नाटक : प्ले ब्याय पार्ट -1 - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Sunday, October 29, 2017

नाटक : प्ले ब्याय पार्ट -1

   



     

           नाटक :

           'प्ले ब्याय'

एक ख्वाब अधूरा सा....
(एक अनकही प्रेम कथा)



(मुख्य भूमिका में तुन और जलज

केन्द्रीय भूमिका में..तनु की दोस्त जोजो

एक छोटी बच्ची..चाइल्ड आर्टिस्ट

एक कार /एक स्कूटी

तनु का रूम

तनु का ऑफिस..)


(यह कहानी है समाज के उस डर की जिसे लोग छुपते छुपाते करते पर लाइफ में होता सभी को करते भी सभी..वो है प्यार..

पर प्यार जब शादीशुदा लोग कर बैठें तब क्या हो....तब उनकी लाइफ में क्या उथल-पुथल होती है ..लड़के और लड़की में कौन पीछे हटता है ..इसी अजब प्यार का गजब तानाबाना है यह नाटक..

आइये देखते हैं नाटक..

एक ख्वाब अधूरा सा...)


मुख्य भूमिका में है स्ट्रगलिंग ऐक्ट्रैस तपस्या उर्फ तनु...जिसने चाहा तो प्यार! मांगा तो प्यार !पूजा तो प्यार..क्या मिल पाया उसे सच्चा पाया...प्यार के बदले क्या प्यार मिलता है सभी को ...जानने के लिये...


कहानी शुरू होती है...

रोज के लडाई झगड़ो से....


सीन न.1


तनु हांथ जोड़कर पूजा कर रही कि ...तभी उसका ध्यान टूटता है...आस पास के फ्लैट से पति पत्नि के लड़ने की आवाजें आ रहीं़.

नही था पैसा तो क्यों कर ली थी शादी चले आये घोड़ी पर बैठे..गधी बनी बैठी हूं आज..

आदमी..चुप कर जा..आस पास और भी लोग रहते है..चली जा मायके..बड़े बाप की बेटी हो..

औरत बर्तन पटकते हुये...बर्तनों की आवाजें..

क्यूं चली जाऊँ जिससे दूसरी रख लो..है ना..बर्तन पटकते हुये...पागल किसी बाहर बनाओ किसी को...

तनु-  भगवान की फोटो के पांव छूकर..

अरे! साला बाहर जाओ तो ट्रेफिक ..

साला घर आओ तो हस्बैण्ड वाइफ की फाइट

आज ही प्रॉपर्ट्री डीलर को दोबारा कॉल मिलाऊंगी..साला फ्लैट चैंज करूंगी...

ये डीलर भी भाव खा रहा..आज इसे भी देखती हूं...कहकर....रूम के बाहर ताला लगाकर...

व्हाइट सर्ट ब्लू जींस ब्लैक चश्मा में बाहर खड़ी स्कूटी में बैठकर बाहर निकल जाती है....


सीन न.2

ऑफिस जहाँ ड्रैसें टंगी है..स्टॉफ स्कैच बनाने में लगा है...

तनु भी अपने केविन में बैठ कर स्कैच बनाने लगती है पर उसका मन नही लग रहा...

..वह प्रोपर्ट्री डीलर को कॉल करती है हाँ मि. जलज जी मैने आपको कितनी बार मेल किया मेसेज भी किया..आप कोई जवाब नही दे रहे..

मेरे नये कॉलोनी में फ्लैट का क्या हुआ..मै कोई फ्री में तो डील नही कर रही..ईएमआई पर ले रही हूं ना...आज ही दिखाओ...देखो आज तो अभी...मैं नयी कॉलोनी की तरफ आ रही हूँ बस...

वह केविन के बाहर निकल रही...

डैस्क पर बैठे लडका- लड़की डिजायनर..

यार तू अभी आई अभी जा रही..?

तनु- शर्ट की बाह मोड़ते हुये..

डीडीडी करने जा रही..चिन्ता न करो मेरा काम तुम सबसे पहले रैडी मिलेगा...

दोनो स्टॉफ..डीडीडी?

तनु- साला हरामखोर प्रोपट्री डीलर को एक डील के लिये डील करने जा रही हूं ..

दोनों स्टॉफ- आज तो गया बेचारा!

तीनों हस पड़ते हैं....


सीन न.3


नयी कॉलौनी के बाहर मोड़ पर स्कूटी रोक कर खड़ी है | सामने से फोरव्हीलर से ब्लैक शर्ट ब्लू जींस में बेहद हैण्डसम लड़का चश्नाउतारता हुआ..तनु मैड़म..

तनु उसे देखते ही रह जाती है...लड़के भी इस हद तक स्मार्ट हो सकते है..सोचते हुये.. कहती  हाँ हां..

वह हाथ बढ़ाकर हाथ मिलाता है...कहता है," मैं  जलज अरोरा ..आपकी मुझसे ही बात हुई थी..मैड़म|"

तनु उसके गर्म हाँथ का  स्पर्श पाकर..अंदर तक करेन्ट सा महसूस करती है ..मानो अंदर बुझे दिये चल पड़े हो जैसे.. कुछ अजीब हुआ..

जलज..मैड़म चलिये आपको फ्लैट दिखा दूँ..

तनु- चुपचाप ..उसके पीछे पीछे चल पड़ती है..

जलज- कुछ देर पहले बहुत लड़ रही थी..अब चुप है ? क्या हुआ मैड़म?

तनु- नही कुछ नही...

जलज- ये लीजिये ताला खोल दिया...ये है आपका फ्लैट बालकनी भी है ...माहौल भी शांत..

तनु- बस जलज को देखे जा रही ...अचानक पूछती है..तुम्हारा घर कितनी दूर है यहाँ स्..

जलज- मेरा तो बहुत दूर है...ये तो शहर के बाहर कॉलोनी है..मेरा शहर में अंदर...

तनु- यह फ्लैट मेरे बजट के बाहर जा रहा है..तुम कोई दूसरा बताना प्लीज...

जलज- ताला बन्द करके बाहर आता हुआ..ओके मैड़म.

तनु- कॉल भी तपस्या या तनु..प्लीज..नो मैड़म..मैड़म लगती हूँ बोलो?

जलज- आप मैड़म नही मॉडल लगती हो..

तनु- अभी तो स्ट्रगल चल रहा..

जलज- जी तनु जी

तनु- ओनली तनु..जी बी नही..

जलज हसते हुये- ओके तनु..

तभी उसकी कॉल आ जाती है वो बात करता हुआ..गाडी में बैठ कर..बॉय का हॉथ हिलाता हुआ निकल जाता है...


सीन न.4-

 तनु ऑफिस लौट आती ..

स्टॉफ ..लगा आयी !बेचारो को ठिकाने..?

तनु- मन ही मन खुद लग आयी हूँ ठिकाने...

वह बार बार उसे चस्मा उतारता हुआ दिख रहा..कभी हाथ का गर्म अहसास..उसे बैचेन कर रहा है ..वह अपनी हथेली को एक टक देखती और चूँम लेती है..

तभी पीछे से..तनु तेरे कितने स्कैच रैडी हुये..?

तनु हड़बड़ा के हथेली की लिपस्टिक रूमाल से पोछ देती है...कहती...कर रही हूँ ..बस

पॉच मिनट..


सीन न.5-


रात में बैड पर लेटी है..हथेली को देख रही..और अपनी मुँह थक लेती है...और कहती..ए दिल जरा धीमे धड़क..कल उसे मिलना भी है...मुझे थोड़ा जीना भी है...


सीन न.6

ऑफिस का काम बहुत है वह बहुत स्पीड में स्कैच बनाकर काम निपटाने में लगी है...

मेल करने के बाद सोच रही ...

साला एक हप्ता हो गया आज का ही दिन था..

पता नही क्या है..एक पल के लिये भी उसका चेहरा आँखो से हटता ही नही...

स्टाफ..कहाँ खोई है तनु ..गाल लाल हो रखे हैं..प्यार व्यार तो नही हो गया....

कम्प्यूटर बन्द कर दे..कब से ऑन है...

तनु- ओके ओके...चल जा..तेरी आँखे हैं या एक्सरे मशीन...इतना कह कर अंदर तक खिल खिल जाती है...

