा तू प्यार से कहकर तो देखती में कोड बता देता प्यार से ....।पूजा ये सुनकर रो पड़ती है तो वह कहता है कोड है 'पूजा'| पर देख! पूजा मैं एक बात बोलूँ? मैं तुझे भूल नहीं पाऊँगा।  तू देखना में ऊपर कहीं नहीं जाऊँगा। मैं भूत बनकर तेरे पीछे ही आऊँगा। यह सुन पूजा उसके सीने पर सिर रख कर फूट -फूट कर रो पड़ती है और कहती है कि नीचे फेमस डीएम ईरान सिंघल जी पाँच वर्ष से कैद हैं। मैं उन्हीं को छुड़ाने आयी थी पर तुम नमन से गद्दारी नही करते। इसलिये मजबूरन मुझे  तुम पर गोली चलानी पड़ी। प्लीज अपनी दोस्त पूजा को माफ कर दो? यह सुन वह बोला, '' मुझे तो बताया गया था नीचे कोई नरभक्षी औरत है।'' तूने मुझे गोली मार कर बिल्कुल  ठीक किया पूजा, मुझे जिंदा रहने का कोई हक नहीं और तड़पते हुये उसने अपने प्राण निकल गये। यह सुनते ही गौरी चिल्लाई ओह! गॉड ये मैंने क्या किया? अपने बचपन के दोस्त को अपने हाँथों ही मार दिया | तभी नीचे से कुछ टूटने की आवाज आयी।  गौरी ने फौरन उस जाली में अपना बचपन का नाम 'पूजाकोड डाला और जाल का दरबाजा खोल वो नीचे उतर गयी। वहाँ ईरान मैडम की हालत देख वह रो पड़ीं कि सामने ईरा मैड़म इतनी कमजोर हालत में थी मानों वह शरीर नही बल्कि कि कोई श्वांस लेता कंकाल पड़ा हो। वह उनके पास गयी और पीछे से जगत और पत्रकार जी समेत पुलिस की पूरी टीम मिलकर खूफिया कैमरे लगाने लगते हैं और सभी वहाँ छिप जाते हैं केवल पत्रकार नीचे पहुँचता है और सामने ईरा मैड़म को बुरी हालत में लेटा देख वो भी रो पड़ता है और ईरा भी सामने पत्रकार को देखकर रो पड़ती हैं दोनों कुछ बोल पाते कि अचानक जॉल ऊपर से बन्द हो जाता है| फिर, अचानक किसी के भारी कदमों की आवाज सुनाई देती है धम्म!  धम्म!  वह बोलता हुआ आ रहा है जय जय महाकाल। महाकाल की जय हो। वह दिखने में अघोरी भेषधारी पूरे शरीर पर भस्म मले और मात्र लगौंट पहने, बड़ी बड़ी जटाओं को हिलाता हुआ एक बाबा सामने आ खड़ा हुआ और बोला अब आयेगा खेला का असली मजा जय जय महाकालगौरी ने कहा,"कौन हो तुम?" वह बोला,"तुम जैसी भटकी अात्माओं के लिये में एक अघोरी हूँ |" यह शब्द सुन पत्रकार और गौरी को सब याद आ गया कि फोन पर यही था।  सब कुछ  इसने ही कियावह बोला,"इस बवाली डी.एम ने मेरे भाई मुकुंद कुंद्रे को जेल भिजवा दिया अरे! अपनी दस साल की नातिन के साथ ही तो सोया। साला कोई वेश्या के साथ तो नहीं न। इस साली बवाली ने उसको जेल पहुंचाकर उसका जीवन ही बर्बाद कर दिया। बेचारा कितना माफी मांगा। पर इस बवाल ने एक न सुनी। उसको जेल भेज!  