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हाँ हम भी कलाकार - ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना


कलाकारों पर मेहरबान राजनीति-
#हाँ #हम #भी #कुशल #कलाकार



आजकल खिलाड़ियों और कलाकारों को राजनीति में बहुत ज्यादा सम्मान मिलता दिख रहा, हाँ यह अच्छी बात है। पूछो तो वो कहते हैं हम कला के कद्रदान.. तो वो जो सड़क के किनारे जूते गांठ रहा जो एक समय में जादूगर हुआ करता था, जो एक समय में सर्कस में मौत के कुएं में कार दौड़ा दिया करता था,जो एक समय में सौ गुब्बारे बिना मशीन मुंह से फुलाकर बेचा करता था जिसने कभी इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप भी किया था पर माता-पिता का झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज और गांव के अंधविश्वास ने उनको समय पर रक्त न मिलने पर अपने पास बुला लिया। जिंदगी के कांटों के एक तार पर जैसी परिस्थिति से झूलते और जूझता हुआ वह बालमजदूर ना बनकर सड़क पर जूते गांठ रहा
क्या वह अद्भुत कलाकार नहीं? 




क्या उसमें हुनर और काबीलियत नहीं? अरे! वह भी किसी डॉक्टर से कम है क्या? जो आपके ज़ख्मी एक्सीडेंटल जूतों, सैंडल, चप्पलों को गजब के टांके -टीके लगाकर स्वस्थ्य करके आपके मुलायम पांव और आपके सम्मान की हिफाज़त करता है। क्या वह सभ्य भारतीय नागरिक नहीं? 

अरे! जनाब कला तो उसमें भी गजब की है, फटे-उखड़े जूते को मिनटों में गांठने की? वह तो अराजक और उपद्रवी भी नहीं। वह तो कमाल का विनम्र, विनोदप्रिय जो सामने से गुजरती कारों पर पत्थर भी नहीं फैंकता यानि दुरूस्त मस्तिष्क। 
वह ना ही ईर्ष्यालु और न ही झगड़ालू।उसकी पत्नी जो चकिया,पत्थर के सिल-बट्टा टांकती यानि खूबसूरत कलाकृतियां उकेरती है और गली-मोहल्‍ले में चकिया व सिल-बट्टे टांक कर दो वक्त की इज्ज़त की रोटी कमाती है। 

यह जूतों का सर्जन भी गजब का धैर्यवान और स्वाभिमानी व्यक्ति है। उसका एक संस्कारी बेटा जो पुराने कपड़ों पर गजब की कारीगरी करके उसे नया बनाकर उसकी बेहतरीन जूतियां बनाता है,वो भी हर नाप की, हर माप की। आप तो कुतर्क करने में माहिर हो सरकार! कहोगे ये कैसे चुनाव जीतेगें? 

      सच है साहिब गरीब के पास भगवान का दिया सबकुछ है सिवाय लम्बी जुबान और लम्बी गाड़ी के......!
जिनके बिना वह चुनाव कैसे जीत सकते हैं भला.....
पर आप तो कला के कद्रदान मालूम होते हो... साहिब!
क्या उस गरीब सभ्य और ईमानदार व्यक्ति की कला को आप आपकी पार्टी में जगह - पद-प्रतिष्ठा- सम्मान देगें? 

देगें या सिर्फ़ उससे लेगें ही, उसका कीमती वोट......

बड़े आये कला के हिमायती?

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ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना 



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