स्टॉफ लड़की...एक्सरे मशीन नही..लव सर्च मीटर मशीन...मुस्कुराते हुये..निकल जाती...

तनु- अपनी मशीन के साथ कट ले..अब...!


सीन7


तनु स्कूटी से ..पेट्रोलपम्प पर पेट्रोल के लिये रूकती है...भैया सौ का कर देना...

वह कहता..बस सौ का..

तनु..चल हजार का कर..पैसा तू ही देना..

वह हंस पड़ता है...क्या मैड़म

सामने एक खूबसरूरत चमकती कार को लॉक करता हुआ कोई दिखता है...

तनु- मै भी पगला रही हूँ..उसकी तो कार ग्रे कलर की थी...वह दूसरी तरफ देख कर कुछ सोच ही रही थी....कि.पीछे से आवाज आती..

तनु..कैसी हो...

तनु पलट के...तुम यहाँ...

जलज...हाँ मैं यहाँ..

तभी कोई कहता है..गाड़ी साइड करो आकर..

जलज..फिर से अपनी गाड़ी साइड कर रहा है..

तनु- वाव क्या कार है..बंदा रिच भी है..

जलज..आते हुये कहता..कैसी हो तनु..

तनु- मेरा एक किलो का मिठाई का डिब्बा किधर है ..साले नयी कार ले ली और बताया तक नही..

जलज- एक किलो मिठाई..मथुरा की चौबन हो क्या..या ब्राह्मण हो...हुजूर आपके लिये तो पूरी मिठाई की दुकान हाजिर कर दूँ...

तनु- मजाक कर रही हूं..मैं मीठा कम लेती हूँ वैसे..

जलज- अब मॉडल जो हो..डाइट मैन्टेन..बॉडी मेन्टेन..

तनु- वो तो है..पर मेन्टेन को तुम भी हो..

जलज..सुनो अब स्कूटी यही खड़ी करो..मेरी न्यू कार में कॉफी पीने  चलते हैं.....

तनु का मन तो है पर वह..नही यार...मुझे आधा घण्टे का काम है..चलती हूँ..

जलज- अभी 5pm  है मैं यही इंतजार कर रहा हूँ..जाओ जल्दी लौटो....


सीन..8

तनु स्कूटी से निकल जाती है...मन ही मन सोच रही..यार कितना स्मार्ट है..शायद वो भी मुझे मिस कर रहा था...तभी डेट पर ले जाना चाह रहा शायद..वह बहुत खुश है..

स्कूटी रोक कर...


सीन...9


स्टेशनरी की दुकान से ..कुछ पैंसिल कटर रबर कलर्स नोट्सबुक खरीदती है..तभी पीछे से

कैसी हो जॉन..?

पलट कर..तनु..अरे! जोजो तू..कैसी है यार?

जोजो तनु की बेस्ट फैण्ड...कैसी होगी ..इकदम मस्त...कुछ चार्ट और पेन्सिल खरीदने के लिये रूक गयी...

तनु..कोई नयी खबर..

जोजो..तू सुना ..

दोनो काफी देर बातचीत करती रही....


सीन..10..

स्कूटी स्टार्ट कर वह निकलती हुई रास्ते में...पेट्रोलपम्प की तरफ देखती..ओह! तो अभी भी वहीं खड़ा है...(सोच रही ओये सो क्यूटी बात वाला ढ़ीढ अडियल इंसान है ..कैसे पागलों कि तरह मेरा इंतजार कर रहा है..सो क्यूटी)

वह पास जाकर..तुम अब भी यहाँ..?

जलज- हो गया आपका आधा घंटा..

डेड घंटे..को आधा घंटे कहती हो क्या..

तनु..तुम जाओ...

जलज..जाने के लिये नही रूका था..

तनु- फिर

जलज- स्कूटी को लॉक लगाओ पहले..

तनु स्कूटी लॉक कर देती है...

जलज वही घूम रहे एक पेट्रोलपम्पकर्मी को पचास रूपये देकर...देखे रहना इसे..!

वह..हाँ साहब..

तनु..गाड़ी में बैठती है...

जलज..म्यूजिक ऑन करता है .

तनु- देख रही..वाव इतनी मंहगी घड़ी...बंदा काफी रिच है...

जलज..तनु के सील्ट बेल्ट बांधते हुये..

आँखो में आँख डालकर कहता है...

देशी इग्लिस वोदगा की रम..क्या पियेगी मालिक..

तनु..आश्चर्य से...ओये! वाह रे वाह..

गाड़ी के बाहर कॉफी गाड़ी के अंदर दारू

बाहर भोले..अंदर शोले...

जलज...देख मैने तेरी आँखे पढ़ ली..पीती है ना..एम आई राइट..

तनु- ओए! प्रोपर्ट्री डीलर हो या फेस रीडर?

जलज- देख सीधी सी बात है..

ये वक्त ना चाय का है न कॉफी का..

और जब साथ में इतनी धाँसू मॉडल खूबसूरत लडकी हो तो कौन कमबख्त..चाय पीना चाहेगा..

वह बैग खोलता है...दो बोतल निकालता है...

तनु- दो बोतल..क्या पूरी पी जायेगा?

जलज- मैं ये पूरी एक पियूंगा..या तो पीता नही..अब तू इसे मेरी आदत समझ या स्टाइल..!

जलज..बोतल टकराकर...अपनी नयी दोस्ती के नाम..चियर्स..

दोनो बोतलों को मुँह में लगाकर पी रहे..

धीमा म्यूजिक बज रहा..दोनो हल्के नशे में...

जलज- तनु के हाँथ को पकड़ कर चूंम लेता..

तनु बहुत खुश है उसका रोम रोम मुस्कुरा उठता है..वह अंदर से कमल की तरह खिल  उठती है

जलज कहता है..पता नही क्या जादू किया है...हर जगह तू ही तू नजर आती है...जब से मिला हूँ...बार बार मिलने को जी करता है...

तनु- सब झूठ..

जलज-सब सच

तनु- फिर कॉल क्यूँ नही की..

जलज- हिम्मत ही नही हुई...कहीं तू भड़क न पड़े..

तनु- मैं भड़कू हूँ?

जलज- हाँ लडाकू हसीना..पहले दिन से डरा था..तेरा क्या! कब पीट दे..आजकल सरकार भी तुम गर्ल्स पर मेहरबान...

तनु- अच्छा कहकर नशे में हिलती हुई जलज के कंधे पर सिर रख देती है ...

जलज तनु के चेहरे पर आये बालों को अपने होठों से दबाकर हटा देता...

दोनो की साँसे टकरा रही है....

तनु- को यह उसका बांलो को हटाने का तरीका उसकी रूह को टच कर जाता है..वह उसे उसी वक्त उसे सबकुछ मान लेती है..सोचती है...अब जो भी हो मेरी दिल की गाड़ी यही रूक गयी बस..अब आगें और पीछे नही जा सकती...

वह बहुत ही ज्यादा खुश है....!



       नाटक....


 एक ख्वाब अधूरा सा...

   (एक अनकही प्रेम कथा)


सीन न.10

बीवी का फोन आते ही..

हाँ हाँ करके काटते हुये...


तनु- क्या हुआ?

जलज- आज तो लंका लुट गयी?

तनु- तेरी जानकारी के लिये बता दूँ

लंका लुटी नही थी..फुकी थी यार..

जलज- तुझे मजाक सूझ रहा..

तनु- चल बता?

जलज- मैने अपने दोस्त को चुपचाप लैपटॉप दिया उसे पता चल गया वो भड़क रही..बोल रही अब लैपटॉप लेते हुये आना वरना दोस्त के घर ही सो जाना..!

तनु- यही तो कह रही..

हर चीज का थोड़े ही व्यवहार करते हैं डफर.!

जलज- मैं तेरी स्कूटी माँगू तू मना कर देगी बोल?