खुद को रंगबाज समझ रही थी। इसको नही पता था कि उसका बदला लेने वाला मैं खपड़ा मंत्री उर्फ अघोरी भाई अभी जिंदा हूँ। तूने उसे सरकारी जेल में डलवाया और मैंने तुझे अपनी निजी जेल में हा हा हा..।गौरी ने कहा,"तू वही मंत्री है ना जिसने पायरिया को एक गुलाम की जिंदगी दी?'' तुझ जैसे नेता और मंत्री सचमुच  किसी आतंकी से कम नहीं और तब अपने को अघोरी कहता है। अघोरी तुझ जैसे पापी नही होते। इतना कहते ही गौरी ने दूर रखी पिस्तौल उठाने को जैसे ही हाथ बढ़ाया। तो उस ढ़ोगीं ने अपनी जटाओं को झटकते हुये अपने पांव से उस पिस्तौल दबाते हुये  बोला," ओ! लौड़ियां चूहे मार दवा से शेर नहीं मरा करते। यह सुन गौरी बोली,"तूने ठीक कहा ढ़ोगीं! शेर नहीं मरा करते पर तू तो गीदड़ है| यह जवाब सुनकर वह जोर से चिल्लाया देख! खामोश हो जा वरना.. गौरी ने कहा, ''वरना क्या ?" वह पूरी ताकत से चिल्लाकर बोला,"मुझे गुस्सा नही सनक आती है समझी। फिर मैं कुछ समझ पाती कि एकाएक उसने अचानक पास की दीवाल से लटकती रस्सी को खींच दिया और एक बहुत बड़ा और चमचमाता ब्लैड बहुत तेजी से ब्रेच पर लैटी ईरा जी के घुटनों पर गिरा और उनका शरीर दो भांगों में बंट गया और  ईरा जी महादर्द से चीख उठीं |और उस चीख से पूरा खंडहर थरथरा उठा यह देख पत्रकार चिल्लाया ईरा मैड़म |तभी उस ढ़ोगीं ने तिरंगा निकाला और बोला,"इसकी मैं लगोंट लगाऊँगा वो भी तेरे सामने बवाली डी एम। अगर देश की शान प्यारी है तो अपनी बचीं हुई जाघों पर खड़ी हो जा जल्दी| इधर गौरी और पत्रकार को उस ढ़ोंगी अघोरी के गुर्गों ने पकड़ रखा था| वो बस रो और चिल्ला रहे थेजॉल के ऊपर पुलिस मुठभेड़ चल रही थी और दनादन गोलियों की चलने की आवाजें आ रहीं थीं। तभी वह अघोरी उस तिरंगे को मोड़ने लगा। यह देख गौरी को कुछ सूझा और वह बुलंद आवाज में राष्ट्रगान गाने लगी जन गण मन अधिनायक जय हो भारत भाग्य विधाता...। फिर, जैसे ही डी.एम ईरा जी के कानों में राष्ट्रगान की आवाज पहुँची तो उन्हें याद आया कि स्कूल में टीचर कहते थे जब राष्ट्रगान हो रहा हो तो खड़ा हो जाना चाहिये अगर लेटे या बैठे रहोगे तो देश का अपमान होगा।  देश का अपमान!  देश का अपमान! ....। इधर पत्रकार और गौरी राष्ट्रगान गाने में लगे थे कि तभी डी.एम ईरा जी दर्द को पीते हुये उठने का प्रयास करने लगीं और एकाएक  गिर पड़ीं। यह देख अघोरी हँस पड़ा कि तभी पत्रकार ईरा जी की तरफ देख के बोले,"ईरा जी!  आई लव यू। पत्रकार के मुँह से यह शब्द सुनकर वो अंदर तक मानों तृप्त हो उठीं। