एक लिफापा मदद वाला /सेवा ही धर्म - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Tuesday, November 14, 2017

एक लिफापा मदद वाला /सेवा ही धर्म

"सेवा ही सुकून"

चलो घर से बाहर निकला जाये
सच को देखा,समझा जा़ये |
चलो घर से बाहर निकला जाये
सच को शीष नवाया जाये |

ब्लॉगर
आकांक्षा सक्सेना
































...🙏धन्यवाद भगवान🙏...

1 comment:

  1. वाह! बहुत सुन्दर आकांक्षा| मन गद्गद् हुआ देखकर|

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