Breaking News

अब इश्क़ की गलियों में भटका नहीं करते हम

 इश्क की गलियों में




हम कितने नादाँ थे
हम कुछ न समझते थे 
उसकी एक अदा पर हम
ये जान छिड़कते थे
फिर पता चला हमको
उनकी उस फितरत का
वो प्यार समझते नहीं
न प्यार वो करते हैं
समझ आता है उनको पैसा
भाषा पैसे की समझते हैं
उनको है नहीं मालूम 
कि अब हुस्न की गलियों में
भटका नहीं करते हम
इन मखमली निगाहों में
फिसला नहीं करते हम

जाँ जिसको था माना
मिट गयी वो ग़ैरों पर
अब रंगीन पहेलियों में
उलझा नहीं करते हम

अब इ़श्क की गलियों में 
भटका नहीं करते हम

दिल होता है प्यासा 
फिरता है मारा मारा
अपनी इस धड़कन का
सौदा नहीं करते हम

अब इश्क़ की गलियों में
भटका नहीं करते हम
इस धोखे की चाँदनी में
डूबा नहीं करते हम

पीछे है पड़ा मेरे
बर्बादी का साया
उसको है नहीं मालूम
कि अब बहका नहीं करते हम

अब इश्क़ की गलियों में
भटका नहीं करते हम
आज वादों से सजीं मेहफिलें
कल गुमनामी की रातें
पलको का नींद से अब
झगड़ा नहीं करते हम
अपने करियर को
बर्बाद न करते हम

अब इश्क़ की गलियों में
भटका नहीं करते हम

-03:52am THU 2020

-ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना 

No comments