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि वर्षों से  प्यासी रेत पर बिन मौसम अचानक जोर की बरसात हो गयी थी। प्यार भरे शब्दों को सुनकर  उनके अंदर की चेतना जाग उठी और वह हल्की मुस्कान के साथ हिम्मत करके अपनी दोनों जाँघों पर खड़ी हो गयीं और तिरंगें सैल्यूट करते हुये पूरी हिम्मत बटोर के बोलीं,"भारत माता की जय। जय हिन्द। इतना कहकर वो गिर पड़ी ..। तो पत्रकार चिल्लाया नहीं मैडम। यह देख!  अघोरी ने पत्रकार को तुरन्त गोली मार दी |जमीन पर पड़ी डी.एम ईरा और पत्रकार दोनों खिसक कर एक दूसरे के पास आने लगे तो अघोरी बोला," तुम्हें  मरने तो दूँगा पर प्यार में कतई नहीं...। देख! सुन बवाली डी.एम!  मैंने तेरी इस तहखाने में कैदवाली सी.डी बनाकर इस पत्रकार को इसके फ्लैट पर भिजवायी थी  पर देखो! ये तुम्हें छुड़ाने तक नहीं आया और बोलता है आई लव यू। धोकेबाज है ये। धोकेबाज। यह तो इस लड़की के साथ मजे उड़ा रहा होगा।  इससे पूछो यह तुझे बचाने क्यों नहीं आया..पत्रकार ये सुनकर रो पड़ा और सोचने लगी कि मैंने तो फ्लैट छोड़ श्मशान में रहना शुरू कर दिया था। मुझे किसी सीडी की जानकारी नही...वो यह सोच ही रहा था  कि ईरा जी आंसू भरीं सवालिया आँखों से पत्रकार की तरफ देखतीं हुईं धोके के दर्द की नींद सो गयीं और वहीं पास ही जमीन पर  पड़ा पत्रकार ने यह सोच कर तड़प उठा कि काश! ईरान जी को दो पल की जिंदगी और मिल जाती तो मैं ईरा जी को सब सच बता देता।  ये सब सोचते हुये वो भी ग्लानि से भरी दर्द की आखरी नींद सो गया। दोनों के मन की बात मन में ही दफ्न हो गयीतभी अचानक गौरी को याद आया ओह! यह सब तो मेरी गल्ती है। वो दूसरी सीडी!  मैं देख लेती। ओह गॉड! वो तो वही सीडी थी जो मुझे पत्रकार जी के फ्लैट से मिली थी। काश!मैं ही देख पाती और तभी एकाएक  ऊपर जॉल से ढे़रों पुलिस जवान नीचे कूदतें हैं और तभी गौरी उस भगदड़ में उस अघोरी के गुर्गे की जमीन पर गिरा देशी कट्टा उठाती है और भाग रहे अघोरी की दोनों टांगों में गोली मार देती है। फिर उसे घसीटते हुऐ उसी ब्रेंच पर लिटा देती है। मौत को सामने देख वह ढ़ोगीं गिड़गिड़ाने लगता है और अपनी जान की भीख मांगने लगता है पर तभी जगत उसे धक्का मार कर उसी ब्रेंच  पर धकेल देता है और सावन उसे पटक-पटक कर अधमरा कर देता है और तभी गुस्से से भरी डीएम गौरी संघाल  पास की दीवाल की रस्सी खींच देती है और वह पैना बड़ा ब्लैड उस अघोरी की गर्दन पर गिरता है और उसकी गर्दन धड़ से अलग हो जाती है। अब गौरी उस मुड़े तिरगें को खोलती है और सीने से लगा लेती है।  फिर रोते हुये उसे पत्रकार और डीएम ईरा सिंघल को उढ़ा देती है फिर उनको सैल्यूट करती है। यह देख वहाँ खड़े सभी पुलिसकर्मी डी.