तनु- हाँ ! तुझे स्कूटी दे दूंगी तो मैं क्या बस का सफर करूगी..जरा! सोच जब चीजें दो हो तब व्यवहार कर सकते हैं जब चीज एक ही हो तो ध्यान रखते हैं | तेरा एक ही लैपटॉप है बिगड़ गया तब | सब डाटा डिलेट हो जाये तब! दिया था तो शाम तक मांग भी लेते ..महीने भर को कौन देता अपनी चीज..दो बच्चों का बाप होकर भी भौदूँ हों...देख! मैं इतनी भी सोसल नही हूं कि खुद का शोषण कर बैठूँ | 


जलज- तुस सब लड़कियां एक सी होती हो चालू

तनु- तुम सब मर्द लल्लू

जलज- लल्लू को पसंद क्यों किया फिर?

तनु- जलज की नाक पकड कर..ये लल्लू कुछ अलग सा लगा..मुझे..वैसे मेरी किस्मत मे् लल्लू ही लिखें भगवान ने...

जलज- क्या यार मूड की ऐसी तैसी कर रही  हो..   करीब आओ ना...


तनु- यार  गाड़ी में सब दिखता है समझा करो|

देखो! अभी घर से दूसरी कॉल आये उससे पहले  तुम निकलो अब | और सुनो ! पिज्जा पेटीज कोल्डड्रिंक और सनस्क्रीम लोशन लेते जाना |

तनु बाबा का फॉर्मूला  आजमां के देख बच्चा तेरे ग्रहक्लेश का पूर्णता निवारण होगा|

जलज- बक बेवकूप! माँ कसम गजब फिल्मी हो|

तनु- शराब के मुँह से माँ का नाम फिर माँ की कसम प्लीज आज के बाद मत लेना तू..वरना

तनु हीरोइन से विलेन बन जायेगी|


जलज-ओके थैन्क्स यार...मैं आज के बाद माँ की कसम कभी नही लूंगा और तेरा फॉर्मूला आज ही ट्राई करूगा...और खुशी से तनु को गले से लगा लेता है | तनु भी उसे कस लेती फिर एकाएक पकड़ ढ़ीली कर देती है...वह गाड़ी घूम कर पेट्रोलपम्प पर लाता है...वह गाड़ी से उतर कर

स्कूटी स्टार्ट करती है | जलज इशारा करता है कॉल करना | वह मुस्कुराते हुये निकल जाती है|


सीन न...12-

तनु का घर

तनु और बच्ची दिशा


तनु घर आकर अपनी बच्ची को गले से लगाकर कहती है ये लो आपकी कॉपी कलर पैंसिल...मम्मा को किस्सी देगा मेरा बच्चा

बच्ची तनु के गाल को चूम लेती है |


सीन 13-

रात

लोकेशन तनु रूम

तनु और बच्ची.



रात में करवटें बदल रही तनु पर उसे चैन नही आ रहा उसे लग रहा काश! जलज इस वक्त भी उसके पास होता...काश..

सोचती है उसकी फोटो तक नही क्लिक कर पायी...आँख बन्द करती तो उसे...जलज चश्मा उतारता स्टाइल में दिखता है..कभी किस करता दिखता है..

वह धड़कते दिल पर हांथ रख कर आँख बंद कर बच्ची को गले से लगाकर सो जाती है |


नरेशन व्यायस ..यारों प्यार ही वो फॉउण्डेशन है जो किसी भी उमर के गालों चमका देता .. प्यार ही वो खूबसूरत अहसास है जो बॉडी के रोम रोम को महका है ...प्यार ही वो कैप्सूल है जो हर दर्द की अचूक दवा है...

देखते हैं ...कितनी काम की सिद्द होती ये दवा.... 


सीन..14

ऑफिस सीन

तनु


दोनों अपने -अपने ऑफिस से दोनों को कॉल मिला रहे और दोनो की कॉल बिजी बिजी...

दोनो गुस्से से मोबाइल पटक देते हैं..

व्हाट्सअप से मेसेज करते हैं...कहां बिजी हो यार..ये बिजी बिजी को इजी इजी करो ...शाम को मिलो ना ...डियर..

तनु मेसेज पढ़कर मुस्कुराते हुये....

मेरे पेट में हल्का दर्द है..आज नही आ पाऊँगी|

जलज- तुम वही रहो मैं टेबलेट लेकर आ रहा हूँ |

तनु- यार मैं दवा लेती हूँ ओके बाबा अभी|

कॉल कट जाती है|

थोड़ी देर बाद- यार ऑफिस के बाहर आओ मैं बाहर हूँ |

तनु- खुशी से पागल है हाये सो क्यूटी कितना केयरिंग है हल्का पेट दर्द सुना अपना सब काम छोड़कर मेरे लिये आ गया|  दोबारा तनु का फोन बजता है - वह तुरन्तऑफिस से बाहर जाती सामने कार है जलज की..

तनु- यार!

जलज- अंदर आओ गाड़ी के पहले |

तनु- गाडी की सीट पर बैठ जाती वह पेट पर रख सहलाता नही ली ना दवा |

वह तुरन्त पैरासीटामोल की टेबलेट अपने हाथ से खिलाता और बोतल पानी पिलाकर कहता ऐसे खाई जाती है दवा समझी|


यह सब देख उसकी आँख भर आती कहती तुम बहुत अच्छे हो सचमुच|

    अच्छा बताओ कहाँ मिलना है आज शाम?

जलज..यार ..आज तुम्हारी स्कूटी से मॉल चलते है एक मूवी देखते ..ओनली हाँ बोलो


तनु ऑफिस में वापस आती है तो सब उससे पूछते कौन था बाह?

तनु स्पष्ट जवाब...माय लाइफ माय लवर

यह सुनकर.. सब उसे देख के रह जाते...

वह मेल भेजने लगती है..


शाम पाँच बजे:

सीन न.15


तनु ऑफिस का काम निपटाकर  शाम पाँच बजे ब्लैक शर्ट में निकलती है | जलज की कॉल आ जाती है यार चौराहे पर खड़ा हूँ |

दोनो चौराहे पर मिलते है | वह हांथ में हैलमेट लेकर आता दिखता है फिर जलज चलाने लगता है और तनु हेलमेट पहनी रहती | वह कहती है ये बहुत अच्छी बात है  बाइक या स्कूटी पर दोनों को ही हैलमैट लगाकर बैठना चाहिये|


जलज- हाँ शक्ल भी नही दिखती है ना जीएफ या बीएफ!


तनु- कुछ कहती कि उसने ब्रेक लगा दिया अचानक गाड़ी में झटका लगा तो तनु ने  जलज को पीछे से कस के पकड लिया|


जलज- हुजूर आपकी ही पीठ है थोड़ाऔर करीब से  पीठ पर भी मेहरबानी हो जाये सरकार!


तनु- ओह! तो ये बात थी चिपकने के लिये मेरी स्कूटी| और बियर वोदगा के लिये तेरी कार बड़ा दिमाग है...बंदा के साथ-साथ  इंटेलीजैन्ट भी है|



सीन....16


दोनों हाँथ पकड़े हुये.. मॉल में घूम रहे हैं..

जलज - हाथ मिलाते हुये यार तुम ऑफिस से सीधी आयी हो फिर भी फ्रेश लग रही...थकान नही होती....

तनु - मुस्कुराते हुये...थकान तो बहुत होती है...पर मैं थकान को हँस कर थका देती हूँ...पंगा न ले मुझसे....


यह सुन कर दोनो हँस पड़ते है...

जलज- हाँथ तनु के कंधे पर हाथ रखते हुये कहता है..तुझे कभी सच्चा प्यार करने वाला मिला आज तक, सच बताना?

तनु- स्ट्रैट जवाब देती है सैक्स करने वाले बहुत मिले पर सच्चा प्यार करने वाला कोई नही मिला...आज तक!

जलज- जलज कुछ जवाब देता कि उसकी कॉल आ जाती है..वह एक्सक्यूज मी कहकर चार कदम आगें बढ कर .कॉल रिसीव करता है....

लौट कर आकर कहता है.

यार तनु तुम्हारे साथ मूड मस्त हो जाता है|..ना ऑफिस में झिगझिग होती ना ही किसी क्लाइन्ट से...

चलो इसी बात पर आज मेरी पसंद की ड्रैस दिलवाता हूँ...ऊपर फ्लोर पर चलते हैं...या कॉफी पीते है..बोलो..

