BURE WQT NE MALIK KE KARIB PAHUNCHA DIYA. - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Thursday, September 20, 2012

BURE WQT NE MALIK KE KARIB PAHUNCHA DIYA.


                                                                        इबादत 
.................................................................................मत सोचो ज़िन्दगी मै कितना बुरा हो चुका 
बुरा वक्त था दोस्तों 'देखो 'गुजर गया।।
बुरे समय से पहले कैसे सुन्दर लगते थे तुम ?
वो समय बीत गया और तुम्हें हसीन बना गया।।
  
मत सोचो चोटें और कितने घाव है झेले 
तुम्हारा घाव भी तुम्हे जाते -जाते सलाम कर गया ।।

पत्थरों ने बरस के तुझको ध्यान से देखा 
तेरा धैर्य पत्थरों को भी  सुन्दर मूरत बना गया ।।

देकर  हजारों  गम खुदा ने आखिरकार.. ये पुछा 
          ऐ मेरे बन्दे तू ये सब कैसे सह गया ?

ऐ मेरे रब मैंने कुछ भी नहीं किया 
कुछ भी नहीं किया .......
तुझपर था यकीन बस  चलता  चला गया 
सच मैंने कुछ भी नहीं  किया ....
कुछ भी नहीं किया ......

"तू चाहता है  क्या बोल मेरे बन्दे 

मांग ले ये "कायनात"सब तेरे हे लिए है''

इतने गम दे मुझे की*****
..**** फिर कोई मुझे गमगीन देखी न पड़े ***

"ये क्या मांग लिया तुने ऐ मेरे नेक बन्दे"

इसी ''गम'' ने आज,तुझे मेरे  सामने ला खड़ा किया 

"अरे ,मांग मेरे बन्दे मौका है तेरे पास''

 .....या मेरे मालिक *****
.. अपने बन्दों की दुआ क़ुबूल किया कर ....
..अपने बन्दों की इल्तजा क़ुबूल  किया कर ...

*"तू सामने है मेरे मुझे और अब  क्या चाहिए"* ....
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**** मालिक ने उसको उठाया  और सीने से लगा लिया

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और मुस्कुरा  के कहा,"जो बन्दे नेकी पर चलते है वो मेरे इतने ही  करीब है''।
*******ख़ुशी बाटों और खुश  रहो सदा ************
.................................................................................

" ख़ुशी बाटने से बढ़ती  है, कुछ पल की जिंदगी है,आओ मालिक की इबादत कर लें  खुशियाँ बाटें ,किसी की बददुआ न लें ,जितनी हो सके सभी की मदत करे  हम। ।।तो मालिक हम-सब मै आकर बस जायगा"।

 ये प्यारी इबादत ......हमने 11अप्रैल 2012 मै  लिखी थी।  
                                             आकांक्षा सक्सेना 
                                             बाबरपुर,औरैया 
                                              उत्तर प्रदेश .



















    


2 comments:

  1. ख़ुशी बाटने से बढ़ती है, कुछ पल की जिंदगी है,आओ मालिक की इबादत कर लें खुशियाँ बाटें ,किसी की बददुआ न लें ,जितनी हो सके सभी की मदत करे हम। ।।तो मालिक हम-सब मै आकर बस जायगा"।

    बहुतखूब

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  2. ji sir ji, aapka bhut dhnyvad....ki aapne es layak samja.

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