एम ईरा जी को सैल्यूट करते हैं और गौरी कहती है,"सत्यमेव जयते|'' फिर कॉफ़ी  देर गौरी वहीं बैठी रहतीं है तो इंस्पेक्टर सावन कहता है प्लीज यहाँ से चलिये मैडम।  वहाँ खड़े सभी पुलिसकर्मी कहतें हैं कि मैम!  हमने कुछ नहीं देखा। प्लीज आप जाइये हम सब संभाल लेगें| फिर सब लोग श्मशानघाट पहुंचते हैं जहाँ ईरा मैडम और पत्रकार जी का दाह संस्कार करते हैं। अब सभी जा चुके हैं और  कुछ देर के लिये सब शांत हो जाता है। अब खामोश गौरी गाड़ी में बैठ जाती है तभी कॉल आती है बहू प्लीज मुझे बचा लो।  अब मैं तुझे कभी परेशान नहीं करूगीं। कोई पैसा नहीं मागूँगी।यह सुन गौरी कुछ बोलती कि गौरी का पति फोन पर कहता है," डी.एम होगी अपने लियेमेरी माँ को जेल पहुँचायासाली मैं तुझे डिवोर्स दे दूंगा| गौरी कहती है," कृपया  आप कस्ट न करें। यह भी काम में खुद कर लूँगीं। वेट कीजिये मैं खुद आपको डिवोर्स दूंगी। गुड बॉययह सुन इंस्पेक्टर सावन कहता है वो मैंने आपका मोबाईल देख लिया था सो मैंने.....पर मैंने ठीक किया ना......गौरी ने कहा,"हाँ, सावन बिल्कुल ठीक किया, थेन्क यू सो मच।'' सावन ने कहा," अरे! नही मैम थैन्कयू बोलकर आप मुझे शर्मिन्दा न करें प्लीज मैं आपकी दिल से बहुत रिस्पेक्ट करता हूँ और हाँ मैम उन दोनों माँ बेटे ने मार पीटशोषण सब कबूल कर लिया है। मैम! मुझे यह भी पता चला है  की आपने अपनी पूरी पढ़ाई बड़ी मुसीबत से मायके में रह कर की है। यह सब यातनाएं सहते हुये भी आप आज इस पद पर हैं और हर एक के दिल में भी हैं आज। मैम आज आप देश- दुनिया की नजर में चढ़ गयीं।  पता है कितना महान कार्य किया है आपनेगौरी को चुप देख! सावन ने कहा कि मैम आपने अपने पति को जेल क्यों नही भेजा आखिर? क्यों सब सहती रहीं क्यों? गौरी ने सावन की तरफ भरी आँखों से एक टक देखा! और कहा क्योंकि मैं अपने पति को दिल-ओ-जान से  चाहती थी और यकीन था कि मैं एक दिन उनको बदल लूंगी। सब ठीक कर लूंगी। मेरी माँ हमेशा कहा करती थीं कि पति ही भगवान है उन्हें और उनके परिवार को खुश रखने की कोशिश करो। यह समाज तलाकशुदा को सम्मान नही देता मेरी बच्ची। मैं तेरा हँसता-खेलता परिवार चाहती हूँ। मैं कैसे माँ को समझाती कि वो लोग इंसान है ही नही जिनको समझाया जा सके। बस फिर चुपचाप किताबों को ही अपना परिवार बना लिया। हाँ, मैं उस समाज को बदलना चाहती हूँ जो हाउस वाइफ महिलाओं को बस अपनी जरूरत समझता रहा है जबकि हाउस वाइफ अनमोल है। मैंने हमेशा से यही चाहा था कि मैं एक बेहतरीन हाउस वाइफ साबित हूँ बस अपने पति और बच्चों को यह जीवन समर्पित हो क्योंकि डीएम बनना फिर भी सरल है पर हाउस वाइफ बनना बहुत कठिन। मेरी नजर में देश-दुनिया की प्रत्येक हाउस वाइफ सुपर हीरो है। मैं उन्हें दिल से सैल्यूट करतीं हूँ। अफसोस! मैं जीवन में खुद को कहीं भी साबित न कर पायी।  