प्यार वो ऐसी हस्ती है 







                       


                                                                    
जब दिल ज़ोर से धड़कता है और आत्मा भी रो पड़ती है 
भगवान को भी झुकना पड़ता है प्यार वो ऐसी हस्ती है 
  
जब कोई धीमे -धीमे मरता है स्वांसों से हिलता-डुलता है   
आख़िरी वक्त मैं जो सांत्वना देती है प्यार वो ऐसी हस्ती है 
  
जब कोई गलत जगह फंस जाता है मझदार मैं बहता जाता है 
डूबने से जो उसे बचाती है प्यार वो ऐसी कस्ती है

जब कोई बेघर हो जाता है  साया भी दूर चला जाता है 
उस वक्त जो ढाढस बंधाती है प्यार वो ऐसी शक्ति है 

दुःख के तूफानों मैं जो उड़ जाता है लाचारी के थपेड़े खाता है 
थपेड़ों मैं जो ठंडी हवा बन बहती है प्यार वो ऐसी मस्ती है 

जो उठता है कोशिश करता है और दुनिया उसे गिराती है 
 गिरते को जो थाम लेती है प्यार वो ऐसी शक्ति है 

जो दुनिया से चले जाते है और कभी न वापस आते हैं 
जो रूहों को वापस लाती है प्यार वो ऐसी हस्ती है 
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आकांक्षा सक्सेना 
बाबरपुर जिला औरैया 
उत्तर प्रदेश 
दिसम्बर 2004 की लिखी हुई है ।

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