तनु (मन में सोचती है मैं इसका खर्चा क्यूँ करवाऊँ प्यार कोई व्यापार तो नही) हसती हुई जलज से कहती है...मॉल में घूम लो यार...चॉय तो कुल्हड़ वाली बाहर ही    पियेगें...कपड़े मेरे पास हैं..खुद के डिजाइन किये हुये....और तुम्हारी बीवी का झगड़ा कम हुआ...?

जलज..हाँ यार कम तो हुआ है....तुम तो जादू हो..तभी जलज की कॉल आ जाती है...

बीवी..कहाँ हो ..तुमने चाची जी को मेरा नाम लेकर क्यों मना कर दिया कि सिमई वाली मशीन नही 'निशा'(जलज की वाइफ)   मना कर रही है | और कॉलोनी में

सबकी लाइट आ रही अपनी नही आ रही...कैण्डिल एक भी नही है..लेते आओ ...टीवी का रिचार्ज खत्म हो गया मेरा आज का सीरियल मिट गया...कल पूजा है फूलमाला लेते आना | जलज ने हाँ हाँ कहकर काट दिया |


तनु -(सोचती है यार! कितनी हैण्डसम कितना केयरिंग कितना सीधा सा है ..सो क्यूटी) फिर कहती है-

तुम सीधे हो गुस्सा नही करते...


जलज- नही यार गल्ती मेरी ही है मैं ठीक से मैनेज नही कर पाता | अब उसका नाम ले लिया तो उसे प्रोब्लम है|

तनु- देखो! अभी लाइट वाले को ले जाओ लाइट ठीक करवाओ और मार्केट से बड़ी वाली केण्डिल खरीद लो घर में कभी भी काम पड़ ही जाता है | कल करवाचौथ की व्रतपूजा है समझे!...चलो एक खूबसूरत साड़ी या गिफ्ट जरूर देना निशा को...|

जलज," ओके बाबा..इतनी तो साड़ी हैं उसपर..!


तनु- ओ ऐ!  सौ कंजूस मरे होगें तब तुम प्रगटे होगे...यार हर साल एक साड़ी बनती है."बीवी को बाई ना समझो" ! दिल से रिस्पेक्ट  दो उसे .देना चाहिये समझे!


जलज..मुँह सिकोड़कर दे दूंगा यार...

तनु- अबे ओ! रोनी सूरत न बनाइयो मेरे सामने..इस बार बीवी जब साड़ी पहन रही हो तब सेफ्टीपिन तू लगायेगा और प्लेटें जमीन पर बैठकर तू ही ठीक करेगा..गजरा भी तू ही लगायेगा...फिर कान में कहती है..ब्लाउज की डोरी भी तू बांधेगा..और फिर पीठ पर एक किस...समझा..


जलज," इतना मुझसे नही होगा ये सब टीवी में होता..

तनु," एक्जेक्ली..सही कहा तूने!  टीवी फिल्मों को चिपक हम चिपटाचिपटी  हम तभी तो देखते है् कि हमारी निजि जिंदगी में यह सब गायब हो चुका है|  और जो हमें रियल लाइफ में नशीब नही..पर टीवी फिल्म से मन को सुकून देते हैं...समझे..अप़नी इच्छाओं/हसरतों की प्यास बुझाने के लिये हम टीवी या फिल्म के रोमांटिक सीन देखते हैं

समझे मि. कंजूस पति !..यार फैमली खुश होती है तो मॉर्डन होने में क्या जाता...देख! रोज मेरे साथ पीते हो..आज बीवी के साथ पीना...मस्त लाइफ जिओ..!


जलज- तुम्हारा नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज होना चाहिये..

तनु- अरे क्यूँ?

जलज- तुम खुद में खुदका एक रिकॉड हो जिसे तू भी नही तोड़ सकती .तुम्हारे जैसी बिंदास दूसरी तो न होगी...

तनु- मॉल में डण्डी छड़ी मिलेगी ना...रूक अभी तू |

जलज- डंडी को भी तेरे सामने ठण्ड़ी लग जायेगी| डण्डी  भी तेरे आगे कम है..तू बिना बात जो मेरे पर मेरी बजाने को तुली रहती है और देखो! बजा भी रही है ...


तनु- साला बजा नही रही ..तेरे को समझा रही हूँ डफर! दो बच्चों का बाप है किसी का श्राप बना मुँह लिये घूमता फिरता!


जलज - ओके ! मेरी सरकार! मेरा श्रापित मुँह भी तेरा ही मेरे  हुजूर....पर पहले बाहर चलकर मिट्टी के कुल्हड़ वाली चाय पिला दूं तुम्हें तुम्हारी फेवरेट....! देख हाँ ही करियो समझी....

तनु- प्यार से ओके चल!


सीन 17

चाय की दुकान


दोनों बाहर छोटी सी चाय की दुकान पर ब्रेन्च पर बैठे चाय की चुश्कियाँ ले रहे हैं

..दोनों एक दूसरे के साथ बेहद खुश हैं...



तनु- जलज को एक टक देखते हुये...कान के करीब आकर धीरे से जलज आई लव यू.. जलज इधर उधर देखता है...कि ब्रैंच पर वहीदोनों है ..चाय वाला भी अपने काम में व्यस्त...जलज- आई लव यू तो नही बटआई लाइक यू..यार

तनु- साला सब कुछ हो गया और ऑनली लाइक यू..

जलज- जो मन था बोल दिया..तू क्या चाहती? मैं झूठ बोलूं तो तुझे चलेगा? या मैं कॉपी करके तुझे शायरी बोलूँ..तुझे चलेगा बोल.. पसंद करता हूं यार..!

 ...तनु कुल्हड को डस्टपिन में डाल कर.

सोचते हुई- साला सब मर्द एक से होते...

स्कूटी स्टार्ट करती है...

जलज- पीछे से सुन न या...

वह जा चुकी है.....


सीन....18

तनु रूम


तनु बच्ची को सुला कर....

फूटकर रो पड़ती है..  और सिगरेट का डिब्बा निकालकर..

ढ़ेर सारी सिगरेट पी डालती है.... है..और..रातभर रोती रहती है साला मेरी किस्मत मे ही प्यार नही है ...भगवान तूने मुझे क्या रोने के लिये ही यहाँ भेजा...मुझे मेरे हर फैसले पर..रोना पड़ा है...जबकि मैं कहीं भी गलत नही..


नरेशन व्यायस ...

प्यार को तो करने वाला ही जाने..

देखने वालों को तो अपराध लगता है

दूरियाँ और बेवफाइयाँ जब प्रेमियों को मिले तो...दूरियों का दर्द ..खुद दर्द से कराहता मिलेगा   यारों...

चलिये देखते है दूरियों ने क्या खोया क्या पाया...



सीन....19

तनु फैशन शो के ड्रैस डिजाइन में बिजी है...

आज एक महीना बीत गया पर जलज का कोई कॉल न कोई मेसेज....

तनु सोचती है...सारे मर्द एक से होतें...भूल गया..होगा..!

फ्लैश बैक में सोच रही है तनु-


मेरा पति था जिसे मैने इतना चाहा पर छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो होकर ..पूरे प्यार के रिश्ते की झक मार दी  साला....!खाने में बाल कैसे आया? बाथरूम में बाल न दिख जाये?कंधे में बाल कैसे रह गये? तुम्हारे इतने कॉल क्यूँ आते?  बाल की खाल निकालते-निकालते आपसी रिश्ते की   प्यार की खाल ही उधेड़ डाली.साला!... प्यार मिले ये काफी नही साला हरामखोर! इन मर्दों को..!

न जाने कितनी सफाई पसंद बनते...लो हो गयी साला पूरी सफाई....न रिश्ता रहा ना सम्बंध....! .हो गयी सफाई...!


तभी ..तनु की बच्ची तनु को हिलाती है मम्मा मम्मा क्या सोच रही हो....आपका फोन कब से बज रहा है मम्मा.मा...!


सीन...20


तनु- अचानक सोच से बाहर आती है," हाँ बच्चा"...कुछ खाएगी...?

बच्ची मासूमियत-भरे अंदाज में एक आँख मलते हुये- पिनीर !