सावन! मैंने कोर्ट-कचहरी और झगड़े में वक्त बर्बाद नही किया बल्कि तैयारी में मन लगाया कि लोगों के लिये कुछ कर सकूं वरना ऊपरवाले को क्या जवाब दूंगी। यह सब सुन सावन ने हाथ जोड़कर कहा, '' मैम आप सचमुच महान हो।'' मैं आपको सैल्यूट करता हूँ। यह देख गौरी ने कहा प्लीज यह सैल्यूट मुझे मत करो और एक बात बताओ सावन! क्या तुम्हें पता है वो श्याम भाई का क्या हुआ कि जिसकी बहन के पेट में लोहे के बेलचे आर- पार किये गये थे और उसने उन्हीं बेलचों से दोषियों को मार दिया था | सावन ने कहा,"वो लड़का उस समय मात्र तेरह वर्ष का था। अब पता नहीं कहाँ होगा?   कोई नहीं जानता? यह सुन गौरी ने कहा,"  उसे ले जाने वाले उसको एक और गुड्डू बना देंगें। सावन ने कहा,"कौन गुड्डू?'' गौरी ने कहा," कुछ नही, वादा करो उस श्याम को ढूँढ़ोंगे।''   .....सावन ने कहा,"बिल्कुल मैम|"
गौरी मन ही मन कहती है खुद की नजरों में गिर गयीं हूँ। वह खुद से सवाल करती है, क्या यह हैं मेरे बहुत महान कार्य? उस सांसद का छूनागुड्डू का मरनासीडी का ना देखना और ईरा जी का मरना। यह सब सोचते हुये वह मन ही मन आँसुओं को पीने लगती है और ग्लानि और पश्चाताप में पल- पल मर रही होती है
फिर एकाएक , जगत आकर कहता है मैम! अब तक यही खडे़ हैं आप लोग?शाम होने को है चलिये गाड़ी में बैठिये।गौरी कहती है वहां क्या हो रहा है तो वह कहता है कि जनता और मीडिया की भारी भीड़ है। हमने उस ढ़ोंगी की बॉडी हिल्ले लगा दी है। न मिलेगी बॉडी न चलेगा केस। गौरी कहती है मैं सच बोल दूंगी जगत और चली  जाऊंगी जेल। यह सुन जगत ने कहा, '' देखा जायेगा पर अभी यहां से चलते हैं। फिरसावन और गौरी गाड़ी में बैठकर जैसे ही भिमारी में प्रवेश करतें हैं कि चौंक जाते हैं कि चारों तरफ ट्रक जल रहें हैं और वहाँ  ऐसा बवाल मचा कि पूछो मत। गौरी अपनी गाड़ी के बोनट पर चढ़कर कहती है प्लीज़!  शांत हो जाइये और कोई एक बोलो कि आखिर! हुआ क्यायह सुनकर कुछ शान्ती हो जाती है और कुछ लोग कहतें हैं कि हम लोगों ने पाँच ट्रक गौ माँस पकड़ा और इन नेताओं के कारण दो ट्रक गायों से भरे ट्रक आगे निकाल दिये गये। अब वो कटेंगीं जाकर साले जिसका दूध पीतेउसी का माँस खातें हैं। वो ट्रक इतनी जल्दी में निकले की हमारी एक छोटी बच्ची को लील गये|यह सुनकर कुछ लोग आपस में लड़ने लगे कि कुछ हिन्दू अगर बेचें नहीं तो कुछ मुसलमान उन्हें कांटे नहीं। बस फिर क्या था तभी देखते ही देखते वहाँ मार-पीट शुरू हो गयी। तब सावन ने हवाई फायर करते हुये कहा,"रूको भाई यह बताओ दोषी कौन हैतो भीड़ बोली दागी नेता। हम आम जनता  बिना टीईटी के टीचर नहीबिना आईआईटी के इंजीनियर नहींबिना पीसीएस के आप डीएम नही और नेता के लिये बस वो दागी हो और माना हुआ परम हो बस | गौरी ने कहा,"वो दूर उधर लोग किसे पीट रहें हैं?" तो वहाँ खड़ी जनता बोली,"चोट्टा विभाग वाले।''  