November 2012 - समाज और हम

समाज के समन्दर की मैं एक बूँद और प्रयास वैचारिक परमाणुओं को संग्रहित कर सागर की निर्मलता को बनाए रखना.

Friday, November 30, 2012

November 30, 2012 0
          समाज आज कल                  ( साड़ी ) ............................................................. समाज के कुछ ...
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Thursday, November 29, 2012

November 29, 2012 0
ओ ! ज़ालिम  ............... करवट मैं तेरी ओ ! ज़ालिम  पैमाने लाख छलक जाएँ  तुझे पाने की हसरत में  दीवाने रोज़ ...
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Thursday, November 22, 2012

Wednesday, November 21, 2012

November 21, 2012 0
                   मालिक    वाह रे ! मेरे मालिक लोग तेरी चोखट पर आकर तुझे  नहीं मांगते .............अजीब दास्ताँ है ...
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Sunday, November 18, 2012

November 18, 2012 2
बचपन कुरुर हाँथों मैं .. .............................. उन मासूम निगाहों का भोलापन खो जाता है  चंद रुपैयों से उनका भा...
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Friday, November 9, 2012

November 09, 2012 0
आओ साथ आयें  ....................  कोहराम  ना मचाओ  मशालों को न  बुझाओ  आस को राखिए ज़िंदा  ...
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Wednesday, November 7, 2012

November 07, 2012 0
हर कोई आज व्यस्त है  धन ही  आज धन है  आकांक्षा सक्सेना  बाबरपुर ,औरैया  उत्तर प्रदेश 
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November 07, 2012 0
भ्रष्टाचार हर कोने मैं    मानवता लुटती आज चोड़े मैं ।। आकांक्षा सक्सेना  बाबरपुर, औरैया  उत्तर प्रदेश 
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Tuesday, November 6, 2012

November 06, 2012 1
घमंड काहे का सनम  ........................ घमंड  काहे का सनम  साथ जाने को कुछ भी नहीं पड़े यहीं सिंघासन सारे ...
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