तनु- हाउ स्वीट! पिनीर खायेगा मेरा सोना बच्चा! गोद में उठाकर ...फ्रिज से पनीर निकाल कर लाती है....उसे प्लैट में रखकर खिलाने लगती है...और.चूंमते हुये...

"मेरी प्यारी  गुड़िया  तू ही मेरी  दुनिया" |


सीन.....21


रात में बैड पर लैटी है तभी जलज की  कॉल आती है | तुम्हारा ब्लड ग्रुप ओ पॉजीटिव है ?

तनु- हाँ..मेरे ओ पॉजीटिव है..तेरा निगेटिव लगता है..साला इतने दिन बाद इत्ती रात में कॉल कर रहा??


जलज- अरे! बेकूप वो बात नही है..मैं खुद फँसा पड़ा हूँ...सिंगल तो हूं नही...चल सुन  अब एड्रेस मेसेज किया है तू बस इस अस्पताल में आ जा| तुरन्त ब्लड की जरूरत है | तू जल्दी आ फिर में तुझे सब बताता हूँ  |


सीन...22


जलज बताता है अकेली मायके से लौट रही थी ऐक्सीडेण्ट हो गया...ये न बचती तो इसके घर वाले मुझे जेल भेज देते ..दहेज एक्ट लगा देते...

तनु- अकेले क्यूँ लौट रही थी साला! तुम कहाँ  पकौड़े तलने गये थे | बेकार आदमी    हो इकदम ! साथ ले आओ साथ छोड़ आओ इतना समय तो निकाल लिया करो गब्बर सिंह कहीं के!

दहेज लेने वालों के साथ यही होना चाहिये..साला घर साइकिल की जगह नही और दहेज में मागेगें कार ..साले मंग्गू कहीं के...

कुछ सोचते हुये ! अबे ओये! तेरी कार भी दहेज की ही तो नही न...सच बोलना

जलज- हाँ निशा के भाई ने गिफ्ट की मैरिज एनीवर्सरी पर मुझे..!शादी में दी थी उसे किसी मुझे बेचना पड़ा ...शादी में पूरे पन्द्रह  कैश मिला था..प्रापर्ट्रीडीलर हूँ..शादी तो अच्छी चाहिये ना..लोग क्या कहते..


तनु.," साला..! गधे की टांग... सब एक लेते तूने दो गाड़ी ले ली दहेज में..वाह!रे लालची मैन| क्या बोला," लोग क्या कहेगें?"

.लोग तो यह भी कहगें कि.."बीवी के मायके का कुत्ता जो ससुरालियों के टुकड़ों पर जिन्दा"..साला खुद कमाकर ..उनके मायके वालों को एक गाड़ी गिफ्ट करता तब तेरी शान थी...तभी मैं सोचू बीवी जो भी सुनाये तू बस हाँ हाँ ही करता सही बात भी नही बोल पाता|

देखो! याद रखना तलाकशुदा से ज्यादा  बेज्जत दहेजशुदा होता है...तुम्हारे घर समाज में

दहेजशुदा आदमी एक नम्बर का फट्टू, दब्बू और लल्लूसाबित होता है जिंदगी में हमेशा जैसे कि तू  ! ..   ससुराल वालों की नजर में क्या हो तुम कभी सोचना!


जलज- देख तू बहुत बोल गई अब चुप हो जा इकदम अब..!

तनु- ओह! फट्टू को गुस्सा भी आता है|


जलज- थैन्क्स ब्लड देने के लिये अब लेक्चर न दे बस..

तनु - असली मर्द की तरह जीना है ना| तो पूरा दहेज लौटा ही दे  वरना दर्द बनकर जी

होल लाइफ..

मैं चलती हूँ...नो थैन्क्स मैं तो हर महीने ब्लड डोनेट करती हूँ इट्स माई ड्यूटी..नो थैन्क्स..  सुन तू भी ब्लड डोनेट किया कर.."कुछ पुण्य तू भी कर ले पापी" हुये निकल जाती है|


नरेशन व्यायस


आज साथियों!

तनु के ब्लड  से जलज की बीवी की जान बच जाती है और उसे जिंदगी का सच पता चलता है कि असली इज्जत मांगने में नही देने में है...जलज सोचता रह जाता है..कि वह कितना डरा हुआ सा जीवन जी रहा है..)चलिये देखते हैं जलज की लाइफ में और क्या नया सुधार होता है....


सीन23

अस्पताल के बाहर..


जलज दौड कर अस्पताल के बाहर तनु के पास पीछे से..

रूको थोड़ी देर...


तनु कहती है मैं मेरी बच्ची अकेले छोड़कर आई हूँ ...सॉरी मुझे घर जाना पड़ेगा | जलज तनु का हाथ पकड लेता है प्लीज कल शाम मैं तुम्हारे घर आ रहा हूँ बस | तनु...ओके बोल कर कहती है...मैं गुस्सा नही हूं...बीवी का ख्याल रखो अच्छे से...सब ठीक हो तब मिलते हैं | गुडनाइट|


जलज- मैं छोड़ दूँ तुझे..

तनु- नही रे! दहेज की गाड़ी से छोड़ेगा मुझे? उससे तो मेरे मेहनत की स्कूटी भली...चली जाऊंगी...यार.फिर

स्कूटी से निकल जाती है....



सीन...24


पाँच दिन बाद...जलज की कॉल...

मैं रोड पर हूं घर का एड्रेस मेसेज करो...

तनु कर देती है...

तनु देखती है...कि घर के बाहर जलज की कार खड़ी है...

वह जलज के सामने जाकर कहती है...

देख लिया मुझे अब जाओ बस

जलज- मैं जाऊँ...जाने के लिये आया हूँ क्या? ऐसा लगता तुझे?


तनु- यार काम से बुलाया था तुझे? ये लो रूपये !, अब दारू लेने भी खुद जाऊँ? तेरे होते हुये..

जलज- ये रूपये रखो बड़ी अमीर हो रही  आजकल!

तनु- देख ! घूर मत दारू पी सकूँ इतना  तो अपन कमा लेती है ...!

दारू बोतल दे जाओ..!

तुम जाओ..प्लीज..!

जलज..चुपचाप गुस्से से चला जाता है  ..

तनु अपनी कॉलोनी के बाहर सड़क पर ठण्डी हवा में  टहल रही है ..

फिर कुछ देर बाद..अचानक

जलज की कार पीछे से आकर रूकती है..  जलज- दारू की बोतल की पॉलीथिन देते हुये..कहता है लो अपना अमृत! .

तनु दारू की बोतल की पॉलीबैग पकड़ते हुये...थैन्क्स यार..!

वह गुस्से में गाड़ी आगें बढ़ा देता है..

तनु - हाथ में बोतल पॉलीथिन पकड़े ..कहती अरे! सुनो तो...वह देखते रह जाती..!

उसकी कार दूर निकल गयी...होती है..!


तनु बोतल लेकर अपने बैड पर आकर लैट जाती है...सोचती मेरा फट्टू इतना भी बुरा नही है..गुस्से में ही सही बोतल तो दे गया..

सो क्यूटी ...कितना प्यारा है....!



सीन...25


जलज...ऑफिस के केविन में अंदर..

पहले बताओ घर क्यूं नही आने दे रही...तुम तो अकेली हो ना...डर किसका?


तनु- शायद तुम भूल रहे मेरी चार साल की बेटी है ? उसको क्या जवाब दूँ...


जलज- बोल दो उसके नये पापा है बस...देखो सीने पर हाँथ रखो क्या हम जीएफ और बीएफ हैं, क्या मैं तुझे नही समझता ,क्या तू मुझे नही समझती,ऐसे ही चलता रहेगा बोलो| सोचो! मैं जा रहा हूँ...रात तुम्हारे घर आऊंगा..माथे पर किस करके कहता है...प्लीज एड्रेस मेसेज कर

 दो | तेजी से केविन के बाहर निकल  जाता है |

ऑफिस..में बाहर डैस्क पर बैठी लड़कियाँ..पीछे से तनु को घेर कर कहती...वाव! कहाँ से ढूंढा...हाये  सो हैण्डसम.....जोडी मस्त लगती है..

तनु - चलो जाओ नजर ना लगाओ?

लडकिया- तू नजर में नजर डाल के रख तो किसी की नजर नही लगेगी...