गौरी बोली,"मतलब|" यह सुनकर वह लोग बोले कि बिजली विभाग के लोग पिट रहे हैं क्योंकि मैडम जितना  हमारे बिजली मीटर का  एक महीने का बिल आता है उतना बिजली विभाग के कुछ लोगों के घर का सालभर का बिल होता है। घर में जुगाड़ से बिजली चोरी करते हैं और घर से बाहर निकल कर आम जनता को हड़काते फिरते हैं ।  इनकी भी ऐश और इनके रिश्तेदारों की भी। कोई बिल नहीं देते ये लोग | हमारा तो मकान दो महीने से  बन्द पड़ा है फिर भी बिल आया बीस बजार रूपये। जबकि वह मीटर सालभर पहले कट भी चुका और पीडी  भी करवा लिया था। कटे कनेक्शन का भी 80हजार बिल तो बताओ मैडम गुस्से में जनता कैसे चुप रहे। इन भ्रष्ट नेताओं के लिये  हम जनता बस वोट देने की मशीन है और कुछ नही...। 
गौरी ने कहा,'' अगले महीने जिले में चुनाव है और अगर सभी दागी व्यक्ति चुनाव में खड़े होते हैं तो बस आप लोग काले रंग का बटन दबाओ 27%वोट निगेटिव मतलब किसी को भी वोट नही ये है इस बटन की ताकत |आप लोग अपने अधिकार का सही प्रयोग करो बस। अगर सत्ताईस परसेन्ट वोट निगेटिव पड़ जायें तो  चुनाव में खड़े सब दागी नेता जेल में और राष्ट्रपति शासन और फिर कहना कि नेता भी पढ़ा लिखा और सज्जन चाहिये फिर कोर्ट भी आपको न्याय जरूर देगी|
   अगले महीने तो गजब हो गया पूरे देश में काला बटन दबा और जबरदस्त निगेटिव वोटिंग हुई यानि मेरा वोट किसी को नही। बेरोजगार लोग प्रदर्शन कर रहे थे कि जॉब नही तो वोट नही। महिलाएं कह रही थीं कि पहले दहेज़ मिटाओ फिर सुरक्षा बढ़ाओ तब हमारा वोट पाओ। वह टीवी पर देख रही थी कि देशभर में हर तरफ अपने हक और अधिकारों को लेकर बवाल मच गया था। 
दूसरे दिन गौरी को लोगों ने कहा,"मैडम! लालबाग स्टेडियम में एक सभा को सम्बोधित करें।  ये बच्चों की सभा है|" गौरी तैयार होकर जैसे ही बाहर निकलती है तो उसकी अस्पताल वाली गोद ली गयी बेटी मॉली उसका दुपट्टा पकड़ कर कहती है,"माँ,मत जाओ|" गौरी उसे गले लगा कर कहती हैं कि माँ जल्दी वापस आयेगी तब तक इन आंटी के साथ खेलो। फिर, उसकी आया उसे गोद में लेकर अंदर चली जाती हैगौरी मंच पर पहुँचती है तो उसे अपने सामने उसी सांसद का चेहरा दिखता है और उन्हें खुद से घिन आने लगती है पर खुद को सम्भालते हुये वह मंच पर