समाज आज कल 
               (साड़ी )
.............................................................

समाज के कुछ लोगों की आधुनिक सोच देखो ये क्या 

आधुनिक समय का प्रभाव है आप बतायेगा ...


सास -  बहु ये लो साड़ी, में बनारस गई थी बेटा वहीं से 

तेरे लिए लाई हूँ। देख रंग तो ठीक है ना ।

बहु  - वो सब बाद में कितने रूपये की है ।

सास - तुझे पसंद है ना,बेटा 

 बहु (कुछ सोचते हुए) - अरे ! होगी 200 रुपये की तभी 

नही बता रही । सासु माँ मैं अभी आती हूँ और एक साड़ी
 
उठा ले आई देखो माँ जी कल मेरी मम्मी ने भिजवाई है

पूरे 2000 रुपये की है,कैसी लगी ।

सास मुस्कुराई -  अच्छी है बेटा 
.........................................

अब  सवाल ये उठता की सासू माँ मुस्कुराईं ?

।। क्लेश बचाना है तो मुस्कुराना पड़ता है ||

              समय की मांग है 


  आकांक्षा सक्सेना बाबरपुर,औरैया उत्तर प्रदेश 


Comments

Popular posts from this blog

एक अश्रुकथा / कथा किन्नर सम्मान की...

रोमांटिक प्रेम गीत.......

सेलेब टॉक : टीवी सैलीब्रिटीस 'इकबाल आजाद' जी का ब्लॉग इंटरव्यू |