तनु- वाह वाह..इरशाद!


फिर सब हँस पड़ते है....


सीन...26

तनु फ्लैट..

समय रात


तनु सोचती है पहली बार जलज मेरे घर आ रहा कुछ नया होना चाहिये |  वह मार्केट से ढ़ेर सारे फूल खरीद कर अपनी फ्लैट की सबसे ऊपर की छत पर जाकर पूरी तरह से फूल बिछा देती है | नीचे उतर आती है...

जलज की कॉल आती है्...कहाँ हो मेरे सुकूँ

वह कहती है चलो बाहर मिलते है मैं घर पर नही हूँ...

जलज - यार तुम घर पर ही हो ना....

तनु- अच्छा मि. ऐस्ट्रोलोजर ..मतलब मानोगे नही..

जलज- मानूंगा नही...जानूंगा अपनी जॉन को अच्छे से...तू मुझे तेरे को जानने ही नही दे रही ...बेवकूप तुमको..समय दे रहा तुमको..खुश होना चाहिये...

तनु-इतने दिन मि.गायब थे ..अब टाईम दोगे...चलो आओ....



सीन...27


तनु -बच्ची से ये जलज अंकल है आपकी मम्मा के दोस्त ..नमस्ते करो...

बच्ची सहम जाती है..कि उसका प्यार बट गया..वह देखती...माँ और जलज हंसी मजाक में लगे हैं..किचन में साथ-साथ कॉफी बना रहे...कोई उसकी तरफ ध्यान नही दे रहा...वह चुपचाप गुमसुम...बैड पर लैट जाती है...

दोनो देखते अरे! बच्ची बड़ी जल्दी सो गयी..

तनु- चारो तरफ तकिये लगाकर उसे चादर उढाकर....कहती है...जलज..चलो ऊपर...छत पर..

तभी आस-पास से लड़ाइयों की आवाजें आ रही हैं...

जलज- यार यहाँ भी लड़ाई..कितनी बुरी तरह लडते लोग...किसी बच्चे का एग्जाम हो तो बेचारे को कितनी मुश्किल!

तनु- तभी तो तुमको बोला था नयी कॉलोनी में फ्लैट देखो?

तनु- तुम्हारी बीवी को भी समझाओ कि कम लड़ा करे बच्चों की पढाई पर गलत अस़र  पड़ता है|

जलज- पक्का यार...अब ध्यान रखूँगा |

वैसे तुमसे मिलकर जाता हूँ तो बीवी की

डाँट भी मक्खन लगती है मैं उसे प्यार से देखता रह जाता हूँ बस सच बताऊँ तो रोम खुश रहता है..मेरा ऑफिस में भी किसी से सब पर प्यार आता है मन शांत है |

मुझे बहुत बड़ा काम मिला है इस बार..

मैं इस बार अपनी कमायी से कार लूँगा...सबकुछ...और निशा के मायके का सबकुछ धीरे धीरे लौटा दूंगा | निशा के घरवालों से आँख मिलाकर बात तो कर पाऊँगा....देख! तनु इस बार में निशा के मायके वालों को सरप्राइज गिफ्ट दूँगा|

इतना कहकर वो तनु को गले लगा लेता है|


दोनों दबे पाँव जीना चढ रहे और  छत पर पहुंचते है जलज कहता..छत से फैकेगी क्या मुझे? क्या इरादे हैं..

तनु - सोच तो रही तूझे नही तेरी इगो को थत से फैंक दू..आजकल बहुत भाव खा रहा...

जलज- तू भी भाव खा तुझे किसने रोका है..

तनु- ओये! मै लडकी हूँ मैं डबल भाव खाऊँगी..

जलज- तू ना त्रिपल भाव का...गिनीज रिकॉड बना ले भाव खाने का...

तनु- रूक तू..जलज भागता है तो..देखता..पूरी छत पर जहाँ तहाँ फूल ही फूल  बिखरे हैं..

 तनु - इशारा करती धीमे बोलो- कोई देख -सुन ना ले...जलज के पांव के नीचे फूल ही फूल वह खुश हो जाता और कहता कि यह तो लड़के करते लड़कियों के लिये...सो नाइस यार !..कितनी सुन्दर खुली हवा..मुझे खुली -खुली जगह बहुत ही पसंद है !


सचमुच...तुम मेरे पसंद को सब कैसे जान जाती हो यार!

तनु- सच्चा प्यार हो तो इंसान भगवान को भी जान जाता है..तुम इंसान क्या चीज हो!


तनु- लड़की ने लड़के को थोड़ी सी खुशी दे दी क्या गलत कर दिया...वह फूल उठाकर जलज के ऊपर बरसा देती है..जलज भी उसके ऊपर बरसा देता है..फिर एकाएक जलज उसे बांहों में भर है और मांथे गले गालों पर किस करने लगता है.

दोनों ही सारी हदें लाघ जाते हैं और एक दूजे में समा जाते हैं |

जलज धीरे से कहता आई लव यू यार जन्नत तुम्ही तुम हो ...दुनिया जो कहे तुम मेरी जिम्मेदारी हो मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ |


तनु -मुस्कुरा उठती है सोचती है साला! घोड़े की लीद डॉयलॉग मार रहा बीवी की कॉल आ जाये तो अभी फट जायेगी ..


जलज क्या सोच रही...तनु कुछ नही..फिर.दोनो गले लग जाते हैं..

तनु- यार ये जो परीक्षा दी है अभी इसकी यानि प्यार की निशानी भी आयेगी समझे..भाग तो नही जाओगे |


जलज- नही यार मैं पूरे नौ महीने तुम्हारा इतना ध्यान रखूंगा कि तुम खुशी के आँसू रो पड़ोगी..मैं मेरे बच्चों का बचपन देख ही नही सका दिन रात काम की भागदौड़ में अब हमारे बच्चे से सब पूर्ति कर लूंगा..यार जल्दी करो ना..कब होगा...कान में कहता है धीरे से यार परीक्षा तो अच्छे से दी..न मैने..

तनु- शर्मा के..हट साले..पगले..

जलज- शर्मा गयी .. मैनै कुछ गलत बोला..

वह उठ कर जाने लगती ..

जलज- बताती जाओ परीक्षा में कितने नम्बर दोगी मुझे..या फिर से पेपर देना होगा..

तनु- मुँह पर उंगली...रखकर इशारा..चुप रहो..आसपास कोई सुन लेगा...


कुछ देर बाद दोनों नीचे उतर कर आते हैं...वह अपने घर को चला जाता है |


सीन...28


ऑफिस से कॉल करता यार तनु...जो होना था अपने बीच हो चुका है चलो इस रिश्ते को पवित्र बंधन में बांध दें| कम से हम तो हमारे रिश्ते की कद्र करें| चलो आज ही मंदिर में शादी करेगें|


सीन...29


दोनों मंदिर में शादी कर लेते हैं

भगवान के सामने एक दूसरे का साथ देने की कसम खाते हैं -


फिर दोनो रोज ही मिलने लगते है ..

मुलाकातें होने लगती हैं......


सीन..30


तनु- यार अब तेरी बीवी की कॉल कम आती ऐसा क्यूँ ?

जलज- सब आपके जादुई फॉर्मूलों का असर है..बीवी की शिकायतें कम हो चुकी हैं...मैने खुद कॉफी चैंजिस किये है यार...सब खुश...



सीन...31

एक दिन तनु कहती है कि जलज में प्रेग्नेन्ट हूँ..हमारे सच्चे प्यार की निशानी हमारे गोद में होगी | यह सुनकर जलज कहता ये मत करो यार कहकर कॉल डिसकनेक्ट कर देता है ...



सीन..32


गुस्से से भरी तनु सोचती है प्रेग्नेन्ट करते समय नही सोचता मर्द जब प्रेगनेन्ट हो जाओ तो साला सांप सूघ जाता है...जानती थी एक न.का फट्टू है ..फिर भी खिंचती चली गई..सारी गल्ती मैं ही हूँ...वह अपनी सहेली उर्वशी के रूम पर पहुंच कर पूरी बात बताती है तो उर्वशी कहती है कि तुम इतनी टैलेन्टिड हो हर तरह का काम जानती हो ना तुम भूखी मर सकती ना तुम्हारी औलाद..कर लो डर काहे का...