खड़ी है और तभी उसे गुड्डू दिखता है और कहता है चलो मैं तुम्हें लेने आया हूँ  तभी पति दिखता है जो हमेशा उसे जलील करते हुये दिख  रहा है कि मेरी माँ पहले, तू बाद में समझीमाँ जो कहे मानो वरना अब डिवोर्स ही होगा फिर बेटी दिखती है जो बार-बार, बोल रही है कि 'माँमत जाओ| जिंदगी की रियल फिल्म के सभी दृश्य मानो उसके सामने चल रहे थे। इन बीते दिनों की कड़वी और जहरीली यादों  ने गौरी के दिलो-ओ- दिमाग में बवाल मचा दिया और तभी गौरी अपना मानसिक संतुलन खोने लगती हैं| फिर, तभी उस भीड़ में कोई गौरी की तरफ बंदूक से निशाना लगा देता है और तभी उस बंदूक वाले को देखकर जगत दौड़कर मंच पर चढ़कर गौरी को खींच लेता है पर फिर भी गौरी के गोली लग जाती है और वह वही मंच पर गिर जाती है। तभीबच्चों की भीड़ में बवाल मच जाता है और गोली मारने वाला पकड़ा जाता है तो सावन कहता है अरे! तू तुम तो गौरी मैड़म के पति होमंच पर बैठा जगत कहता है मैम आपको बहुत समस्यायें हल करनी है आप मत जाओ। फिर चारों तरफ देखते हुये चिल्लाता है प्लीज कोई ऐम्बूलेन्स मंगाओ? पीछे से मंच पर ढ़ेर सारे बच्चे गौरी को चारों ओर से घेर लेते हैं| वह आँख खोलती है तभी कोई कहता है कि गोली चलानेवाला मैड़म का पति था। वो पकड़ा गया|" यह सुन गौरी कहती है,"जगत तुम एक काम करना दहेज़  से खुद को और परिवार को दूर रखना| जगत कहता है कि मैम,"आप ठीक हो जायेगीं |''  गौरी कहती है," मेरी बेटी फिर से अनाथ हो गयी|" जगत कहता है,"मैं पालूंगा!  मैड़म आपकी प्यारी गुड़िया रानी को पर आपकी तरह उसे डीएम नही बनाऊंगा और यह बोलते हुयेवह फूूट-फूूट कर रो पड़ा । जगत को रोता देख!   डी.एम गौरी संघाल बोली,"जगत तुम मेरी बेटी से अग्नि कहो या बिजली पर गुड़िया मत बोलो क्योंकि  बेटीबेटी होती है कोई खेलने वाली चीज़ 'गुड़ियानही। और इतना कहते-कहते गौरी की आँख बन्द होने लगी। तभी भीड़ को चीरता हुआ सावन दौड़ता हुआ आया और बोला बोला,"मैडम, आपको कुछ नही होगा।'' अभी आपको समाज की बहुत समस्याओं पर काम करना है|''  गौरी मुस्कुरायी और बोली," हिन्दुस्तान में हर समस्या का हल है पर शर्त यह है कि वो समस्या अपनी न हो |" फिरइतना कह कर वह सदा के लिये दुनिया के बवाल से बहुत दूर चलीं गयीं| जगत कहता है,"भगवान तू ऐसा क्यूँ है ?"यह कहकर वहाँ खड़े सभी लोग बच्चों की तरह रो पड़तें हैं|
जब ये कहानी मीडियी में दिखाई गयी तो पूरा देश रो पड़ा और मुम्बई में बैठे दिग्गज फिल्म ड्राईरेक्टर राजेश पाण्डेय, नशीम इकबाल खान, सुनैना मैनन, सभी बोले, ''हम इस स्टोरी पर एक फिल्म बनायेगें जिसका नाम होगा ,"बवाल"|'' 

