अन्न पूजनीय है,अन्न जीवन है और जीवन का एक सत्य भी... - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Saturday, June 27, 2015

अन्न पूजनीय है,अन्न जीवन है और जीवन का एक सत्य भी...





10 comments:

  1. सच कहा है, लेकिन जिनकी थाली भरी हुई है क्या वे कभी ऐसा सोच पाएंगे...

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    1. सच कहा आपने.......
      बहुत आभार...

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  2. सच अन्न की बर्बादी उसका सबसे बड़ा अनादर है..

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    1. सभी लोग साथ आयें तब काम बने....

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    2. घन्यवाद कविता जी.....

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    3. Thanks for reading Blog........SIR

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