नौ महीने नही कर पाओगी...पर मैं हूँ ना मेरी जॉन..प्यार नशीब से मिलता और औलाद भी इसे मत गिरा ....अपने फालतू डर को गिरा डाल..अगर बेटी हो तो मेरे दो लड़के हैं चल मुझे दे देना और बेटा हो तो कहीं भी छोड़ आना..दुनिया जाने कुछ लोग बेटा भी छोड़ देते हैं ..मजाक कर रही हूं...डार्लिंग..देख हिम्मत न हार...!


सीन...33


इधर जलज अपने दोस्त से पूछ रहा," कि मेरा एक दोस्त है पूरी कहानी सुनाते हुये ...क्या वह उससे एक बच्चा और कर ले |

उसका दोस्त कहता है..दिमाग ठिकाने पर है ये फिल्म नही असली दाल रोटी वाली जिंदगी है ..बीवी तलाक दे देगी..घर टूट जायेगा..जेल काटोगे ब्याज में..दोनो ओरतों को खर्चा देना भी पड़ेगा...समाज रिश्तेदार कहीं मुंह दिखाने लायक नही रहोगे...सुन साले कहीं ये तेरी कहानी तो नही....तेरा मुंह क्यों सफेद पड़ गया..जलज..मेरी नही कहानी..यूंही बस..

दोस्त- जेल की रोटी या भाभी के हाँथ की रोटी

समझे.....जलज...चलता हूं...मुझे काम है...

जलज की हकीकत सुन फट जाती है.....


सीन..34


तनु को मेसेज करता है गिरवा दो यार..

मुझसे गल्ती से हुआ ये सब..प्लीज सब भूल जाओ मुझे भी....

तनु कॉल करती है...अब कॉल करने की भी नही रही ना....चुप ही रहो अब..

गल्ती मेरी है जो बार बार प्यार की तलाश में ही हांथ आता है |



सीन...35


जलज तुम बच्चा गिरवा दो..!

तनु- तुम तम्हारा मकान गिरवा दो जाकर

जलज- बेवकूप ! बना बनाया घर क्यूँ गिरवा दूँ?

तनु- तुम सीमेन्ट ईंट का घर नही गिरा सकते और मैं इस नन्हें जीवन को गिरवा दूँ| मैं अपनी औलाद कैसे और क्यों गिरवा दूँ?

जलज- ना क्यों प्रोब्लम क्रिएट कर रही हो...हम अच्छे दोस्त रहेगें यार..

तनु - कल कहते थे बीएफ न कहो लव कहो हस्बैण्ड हबी कहो...आज फ्रैण्ड रहेगें...

तुम तो गिरगिट के भी बाप निकले |   

जलज - आ गयी ना अपनी औकात पर |


तनु- औकात पर आ जाती तो इन पॉच साल में तुम्हारा घर बर्बाद हो चुका होता |

रखैल नही हूँ कि सैक्स किया और निकल लिये..मैने सच्चा प्यार , अभी एक फोन मिलाऊ रोड पर आ जाओगे..


जलज- और तुम जैसी लड़की से उम्मीद भी क्या करी जा सकती है..

तनु- तुमसे भी मुझे यही उम्मीद थी..पर तुम जितनी गिरी नही हूँ| इंसानियत है मुझमें..


मै्ं  ऐसा-वैसा कुछ नहीं करूगी..क्योंकि प्यार तो आबाद करता है..मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया तुमने  कैसा किया..ये तुम जानो |

मैं भगवान मान तुम्हारे पांव छू सकती हूँ पर मुझे पाँव की जूतीनही समझे कोई| इतनी तो औकात रखती हूं | स कहूँ तो तुम्हारी क्या औकात? एक प्रोपर्ट्री डीलर हो कितने लोग जानते तुम्हें?  इज्जत और समाज का डर सता रहा...

रात के अंधेरे में मजे लेते हो और दिन के उजाले में मुँह फेर लेते हो | वाह! रे मर्द विरीदरी..

.बच्चा पैदा मैं कर रही हूं पीर तुम्हे उठ रही कमाल है...

जलज - बस करो बकवास मेरे कान फट रहे हैं ..तुम्हारी बकवास के कारण ही पहले आदमी ने छोडा होगा ..

तनु- निकल जाओ इस कमरे से और मेरी जिंदगी से मैंने प्यार किया है मैं बच्चे को जन्म दूंगी..और अच्छी परवरिस दूगी...मुझे किसी मर्द की जरूरत नही मैं सक्षम हूँ और बच्चों को भी बनाऊँगी तुम जैसे फट्टू से मैं सिंगल बेहतर|

जलज - सिर झुकाये निकल जाता है |


( जलज के पल- पल बदलते स्वभाव और वेबफाई और बैरूखी के चलते..वह अंदर तक टूट चुकी है..पर दिखा रही कि वह बहुत मजबूत है..फिरवह समाज दोस्त सभी से कट कर दूर नयी नयी जगह सिफ्ट करती है..सामान की शिफ्टिंग में जोजो पूरा साथ देती है..तनु अलग   रूम लेकर रहने लगती है.. जलज आकर कहता ये रूम ठीक रहा..तनु चुप है)


सीन-36

...


ये पूरे नौ महीने

जलज आता है..तनु के तकिये के नीचे पैसे रखकर चला जाता है...ना हाल पूछता ना कोई बात करता..ना दो मि. से ज्यादा रूकता..

महीनों से जलज की यह चुप्पी तनु के मन ं घाव कर देती है..


एक दिन जलज आकर कहता..ये लो रूपये काम चल नही रहा..मौरम बहुत मंहगी हो रखी है ..तू काम करना कब से शुरू कर रही है?

तनु- ऐसी हालत में ऑफिस जाऊंगी..डिलीवरी के बाद ही सोच सकती हूँ ..तुम मत दो पैसा मै तो नही मांग रही..

जलज- टेबल पर पैसे रख कर चुपचाप चला जाता है...( रास्ते में सोच रहा कि डरता हूँ  पैसे देने बंद कर दिये अगर तो ये गुस्से में कहीं थाने में जाकर रिपोर्ट न कर दे मेरी| इसका क्या भरोसा)

तनु ..के आँसू थमते ही नही है..

तनु  मानसिक तनाव में है..जोजो से जबरजस्ती मंगा के कभी दारू पीती है कभी सिगरेट पीती है. धोके के आँसु से समय भीगता हुआ सा गुजर रहा है ...रात दिन कभी पास्ट याद करती कभी आज याद करती..


कभी बच्ची को देखती कि जो अब तनु से     ठीक से बात भी नही करती उसकी बेरूखी..कांटे की तरह चुभ रही ..कि जलज के कारण बच्ची को कहाँ टाईम दे पायी हूँ...पहले ले जाती थी उसे पार्क ..अब आया के भोरोसे कभी जोजो के भरोसे...ये मैने क्या कर दिया....!

तनु मन ही मन कहती है," हे! भगवान तू मुझे जिन्दा रख मेरी बच्ची के लिये पर मुझे मेरा सब पास्ट भुला दे..बस  |"


सीन..37


आज 9वाँ महीना भी पूरा होने को है...

एक दिन चैकअप के बाद..

डाक्टर कहता है -डिलीवरी टाईम आज   रात 1-2 बजे है लगभग

जागृति उर्फ जोजो..खुशी से..तनु से कहती है आज रात बेबी हो जायेगा...हाऊ स्वीट

तनु मुस्कुराती है..आँखो से आँसू टपक रहे उसे उसकी सहेली के अलावा कोई नही

दिखता ..जलज आता है कुछ रूपये..तकिया के नीचे रख कर कहता मेरी जरूरी मीटिंग है मैं टाइम नही दे पाउगा |

तनु- ये रूपये देते हो बात भी नही

करते..मुझे लगता कि खुशी से तो खर्च दे नही रहे हो..ये पैसा भी तुझे दुखता ही होगा..अपना पैसा उठाओ और चले जाओ..मत आया करो यहाँ..शक्ल दिखाने...बस

जलज...चुपचाप चला जाता..


सीन38

.....


तनु रात में 9बजे लेवरपेन  शुरू हो जातें हैं   वह दर्द से बहुत चिल्लाती है....

