जरूरत

वर्तमान की जरूरत

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अपने राष्ट्रीय मानवाधिकार व कर्तव्य के तहत देश के प्रत्येक विवाहित, जन्में व मृतक स्वदेशी व विदेशी भारतीय लाभार्थी नागरिक को अपने विवाह, जन्म व मृत्यु के  पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसेंसीकरण के प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र पाने हेतु अपने मजरा, गाँव, कस्बा, नगर व महानगर के प्रत्येक मोहल्ले व कॉलोनी में भारतीय नागरिकों के विवाह, जन्म व मृत्यु के पंजीकरण, बीमाकरण व लाईसेंसीकरण के आधुनिक कार्यालयों की जरूरत है ताकि इन कार्यालयों से देश के नागरिक इस प्रमाणपत्र व पहिचानपत्र को प्राप्त करके इनके प्रयोग द्वारा अपने जीवन का उद्धेश्य पूरा करने हेतु अपनी इच्क्षा व योग्यतानुसार राजनीतिक समाजी सरकारी आजीविका व मतकारी पैंसन तथा आर्थिक सामाजी अर्धसरकारी आजीविका व कर्मचारी पैंसन एवंम  सामाजिक समाजी निजी आजीविका व श्रमकारी पैंसन तथा बुनियादी सेवायें व सुविधायें अनिवार्य एवम् परमावश्यक रूप से प्राप्त कर सकें और अपना,अपने देश का व अपनी दुनिया का सृजनशील विकाश कर सकें| राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त व मुख्य सचिव को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है | ताकि सभी का जनजीवन पारदर्शी, निर्विवादित, आनंदवादी, शिष्टाचारी व न्यायी
एंव वैधानिक संवैधानिक व कानूनी रूप से सुखमय व्यतीत हो सके ताकि देश दुनियां में फैली संस्कारहीनता, असमानता व अशान्ति समाप्त हो जाये | वर्तमान की
की जरूरत यही है |

ब्लागिष्ट
आकांक्षा सक्सेना
जिला-औरैया
उत्तर प्रदेश


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