स्वहस्तरचित कहानी
लेखिका आकांक्षा सक्सेना
जिला औरैया
उत्तर प्रदेश
पूरी हुई कहानी समय शाम 4:59 पर
दिन शुक्रवार
दिनांक 6अक्टूबर 2015

....दोस्तों  इस कहानी ने मुझे सोने नहीं दिया। हमने ये कहानी सपने में पूरी चार पार्ट में देखी और फिर दो पार्ट में लिख डाली ये मेरे जीवन की एक अजीब घटना है जो हम लिखकर भी समझ न पाये.......!!!!

54 comments:

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    1. Thank you very much..
      Director love lohiwall ji.

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    2. Thank you very much Actor/Director Love Lohiwall ji..

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  2. Replies
    1. Thank you very much writer/poet parvesh kumar ji

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  3. Replies
    1. Thank you very much Actor Anurag lavania

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  4. Replies
    1. Thank you very much writer/Bloggist Dhirendra Bisht ji

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  5. https://selfthoughtforus.wordpress.com

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  6. Replies
    1. Thank you very much writer, poet,bloggist Parvesh kumar ji

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  7. Replies
    1. Thank you very much famous TV serial Actor/director
      Debasish Naha ji

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  8. A very beautiful story with a very gd msg

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    1. Thank you so much famous web designers The Media Mosaic ji

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  9. A very beautiful story with a very gd msg

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  10. Replies
    1. Thank U very much Famous TV serial Actor Sagar saini ji

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  11. कहानी अच्छी है आपको बधाई आकांक्षा जी, किन्तु एक कहानीकार होने के नाते आपको बताना चाहता हूँ कि वाक्य विन्यास और वर्तनी का भी ध्यान रखें। अच्छा लिखना और उसे प्रस्तुतिकरण के योग्य बनाना अलग अलग बातें हैं लेकिन महत्त्वपूर्ण हैं। कृपया अन्यथा मत लीजिएगा। अच्छा लिखती हैं इसलिए कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ।
    आपका अपना
    डॉ. लवलेश दत्त (संपादक अनुगुंजन त्रैमासिक पत्रिका)
    शिवछाँह, 165-ब, बुखारपुरा, पुरानाशहर, बरेली-243005 (उ0प्र0)
    फोन - 9412345679, ई मेल - lovelesh.dutt@gmail.com

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    1. Thank you very much writer/poet dr Lovelesh dutt ji

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  12. कहानी दिल को छूती है अभिव्यक्ति भी संवेदनात्मक है
    हाँ त्रुटि स्वीकार्य होनी चाहिए पर बहुत अच्छी संवेदना है आप और आगे बढ़ें और बुलंदियों को छुएँ
    संगम वर्मा
    प्रवक्ता
    सतीश चन्द्र धवन राजकीय महाविद्यालय
    लुधियाना, पंजाब
    एवं
    सहसंपादक - "राष्ट्रभाषा हिन्दी स्मारिका" , पंजाब
    चलभाष 9463603737
    sangamve@gmail.com

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  13. Kahani jo kehti jeevan ke sang behti
    Hey akhanchaon ki udan

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    1. Thank you very much famous film Maker/Actor ground zero

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  15. My heartiest congratulations to da author. Vry grate. Lagta hai dil se nilli hai. Keep going grate.

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  16. My heartiest congratulations to da author. Vry grate. Lagta hai dil se nilli hai. Keep going grate.

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  17. कहानी की पटकथा आपने कैसे लिखी यह आपके सपने पर आधारित है
    बहुत सुन्दर शब्दो की कारीगरी ...
    लगी रहो....

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  18. कहानी की पटकथा आपने कैसे लिखी यह आपके सपने पर आधारित है
    बहुत सुन्दर शब्दो की कारीगरी ...
    लगी रहो....

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  19. Really a very nice story....now not need to watch the upcoming movie on this story.....keep going on mam👌👍 ,..no words to say about it

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  20. Bahut hi bhavnatmak. ...sachchai ke kareeb likhi kahani padhne ka awasar hame mila.
    Keep it up.

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  21. Very nice story.
    Aap bahut acha likhti ho aapki har rachana DIL ko chhu jati h god bles you

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  22. Really mam story sach me dil ko chu gyi is story pe sach me film bnni chahiye me iske liye pura oura support krnga ...
    So gud Story iski film bnne se phle hi ye superhit h awsm mam.,,,

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  23. समाज में व्याप्त कुरूतियों को कहानी के माध्यम से सरल एवं स्पस्ट रूप से उजागर किया है ।

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  24. समाज में व्याप्त कुरूतियों को कहानी के माध्यम से सरल एवं स्पस्ट रूप से उजागर किया है ।

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