फिर दस मिनट बाद दर्द कम होने पर.जलज को कॉल करती है..बताती है..जोजो भी बच्ची अपने घर ले गयी है..मेरे पास इस वक्त कोई नही है..तुम आ जाओ..प्लीज..


जलज- रात 1-2 बजे का वक्त..क्या जल्दी नही हो सकता..ओह गॉड


तनु- अब ये भी मेरे हाँथ में है क्या?


जलज- आया रखनी चाहिये थी ना..

मैं तो इस टाईम फैमली के साथ मंदिर आया हुआ हूँ..मैं तो नही पाऊँगा...कहकर कॉल काट देता है..

तनु- रो पड़ती है..सोचती है अभी दूसरा कॉल उसकी बीवी को करके इसको बर्बाद कर दूं..साला ये इतना खुदगर्ज और कठोर निकलेगा...ये तो नही सोचा था..

ये तो धोकेबाजों का भी बाप निकला...

वह सिगरेट पीती है...फिर गुस्से और स्वाभिमान से भरी हुई रूम से बाहर निकलती है..और देखती उसकी स्कूटी गायब है..शायद जोजो ले गई..सोचते हुये सामने जोजो की फोरव्हीलर खड़ी है ...वह  अंदर मेज पर रखी गाडी की चाबी उठाती है..और तेज दर्द में खुद गाड़ी  ड्राईव करके हॉस्पिटल पहुंचती है...


सीन...

डॉक्टर और तनु


सामने डॉक्टर ..जैसे ही तनु को देखते आपके साथ कोई है क्या..ये फॉर्म भरना होगा पति के साइन भी...

तनु फार्म भरकर कहती ..मैं सिंगल मदर बन रही हूँ मेरे लवर ने मुझे धोखा दे दिया...हो सके तो आप बड़े भाई कीतरह मेरी मदद करो..

फिर डॉक्टर को शॉर्ट में पूरी कहानी सुना द्ती है ...

डॉक्टर..मैं तुम्हारे साथ हूँ .सैल्यूट तुम बहुत ब्रेव हो...मैने तुमको कई  इवेन्ट में देखा है..तुम तो बहुत ट्लेन्टेड पर्सनाल्टी हो.. फिर वह...नर्स को बुलाकर कहता है..मेरी रिलेटिव है...प्लीज इन्हें स्पेशल वार्ड में ले जाओ..

तनु कराहते हुये..थैन्क्स...!

तनु- स्पेशल वार्ड में लेटी है...जोजो को मेसेज कर रही है...

रात जोजो आ जाती है जो तनु के पास उसे हिम्मत बंधा रही है...

थोड़ा सहन कर यार...सब ठीक हो जायेगा..देखना बच्चा का मुँह देखते ही वह  पहले जैसा अच्छा हो जायेगा...

तनु दर्द है सोचरही कि सुबह जब जलज बच्चे को गोद में उठायेगा तो यकीनन मुस्कुरा कर सब पहले जैसा हो जायेगा ..मुझे और हमारे बच्चे को खूब प्यार करेगा..एकाएक सोचती अगर ना आया तो..?.मुझे नही लगता वो आयेगा....!



         नरेशन व्यायस


(और !

फिर वही हुआ जो ऐसे असामाजिक सम्बंधों में होना तय है कि ऐसे अनचाहे रिश्तों की कोई मंजिल नही हुआ करती इस प्रेम के तो बस आँसू ही गवाह होते है पर जो बोल नही सकते और जो बोलें भी तो लोग उस भाषा को समझ नही सकते..

 सोच की उधेड़बुन में कराहती तनु..! रात..10 बजे से..रात ड़ेड बजे तक लेवर पेन में चिल्लाती रहती है.....)


सीन..39


सुबह बेबी पास लेटा है

जलज आता है ..

सिर झुका है..वह बच्चे को गोद में लेना तो दूर ..बच्चे की तरफ देखता तक नही.

कहता है ये पैसे रख लो..

तनु - नही चाहिये पैसे..

जलज- मुझे सच्चा प्यार करती थी  सचमुच?

तनु- हाँ ! अब भी कोई शक है ये बच्चा हमारा है समझे..फिर भी मुझे जैसे चाहो वैसे आजमा लो..मेरे प्यार पर क्वेशन मार्क मत लगाना?

जलज- एक वादा करो मेरी कसम खाकर

तनु- बिना कसम के भी, "मैं बात की बहुत पक्की इंसान हूं" जो कह दिया पत्थर पर लकीर...

जलज- उसका हाथ अपने सिर पर रखवा कर ये सब तुम कभी किसी को नही बताओगी से नजायज प्यार की औलाद है बस मेरी फैमली से हमेशा दूर रहोगी..और मुझे भूल जाओ बस..की मैं अपनी फैमली के साथ हैपी लाइफ जीना चाहता अपनी फैमली के साथ प्लीज..मेरी बीवी बहुत अच्छी...!


इन दोनों का झगड़ा देख रही तनु की सहेली

बीच में बोल पड़ती..तीन ताली बजाती हुई

वाह ! मि. मर्द..तेरी बीवी कब अच्छी थी..तुम्हारी कब पटती थी उससे..?

जिस औरत ने तेरी वाइफ को खून दिया ! जिस औरत ने तुझे सच्चा प्यार किया..जिस औरत ने तेरे घर के झगड़े बन्द करा दिये ..जिस औरत ने तुझे इंसान बनाया तेरे माथे से दहेजलोभी का कलंक मिटाया ..जिस औरत ने कभी तेरा खर्चा नही कराया कभी तेरा घर नही तोड़ा..उस औरतको तूने छोडा आज? जिसने तुझे फिर से बाप बनाया.उसे भला बुरा कह रहे हो..प्यार करना अपराध है तो करते ही क्यों हो?


तनु- चुप हो जा जो जो..!.तुम्हें इस इंसान ने कुछ गलत बोल दिया तो अब मैं खुद को सम्भाल नही पाऊंगी..

तुम नैपी और सिनेटाइजर ले आओ जाकर प्लीज..

जोजो- ओके..दोनो को देखते हुये

.वह वहाँ से चली जाती है.. 




तनु- जलज की तरफ वाह! इससे अच्छा गोली मार देते आकर |


तुम क्या मुझे छोड़ेगे मैं तुम्हें छोड़ती हूँ...तुम मेरे प्यार के लायक ही नही थे | लास्ट बात ना प्यार नजायज होता है और ना ही औलाद..|,नजायज  होती है तो सिर्फ तुम जैसे फट्टू मर्दों की घटिया मानसिकता और  डगमगाते इरादे..जब जिगरे में  दम नही साला | तो प्यार करो ही मत..जो करो तो निभाओ फिर !


तनु.- जलज के सब रूपये जलज के  हाथ पर रखते हुये..और  एक नोट से बच्चे की नजर उतार कर रख जलज के हथेली पर रख  देती है..इतना तो कमाया ही है मैने कि मैं अपना खर्च उठा सकूँ...जाओ माँगने आये थे ना..लो  भर दी तुम्हारी झोली ...!आज मेरा बच्चा हुआ है कोई खाली नही लौटेगा.यहाँ से

.जॉन भी मांग लो वो हाजिर है....

वादा किया तो निभाऊँगी

..जाओ.आजाद हो तुम..!

देखा! सच्चे प्यार का असर मैं सबकुछ खोकर भी खुश हूँ ...पर तुम सब कुछ पाकर भी बैचेन हो..!
वैसे तुमने तो कभी प्यार क्या ही नही था ये सब प्ले किया तुमने | मेरे दिल से खेला है बस |


...अलविदा  ...!

मैं तुम्हें नही जानती....मेरे मन की आँखों के एक अधूरे ख्वाब थे तुम....!

जलज के जाते ही...

जोजो तनु के पास आ खड़ी होती ..बोलती डियर में बाहर ही थी सब सुना..तनु उसके गले लग के रो पड़ती है....!

जोजो-ख्वाब का काम ही होता है दिख के गुम हो जाना...नवजात बच्चे को गोद में देते हकीकत के लिये जियो अब..आँसू पोछ लो....!

Second part comming soon.




No comments:

Post a Comment