अगली पहल- अखबार ढ़ाके‌ं, कीटाणु भागें (एक वादा स्वच्छता वाला)। - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Sunday, December 10, 2017

अगली पहल- अखबार ढ़ाके‌ं, कीटाणु भागें (एक वादा स्वच्छता वाला)।

अगली पहल-  अखबार ढ़ाकें, कीटाणु भागें |

खाद्य पदार्थों पर ढ़ाक दिये अखबार और बांटे अखबार |
(बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ को अखबार/साफ पेपर से ढ़ाकते हुये - सभी दुकानदार भाईलोग इतने अच्छे हैं कि आप समझाओगे तो चीजें ढ़ाक कर ही बेचेगें -चीजें मक्खी से बचेगीं तो हम सब स्वस्थ्य रहेगें | कृपया हमारी छोटी सी मुहिम/पहल को आप भी आगें बढ़ायें  | सभी से लीजिये |एक वादा स्वच्छता वाला |
बदलाव बदलाव कहने से और किसी दूसरे से उम्मीद रखने से
कुछ नही होता, बदलाव की शुरूवात होती है खुद से |

(हम छोटे स्कूल -कॉलेज में पढ़ने वाले  स्टूडेन्ट्स जो भी इस पेज से जुड़े हैं, से कहना चाहूंगी कि बदलाव के लिये ढ़ेर सारे धन और बड़े पद की जरूरत नही बस जरूरत है तो मजबूत इच्छाशक्ति की | आप भी अपने शहर में पुराने अखबारों से शुरूवात कीजिये |
सत्य आपके साथ है |)
🙏🙏🙏

आकांक्षा सक्सेना
ब्लॉगर समाज और हम
















🙏धन्यवाद 🙏














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